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कुछ ऐसे तरीके जिनसे आप अपनी पढ़ाई करने की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकते हैं

जैसे-जैसे एग्जाम का समय पास आता जाता है, वैसे-वैसे पढ़ाई को ज्यादा से ज्यादा समय देने की जरूरत बढ़ने लगाती है | क्योंकि आख़िरी के महीनों में पूरा सिलेबस दोहराना पड़ता हैं जिसकी वजह से आम दिनों की अपेछा ज्यादा समय लगता है | अगर कोई Engineering Entrance, SSC, Banking, या फिर IAS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हैं तो उसे 10 से 12 घंटो तक पढ़ाई करना पड़ सकता है | किसी भी परीक्षा के लिए लम्बे समय तक अध्ययन करना कठिन और तनावपूर्ण हो सकता है । कई बार तो छात्र बहुत कोशिशो के बाद 10 से 12 घंटे तक बैठते तो है पर पढ़ाई में अपना ध्यान केंद्रित नही कर पाते हैं।

इस आर्टिकल के द्वारा हम पढ़ाई करने के कुछ ऐसे तरीकों के बारे में जानेंगे जिनसे आप अपनी पढ़ाई करने की क्षमता को दोगुना कर सकते हैं | आप अपनी पढ़ाई के तरीकों में छोटे से बदलाव करके अदभुत् लाभ पा सकते हैं | साथ ही साथ कम समय में ज्यादा बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं |

तो आइये जानते है पढ़ाई करने के कुछ ख़ास तरीकों के बारे में

अपनी बॉडी क्लॉक को समझ कर पढ़ाई का सही वक्त सुनिश्चित करें

हर इंसान की अलग-अलग बॉडी क्लॉक होती हैं | अगर इसे पढ़ाई से रिलेट करे तो आसान शब्दों में इसे इस तरह समझ सकते है कि 24 घंटो के समय में एक समय ऐसा होता है जब हमारी कार्यक्षमता चरम सीमा पर होती है | इस समय जब हम कोई भी काम करते हैं तो वो ज्यादा अच्छी तरह से और बेहतर तरीके से कर पाते है | कुछ लोगों को सुबह जल्दी उठ कर पढ़ने से ज्यादा समझ आता है और याद रहता है | जबकी बहुत से लोगों कों रात में पढ़ने से ज्यादा समझ आता है और अच्छी तरह याद होता है | तो किसी भी एग्जाम की तैयारी शुरू करने से पहले ये अपनी बॉडी क्लॉक की एनालिसिस करें |

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रात को बनाये अगले पूरे दिन की योजना

छात्र सुबह उठ कर कोचिंग और स्कूल जाते हैं | कुछ ऑफिस जाने वाले लोग भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, उन्हें भी सुबह-सुबह ऑफिस जाना पड़ता हैं | ऐसे में अगर आप हर दिन कुछ भी बिना प्लानिंग के पढ़ाई करेंगे तो आपको कुछ भी हासिल नहीं होगा | इसलिये किसी भी काम को करने के लिये उचित प्लान सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम होता हैं | अगर आपको कोई एग्जाम एक साल में क्लियर करना है तो आपके पास पूरे साल का (या हर एक महीने का) प्लान ज़रूर होना चाहिये | हालाँकि पूरे साल का और हर महीने का प्लान सिर्फ एक खाका (या ब्लू प्रिंट) होता हैं |
सबसे ज़्यादा ज़रूरी ये है कि अगले दिन आप क्या करने वाले है इसका पूरा प्लान आपको रात में ही बना लेना चाहिये | अगले दिन आप इस बात का ध्यान जरूर रखे की आप अपने द्वारा रात में सेट किये गये प्लान या टारगेट्स को समय से पूरा कर पा रहें है या नही |
अगर आप सुबह जल्दी (4:00 AM से 5:30 AM) उठ कर, पढ़ाई शुरू कर देते है तो 11:00 PM तक आप सारे काम – काज के साथ-साथ पढ़ाई करने का पर्याप्त समय आराम से निकल पायेंगे |

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अध्ययन की तकनीकों का मिश्रण

कुछ लोग कहते है की सुबह जल्दी उठ कर और देर रात तक पढ़ाई करने के बाद भी समय से सिलेबस ख़त्म नहीं हो पा रहा हैं या उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है | तो उन लोगो को अध्ययन करने की तकनीक पर ध्यान देना चाहिये | आजकल व्यस्तता इतनी ज्यादा बड़ गयी है और सिर्फ नोट्स से आपको पढ़ाई करने का मौका नहीं मिल सकता | ऐसे में आप किसी टॉपिक को समझने के लिये YouTube का सहारा भी ले सकते है | आप चाहे तो अपने स्मार्ट फ़ोन में डायग्राम, मैप्स इत्यादि की फ़ोटो क्लिक करके सेव कर सकते है और जरूरत पड़ने पर उसे देख सकते है और समझ सकते हैं | ये तरीक़े बस या ट्रेन में सफ़र के दौरान बहुत मददगार होते हैं | पढ़ाई के कुछ और तरीके आप यहाँ से भी पढ़ सकते हैं |

अध्ययन की अवधि का ख़ास ध्यान रखें

पढ़ाई करते समय या पढ़ाई का प्लान बनाते समय अध्ययन की अवधि का ध्यान ज़रूर रखें | कुछ लोग 1 से 2 घंटे तक आसानी से पढ़ाई कर लेते पर बहुत लोगों के लिये 1 घंटा भी लगातार पढ़ना मुश्किल होता हैं | इन लोगो के लिये जरूरी है कि पढ़ाई के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक ले या ऊपर दिये गये अध्ययन की तकनीकों का मिश्रण करे | पढ़ाई का पूरा प्लान बनाते समय इन छोटे-छोटे ब्रेक के समय को न नकारे | कोई भी स्टडी प्लान आपको अपनी क्षमता अनुसार ही बनाना चाहिये | अगर आज आप 1 घंटा लगतार पढ़ते है तो 1 महीने बाद कोई ऐसा जादू नहीं होगा की आप 6-9 घंटे लगातार पढ़ने लगेंगे |

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शारीरिक व्यायाम और मस्तिष्क को विकसित करने वाले आहार

अगर आप किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे है (या शुरू करने वाले हैं) तो चाय कॉफ़ी और फ़ास्ट फ़ूड को जितना जल्दी हो सके गुडबाय कर दीजिये | जैसा की हम जानते हैं, स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। अगर कोई व्यक्ति बीमार है या कई प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त है तो वह अपने मन को एकाग्र नहीं कर सकता और इसका सीधा प्रभाव उसकी परीक्षा की तैयारी पर पड़ेगा | इसलिए एकाग्रता में सुधार लाने के लिए शारीरिक व्यायाम और स्वस्थ आहार बहुत ज़रूरी है । तेज कदमों से टहलना, जंपिंग जैक्स, दौड़ लगाने जैसे हल्के एरोबिक व्यायाम करने से आपके मस्तिष्क में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती हैं और आप ज