जानिये क्या है ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में करियर स्कोप?

हमारे देश में अधिकतर ग्रेजुएट्स मास्टर इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन अर्थात एमबीए में एडमिशन लेना चाहते हैं क्योंकि डिग्री हासिल करने के बाद स्टूडेंट्स इस फील्ड में बेहतरीन सैलरी पैकेज के साथ अपना शानदार करियर बना लेते हैं. यूं तो आजकल कई फ़ील्ड्स जैसेकि, हेल्थकेयर मैनेजमेंट, ह्यूमन रिसोर्स, सिस्टम मैनेजमेंट, इंटरनेशनल बिजनेस, फाइनेंस, मार्केटिंग, रिटेल मैनेजमेंट और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में एमबीए प्रोग्राम में एडमिशन लिया जा सकता है लेकिन आज हम आपकी सहुलियत के लिए ह्यूमन रिसोर्स अर्थात एचआर में एमबीए की डिग्री पर चर्चा करेंगे.

आखिर ह्यूमन रिसोर्स में एमबीए की डिग्री क्यों जरुरी है?

लगातार बढ़ते हुए डोमेस्टिक और ग्लोबल कॉम्पीटीशन के कारण आजकल देश और विदेशों की सभी कंपनियां अपने यहां बेहतरीन टैलेंट को हायर करना चाहती हैं ताकि उनके संगठन की निरंतर तरक्की होती रहे. इस कारण आजकल एचआर का कामकाज काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है. वास्तव में, एचआर मैनेजमेंट का मुख्य कार्य अपने स्टाफ की क्षमताओं का अधिकतम इस्तेमाल करना और हाई परफॉरमेंस को बढ़ावा देना होता है. इसी तरह, ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट अपनी कंपनी में अच्छे ह्यूमन रिलेशन्स बनाये रखने के लिए जिम्मेदार होता है.

ह्यूमन रिसोर्स प्रोफेशनल के कॉमन टास्क्स

ह्यूमन रिसोर्स प्रोफेशनल्स का प्रमुख काम हरेक कर्मचारी के लिए आवश्यक नीतियों और नियमों को बनाना, लागू करना, उनकी निगरानी करना और उन नीतियों और नियमों को मैनेज करना होता है. ह्यूमन रिसोर्स प्रोफेशनल्स के रोजमर्रा के कामों को हम मुख्यतः 5 भागों में बांट सकते हैं जैसेकि:

  • रिक्रूटमेंट एंड स्टाफिंग –

किसी भी कंपनी में एचआर डिपार्टमेंट का यह सबसे प्रमुख काम है कि अपनी कंपनी के लिए स्किल्ड और क्वालिफाइड एम्पलॉईज की भर्ती करें और उन एम्पलॉईज को अपनी कंपनी में अधिक से अधिक वर्षों तक नौकरी करते रहने के लिए समुचित माहौल उपलब्ध करवाए.

  • सैलरीज और कंपैनसेशन पैकेजेज –

किसी भी एम्पलॉयी को अपनी कंपनी में हायर करते समय उसका सैलरी पैकेज निर्धारित करना और कंपनी के नियमों के अनुसार अपनी कंपनी के सभी कर्मचारियों की सैलरी और कंपैनसेशन पैकेज को समुचित तरीके से निर्धारित करना भी एचआर प्रोफेशनल्स का ही काम होता है.

  • एजुकेशन एंड ट्रेनिंग –

एचआर डिपार्टमेंट कंपनी की जरूरतों के मुताबिक संबद्ध कर्मचारियों को समय-समय पर ट्रेनिंग और एजुकेशन के अवसर भी उपलब्ध करवाता है. किसी बढ़िया ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिये कंपनी के एम्पलॉईज और अधिक कुशल बन जाते हैं जिससे कंपनी की प्रोडक्टिविटी और बिजनेस में इजाफ़ा होता है.

  • एडमिनिस्ट्रेटिव टास्क्स –

एचआर डिपार्टमेंट का स्टाफ अपनी कंपनी के सभी कर्मचारियों की लीव्स, रिमनरेशन, इस्तीफा, नई भर्ती आदि संबंधी सभी कार्य देखता है और ऑफिस में काम करने के लिए जरुरी सभी साधनों की व्यवस्था भी करता है. असल में, एचआर प्रोफेशनल्स कंपनी की टॉप मैनेजमेंट और सभी एम्पलॉईज के बीच कड़ी का काम करते हैं.

  • लीगल कंप्लायंस –

ह्यूमन रिसोर्स प्रोफेशनल्स का यह प्रमुख काम है कि वे अपनी कंपनी में कामकाज का ऐसा माहौल बनायें जो देश के लेबर लॉज के मुताबिक हो. जैसेकि कंपनी में काम के समुचित घंटे, एम्पलॉईज का न्यूनतम वेतन, पेड लीव्स, हेल्थ बेनेफिट्स आदि उपयुक्त होने चाहिए.

