JEE Main 2019: क्यों देनी चाहिए उम्मीदवारों को अप्रैल की परीक्षा? जानिये 4 मुख्य कारण

JEE Main 2019 के अप्रैल सेशन की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया ख़तम होने में केवल 8 दिन शेष रह गये हैं. विद्यार्थी 7 मार्च तक jeemain.nic.in पर जाकर अप्रैल में होने वाली JEE Main के कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं. JEE Main 2019 के जनवरी सेशन की परीक्षा अटेम्पट करने वाले विद्यार्थी अब भी अप्रैल की परीक्षा को लेकर कन्फ्यूज्ड हैं. विद्यार्थियों के पास JEE Main की फाइनल रैंकिंग इम्प्रूव करने का सुनहरा मौका है.

विद्यार्थियों को JEE Main 2019 अप्रैल की परीक्षा क्यों देनी चाहिए?

आइये इसे हम विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं.

यदि कोई विद्यार्थी केवल जनवरी परीक्षा को अटेम्पट करता है:

छात्र JEE Main 2019 की जनवरी परीक्षा के Percentile स्कोर की सहायता से अपनी अनुमानित रैंक का पता लगा सकते हैं. निश्चित रूप से जनवरी की परीक्षा देने वाले कई छात्र अप्रैल की परीक्षा भी देंगे जिससे उनकी रैंकिंग में सुधार होने की संभावना बहुत अधिक होगी. इसलिए केवल जनवरी परीक्षा के लिए उपस्थित होने वाले छात्रों की रैंक अपने आप ही कम हो जाएगी.

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यदि कोई विद्यार्थी जनवरी और अप्रैल दोनों परीक्षाओं को अटेम्पट करता है:

अगर विद्यार्थी JEE Main की जनवरी परीक्षा में की गयी अपनी गलतियों से सीख लेकर फिर से अप्रैल की परीक्षा पूरे आत्मविश्वास से देते हैं तो यक़ीनन उनका JEE Main 2019 का फाइनल स्कोर अच्छा हो जाएगा. अगर किसी कारणवश विद्यार्थी जनवरी की तुलना में अप्रैल की परीक्षा में अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाते तो उन्हें घबराने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं है क्योंकि अंतिम मेरिट सूची के लिए विद्यार्थियों का जनवरी और अप्रैल की परीक्षाओं का बेस्ट स्कोर लिए जाएगा.

आइये जानते हैं वे कौन से 4 मुख्य कारण हैं जिससे विद्यार्थी आसानी से समझ सकते हैं कि उनका अप्रैल की परीक्षा देना कितना महत्वपूर्ण है.

1. परफॉरमेंस में सुधार होगा:

JEE Main 2019 के फाइनल NTA स्कोर को बढ़ने के लिए विद्यार्थी जनवरी परीक्षा में की गयी गलतियों का विश्लेषण कर सकते हैं.

2. JEE Advanced 2019 के लिए क्वालीफाई करने की सम्भावना बढ़ेगी:

JEE Main 2019 का फाइनल NTA स्कोर बढ़ा कर विद्यार्थी यह आसानी से सुनिश्चित कर सकते हैं कि वे JEE Advanced 2019 के लिए क्वालीफाई कर लेंगे.

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3. पसंदीदा कॉलेज में पसंदीदा शाखा पाने की संभावना बढ़ेगी:

NITs, IIITs और CFTIs में पसंदीदा इंजीनियरिंग ब्रांच प्राप्त करने की संभावना निश्चित रूप से बढ़ेगी.

4. 100 प्रतिशत स्कोर हासिल कर सकते हैं:

JEE Main जनवरी एग्जाम में 99-100 के बीच percentile स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स अप्रैल परीक्षा की सहायता से 100 स्कोर तक पहुँच सकते हैं.

आइये जानते हैं कि अप्रैल परीक्षा को लेकर एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?

JEE एक्सपर्ट्स के अनुसार, JEE Main 2019 की जनवरी परीक्षा के रिजल्ट के बाद उम्मीदवारों को तीन वर्गों में बांटा जा सकता हैं, जो कि निम्नलिखित हैं:

1. 200 से अधिक मार्क्स लाने वाले उम्मीदवार:

जिन उम्मीदवारों ने 200+ मार्क्स हासिल किये हैं उन्हें केवल JEE Advanced 2019 के लिए तैयारी करनी चाहिए.

2. 150-200 के बीच मार्क्स लाने वाले उम्मीदवार:

जिन विद्यार्थियों का स्कोर 150-200 के बीच था उन्हें JEE Main April 2019 और JEE Advanced 2019  दोनों के लिए तैयारी करनी चाहिए. जिससे उन्हें अप्रैल अटेम्पट के बाद JEE Main 2019 की रैंकिंग के आधार पर NITs और IIITs में आसानी से दाखिला मिले सके.

3. 125 से कम मार्क्स लाने वाले उम्मीदवार:

ऐसे विद्यार्थी जिनका स्कोर 125 से कम हैं उनको केवल JEE Main 2019 की अप्रैल परीक्षा पर फोकस करना चाहिए.

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