आर्टिफिशल इंटेलिजेंस: भारतीय युवाओं को मिलेंगे नौकरी के ढेरों अवसर

आजकल हम स्मार्ट होम्स के बारे में सुनते हैं और आप अपने इस स्मार्ट होम को घर से दूर रहकर भी कंट्रोल कर सकते हैं. लेकिन क्या कभी हमने सोचा है कि यह ‘स्मार्ट होम्स’ का कॉन्सेप्ट कैसे काम करता है? जी हां! हमारे स्मार्ट होम्स के इस कॉन्सेप्ट के पीछे ‘आर्टिफिशल इंटेलिजेंस’ का कॉन्सेप्ट काम करता है. अब पूरी दुनिया में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का दौर है और इस वजह से आजकल हमारे कई गैजेट्स और डिवाइसेस आर्टिफिशल इंटेलीजेंस की टेक्नीक पर ही काम करते हैं. आर्टिफिशल इंटेलिजेंस टेक्नीक से तैयार किये गए ये गैजेट्स और डिवाइसेस हमारी कई सारी जरूरतें एक साथ पूरी कर देते हैं जैसेकि आपने आजकल कई ऐसे रोबोट्स जरुर देखें होंगे जो हम इंसानों की जगह कई जोखिम भरे काम करते हैं. हमारे देश भारत के टॉप इंस्टीट्यूट इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) ने भी चंद्रयान – 3 मिशन के लिए व्योममित्र नाम से एक हाफ-ह्यूमनॉयड तैयार किया है जो इस साल के आखिर में मानव-रहित लैंडर गगनयान के साथ चंद्रमा पर भेजा जाएगा. इतना ही नहीं, आजकल हमारे रोज़मर्रा के जीवन के भी अनेक काम आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की टेक्नीक पर बेस्ड ये रोबोट्स ही कर रहे हैं. अगर हम भारत में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की फील्ड में नौकरी के विभिन्न अवसरों की बात करें तो एक स्टडी के मुताबिक, पिछले साल भारत की आर्टिफिशल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री में लगभग 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है लेकिन इस समय हमारे देश में वर्तमान में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की फील्ड में 4 हजार से अधिक पोस्ट्स खाली हैं. जॉब सीकर कैंडिडेट्स इस बात पर भी जरुर गौर करें कि, हमारे देश में लगभग 57 फीसदी फर्म्स कम से कम 5 वर्ष का कार्य अनुभव रखने वाले लोगों को ही आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से संबंधित विभिन्न जॉब्स प्रदान करना चाहती हैं. लेकिन जो भी हो, हम आज के नए भारत के कॉन्सेप्ट को देखते हुए यकीनन यह कह सकते हैं कि, हमारे देश में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की फील्ड में युवाओं के लिए नौकरी के ढेरों अवसर उपलब्ध हैं.

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का परिचय

अगर हम आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के कॉन्सेप्ट को समझना चाहें तो, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस एक ऐसी टेक्नीक है, जिसमें एक कंप्यूटर अपने प्रोग्राम दिए जा रहे निर्देशों को समझने के बाद उन्हें सुरक्षित करता है और उनके आधार पर ही विभिन्न जरूरतों को समझते हुए अपने निर्णय देता है और फिर, इन निर्णयों के मुताबिक अपने सारे काम करता है. एआई के जरिये अब  मशीनों के बीच संवाद करना भी मुमकिन हो गया है.वास्तव  में ‘आर्टिफिशल इंटेलिजेंस' ने रोबोटिक्स की दुनिया को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है. इस टेक्नीक के कारण अब रोबोट्स भी कई चीजों को सीख सकते हैं. अब कोई भी प्रोग्राम्ड रोबोट विभिन्न जरूरतों के मुताबिक अपने कई काम करने के निर्णय खुद ही ले सकता है.

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस में हैं रोजगार के ढेरों अवसर

नैसकॉम और फिक्की की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले कुछ वर्षों के दौरान भारत में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की वजह से प्रमुख औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में तकनीकी विस्तार को बढ़ावा मिलेगा. आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के कारण आईटी, रिटेल, फाइनेंस, टेक्सटाइल और ऑटो सेक्टर में बड़ी संख्या में नौकरियां सृजित होंगी. कुछ लोगों का मानना है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की वजह से कर्मचारियों की जरूरत कम हो जाएगी, लेकिन विशेषज्ञों की राय में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के बढ़ते हुए इस्तेमाल से ऐसे पेशेवरों की मांग बढ़ेगी ताकि वे इन मशीनों की देखरेख करने के साथ ही इन  मशीनों का निर्माण भी कर सकें.

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आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की फील्ड में मल्टीनेशनल कंपनियां कर रही है ज्यादा इन्वेस्टमेंट

आजकल गूगल, फेसबुक और लिंक्डइन जैसी टेक्नीकल क्षेत्र की टॉप कंपनियां हमारे देश में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस टेक्नीक में इन्वेस्ट कर रही हैं और लोगों को रोजगार का अवसर भी मुहैया करवा रही हैं.स्मार्टफोन की तरह ही अब आर्टिफिशल इंटेलिजेंस टेक्नीक को हरेक उपकरण के साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है.