भारत में एमबीए – एचआर प्रोग्राम के बाद कैंडिडेट्स का कॉमन करियर ग्राफ

हमारे देश में एमबीए – एचआर की डिग्री हासिल करने के बाद आमतौर पर स्टूडेंट्स टीम लीडर के तौर पर मिड-मैनेजमेंट लेवल पर अपना करियर शुरू करते हैं. एचआर डिपार्टमेंट में करियर ग्राफ कुछ यूं आगे बढ़ता है:

  • एचआर रिक्रूटर
  • टीम लीडर
  • असिस्टेंट एचआर मैनेजर
  • रीजनल एचआर मैनेजर
  • सीनियर एचआर मैनेजर
  • डायरेक्टर एच आर
  • चीफ एचआर ऑफिसर

यहां ध्यान देने वाली एक बात तो यह भी है कि आजकल विभिन्न कंपनियां विभिन्न पोस्ट्स के नाम अपने संगठन की जरूरत के मुताबिक भी निर्धारित करती हैं.

भारत में एमबीए – एचआर प्रोग्राम के लिए प्रमुख इंस्टीट्यूट्स

  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट
  • इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी, गाजियाबाद
  • नरसी मोनजी इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमैंट स्ट्डीज़ (एनएमआईएमएस) युनिवर्सिटी, मुंबई
  • जेवियर लेबर रिलेशंस इंस्टीट्यूट, जमशेदपुर
  • जेवियर लेबर रिसर्च इंस्टीट्यूट
  • टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज
  • सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट
  • सिम्बायोसिस सेंटर फॉर मैनेजमेंट एंड ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट
  • मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट
  • इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी

एमबीए – एचआर प्रोग्राम के लिए टॉप इंटरनेशनल यूनिवर्सिटीज

  • ब्रिजपोर्ट यूनिवर्सिटी
  • कॉर्नेल यूनिवर्सिटी जॉनसन ग्रेजुएट स्कूल ऑफ मैनेजमेंट
  • केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट
  • यूनिवर्सिटी ऑफ़ वर्जीनिया, डॉर्डन स्कूल ऑफ बिजनेस
  • एमआईटी स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट

भारत में एमबीए – एचआर डिग्री होल्डर कैंडिडेट्स के लिए टॉप रिक्रूटर्स

हमारे देश में एमबीए – एचआर डिग्री होल्डर कैंडिडेट्स के लिए देश की बड़ी ब्रांड कंपनियों में करियर बनाने के काफी मौके मौजूद हैं. कुछ ब्रांड कंपनियां निम्नलिखित हैं:

  • मैकिन्से एंड कंपनी
  • केपीएमजी
  • मॉनिटर ग्रुप
  • बैन कैपेबिलिटी सेंटर
  • अर्न्स्ट एंड यंग
  • पीपल स्ट्रॉन्ग एचआर सर्विसेज
  • एक्सेंचर
  • टाटा
  • रिलाएंस

एमबीए – एचआर डिग्री होल्डर कैंडिडेट्स के लिए इंटरनेशनल टॉप रिक्रूटर्स

इंटरनेशनल लेवल पर प्रमुख कंपनियों के नाम निम्नलिखित हैं:

  • केली सर्विसेज, मिशिगन
  • मैसी, ओहियो
  • रैंडस्टैड, जॉर्जिया
  • एकाउंटेंटएम्प्स, कैलिफोर्निया
  • ज़ेरॉक्स, कनेक्टिकट
  • सेरिडियन, मिनेसोटा
  • आईबीएम, न्यूयॉर्क
  • सिएलो, विस्कॉन्सिन
  • अजिलोन प्रोफेशनल स्टाफिंग, कैलिफोर्निया

भारत में एमबीए – एचआर डिग्री होल्डर कैंडिडेट्स के लिए सैलरी पैकेज

हमारे देश में एमबीए – एचआर की डिग्री हासिल करने के बाद शुरू में कैंडिडेट्स को एवरेज रु.3.12 लाख – रु.3.45 लाख सालाना मिलते हैं. इस फील्ड में 2 से 5 वर्ष का कार्य अनुभव होने के बाद एमबीए – एचआर डिग्री होल्डर कैंडिडेट्स को एवरेज रु.4.20 लाख – रु.7.50 लाख सालाना मिलते हैं. इस फील्ड में 5 – 10 वर्ष के कार्य अनुभव के बाद इन प्रोफेशनल्स को एवरेज रु.7.50 लाख – रु. 12 लाख सालाना तक मिलते हैं और 10 वर्ष या उससे अधिक अनुभव के बाद इन पेशेवरों को रु.12 लाख या उससे अधिक सालाना का सैलरी पैकेज मिलता है. इसलिए, अगर आप एमबीए करना चाहते हैं और आपको ह्यूमन रिलेशन्स और एम्पलॉईज साइकोलॉजी में इंटरेस्ट है तो आपके लिए एमबीए – एचआर एक बेहतरीन करियर ऑप्शन साबित हो सकता है.

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