UP Board रिजल्ट 2018: हिंदी विषय में हुए इतने विद्यार्थी फेल, जाने कारण तथा निवारण

UP Board एग्जाम 2018 की कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों में हिंदी विषय का रिजल्ट काफी खराब रहा है. UP Board कक्षा 10वीं तथा 12वीं दोनों कक्षाओं में करीब 11 लाख स्टूडेंट्स हिंदी विषय में फेल हुए.

इस वर्ष 10वीं कक्षा में 3028767 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिसमें 780582 परीक्षार्थी उत्तिर्ण नहीं हो सके. जबकि 12वीं बोर्ड परीक्षा में 2604093 परीक्षार्थियों में से 338776 परीक्षार्थी उत्तिर्ण हुए.

वहीं क्षेत्रीय भाषाओं की यदि हम बात करें तो इसमें सभी परीक्षार्थीयों के पास होने का प्रतिशत काफी अच्छा रहा है. इसमें असमी, मलयालम, मराठी, नेपाली आदि भाषाएं शामिल है. गणित में 74.45 फीसदी विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं. इस दौरान हिंदी विषय के खराब रिजल्ट के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर छात्र मातृभाषा में क्यों फेल हो रहे हैं...

तो आइये जानते हैं कुछ मुख्य कारणों को.....

 1. दुसरे विषयों पर अधिक ध्यान:

दरअसल स्टूडेंट्स अक्सर हिंदी विषय को अन्य विषयों की तुलना में ज्यादा महत्वता नहीं देते हैं. जिस कारण छात्रों का दुसरे विषयों में तो शुरुवात से ही ध्यान होता है लेकिन हिंदी विषय को परीक्षा के समय के लिए छोड़ देते हैं तथा बाद में एक साथ पूरे विषय की तैयारी कम समय में करना मुश्किल हो जाता है. छात्र सभी विषयों को तो समय-समय पर पढ़ते हैं और उसपर प्रैक्टिस भी करते हैं लेकिन जहाँ हिंदी विषय की बात आती है छात्र यह सोचते हैं कि इसे बाद में भी दोहराएँगे तो पूरा हो जायेगा.

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2. एग्जाम के समय भी अनदेखा करना:

जब भी परीक्षा का समय नजदीक आता है तो छात्र पहले से ही सभी विषयों की तैयारी शुरू कर देते हैं. अर्थात उस समय भी छात्र हिंदी पर ध्यान नहीं देते हैं और सोचते हैं कि इसे एग्जाम के कुछ दिन पहले पढ़ लिया जाएगा तथा जिस कारण कम समय में की गई तैयारी के वजह से कई टॉपिक क्लियर नहीं होते हैं और खराब रिजल्ट का सामना करना पड़ता है.

2018 एग्जाम में हिंदी विषय का रिजल्ट ख़राब होना स्टूडेंट्स के लिए एक तौर पर सीख है कि वह अपने सभी विषयों की तरह हिंदी विषय पर भी समान रूप से ध्यान दें. हालाकी एग्जाम में अच्छे अंक प्राप्त करने में हिंदी विषय एक अहम भूमिका निभाता है. यदि आप शुरुवात से ही इस विषय पर थोड़ा ध्यान दें तो आप इसमें अन्य विषयों की तुलना में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं. यहाँ हम आपको हिंदी विषय की तैयारी के लिए कुछ खास टिप्स भी बतायेंगे ताकि आप अपने बोर्ड एग्जाम 2019 में हिंदी विषय की अच्छी तैयारी कर अधिक से अधिक अंक प्राप्त कर सकें:

 

1. हिंदी विषय में लिट्रेचर के अलावा व्याकरण तथा अपठित गद्द्यांश का भी सेक्शन होता है जिनपर छात्रों का ध्यान लिट्रेचर की तुलना में कम होता है तथा वह पूरा ध्यान अपना लिट्रेचर पोर्शन को पढ़ने में बिता देते हैं. यदि आप इन पोर्शन को भी अच्छी तरह तैयार करें तो आप आसानी से इनमें अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं. दरअसल यदि किसी छात्र को व्याकरण की बेसिक जानकारी है तो आसानी से वह इससे जुड़े रिक्त-स्थान तथा प्रश्नों को हल कर सकता है तथा लिट्रेचर की तुलना में इनमें समय भी कम लगता है.

2. लेखन अनुभाग; निबंध तथा पत्र लेखन:

छात्रों को यह जानना बहुत ज़रूरी है कि पत्र लेखन यानि लेटर राइटिंग का सही तरीका क्या होना चाहिए. क्यूंकि छात्रों को यह प्रतीत होता है कि बस हमें टॉपिक पता होना चाहिए उस टॉपिक पर लिखना तो बहुत आसान होगा. परन्तु परीक्षा के समय जब छात्र लेटर राइटिंग या निबंध लिखते हैं तो वह उसे अच्छी तरह लिखने में समक्ष नहीं हो पाते हैं.

तो हमेशा एग्जाम से पहले अच्छी तरह लेटर राइटिंग तथा निबंध को लिखने की प्रैक्टिस कर लें ताकि आप एग्जाम के समय लेटर या निबंध को अच्छी तरह सही फॉर्मेट में तथा आकर्षित तरीके से लिख सकें. इसके लिए आप अपने कक्षा के व्याकरण की  किताब से मदद ले सकते हैं या फिर कई वेबसाइटस से भी आपको इसमें काफी मदद मिल सकती है.

3. लिट्रेचर:

लिट्रेचर सबसे कठिन सेक्शन माना जाता है क्यूंकि यह काफी विस्तृत रूप में होता है इस पोर्शन में छात्रों को सबसे ज्यादा समय देना पड़ता है. इसके लिए हमेशा छात्रों को अच्छी तरह अपने सभी चैप्टर्स को तैयार करने की ज़रूरत होती है.

लिट्रेचर में मुख्यतः याद रखने वाली विशेष बातों को हमने नीचे दर्शाया है:

  • अच्छी तरह से आपको सभी ऑथर के नाम याद होने चाहिए.
  • सभी कविता का टाइटल आपको पता होना चाहिए.
  • सभी कविता को अच्छी तरह समझ लें ताकि आप आसानी से उसे अपने भाषा में वर्णित कर सकें.
  • सभी प्रश्नों के उत्तरों को सही तरीके से पुरे इंट्रोडक्शन तथा कॉनक्लूज़न के साथ लिखना सीखें.

4. अपठित गद्द्यांश (Unseen passage):

कई छात्रों के मुताबिक अपठित गद्द्यांश के लिए कुछ खास तैयारी की आवश्यकता नहीं होती है. जबकि अपठित गद्द्यांश के लिए आपको प्रैक्टिस की ज़रूरत होती है. अपठित गद्द्यांश पर प्रैक्टिस ज़रूर किया करें क्यूंकि अपठित गद्द्यांश के प्रश्नों को ठीक तरीके से समझना बहुत ज़रूरी है जिससे आप एग्जाम के समय कोई गलती न करें तथा इस बात का भी पूरा ध्यान दें की 40 मिनट से ज्यादा आप अपठित गद्द्यांश के प्रश्नों को हल करने में न लगायें.

शुभकामनाएं!!

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