‘फोरेस्टर रिसर्च' की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2020 तक आर्टिफिशल इंटेलिजेंस टेक्नीक का मौजूदा बाजार लगभग तीन गुणा बढ़ कर सालाना 1.2 खरब डॉलर तक होने की संभावना है.हरेक क्षेत्र में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ रहा है और यह इस टेक्नीक के जानकार उम्मीदवारों के लिए एक शुभ संकेत है.

अपना जॉब प्रोफाइल बदल भी सकते हैं आप

देश-दुनिया के उद्योग जगत में जिन नौकरियों के लिए हाई टेक्नीकल स्किल्स की जरूरत होती है, उनकी मांग हमेशा बनी ही रहती है. लेकिन ऑटोमेशन कि वजह से अब कुछ नौकरियों का स्वरुप बदल गया है. इसलिए ऑटोमेशन की वजह से कुछ नौकरियों में जॉब प्रोफाइल अवश्य बदलेगी.अतः मार्केट में अपनी उपयोगिता बनाए रखने के लिए उम्मदीवारों को अपना टेक्नीकल स्किल्स बढ़ाने पर ध्यान देना होगा.

एकेडमिक क्वालिफिकेशन

जहां तक आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की फील्ड में कोई सूटेबल जॉब हासिल करने के लिए जरुरी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन का प्रश्न है, तो कंप्यूटर और मैथ्स विषय से डिग्री प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स आर्टिफिशल इंटेलिजेंस टेक्नीक में अपना करियर बना सकते हैं. कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट कैंडिडेट्स भी इस क्षेत्र में जॉब कर सकते हैं. इसके लिए स्टूडेंट्स बीएससी (कंप्यूटर साइंस) के साथ आर्टिफिशल इंटेलिजेंस में स्पेशलाइजेशन कोर्स चुनें. इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स भी आर्टिफिशल इंटेलिजेंस में स्पेशलाइजेशन कर इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं.

भारत में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की फील्ड में कोर्स करवाने वाले प्रमुख इंस्टीट्यूट हैं

इंडियन एडवेंचर स्पोर्ट्स में भी हैं रोमांचकारी करियर के कई अवसर

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के तहत पढ़ाये जाने वाले मुख्य कोर्सेज

भारत में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की फील्ड में ये हैं प्रमुख जॉब प्रोफाइल्स

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस टेक्नीक में स्किल्ड लोगों को अपने करियर के शुरू के दिनों में उक्त पोस्ट्स पर सूटेबल नौकरियां मिल सकती हैं. इस फील्ड की अधिक जानकारी रखने वाले कैंडिडेट्स रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑटोमोबाइल्स, इंडस्ट्रियल टूल्स व निजी क्षेत्र में नौकरियां प्राप्त कर सकते हैं.इसके अतिरिक्त जिन कैंडिडेट्स ने रोबोटिक्स टेक्नीक की पढ़ाई की है, वे रोबोट टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर कंट्रोल्ड मशीन प्रोग्रामिंग, रोबोटिक सेल्स के फील्ड में भी नौकरी पा सकते हैं. 

भविष्य में डिमांड में रहने वाले प्रोफेशनल्स

रोबोटिक्स: यंग इंडियन्स के लिए एलिजिबिलिटी और करियर स्कोप

भारत में युवाओं के लिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस में है ब्राइट फ्यूचर

देश-दुनिया में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के बढ़ते हुए चलन को देखकर अब भारत सरकार भी इस फील्ड में काफी महत्त्वपूर्ण कदम उठा रही है जैसेकि, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस जैसे विषयों में शोध को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पीएम रिसर्च फेलोशिप के तहत एक हजार बेहतरीन छात्रों का चयन करेगी.इस फेलोशिप के लिए बीटेक फाइनल इयर के मेधावी छात्रों को चुना जाएगा. अब देश के सभी टेक्नीकल इंस्टीट्यूट्स में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस को लेकर शोध, पढ़ाई और आविष्कार को बढ़ावा देने की योजना भी भारत सरकार की है. अटल इनोवेशन मिशन के साथ ही इसकी शुरुआत हो चुकी है. वर्ष 2018 के अंत तक लगभग 2 हजार स्कूलों में छात्रों को आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की प्रैक्टिकल एजुकेशन के लिए लैब की सुविधा प्रदान की जाएगी.देश में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस पर वृहद् स्तर पर रिसर्च की भी संभावना है. भारत सरकार का इस पर लगभग 1000 करोड़ रुपयों से अधिक खर्च करने की योजना है. आसान शब्दों में, अगर हम अपने देश में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के लगातार बढ़ते हुए प्रभाव के बारे में गंभीरतापूर्वक विचार करें तो, कुल मिलाकर आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की फील्ड में भारत के युवाओं का फ्यूचर सेफ और सिक्योर है.

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