आईलेट्स एग्जाम में सफल होने के 4 बेहतरीन टिप्स

अगर आप किसी इंग्लिश स्पीकिंग कंट्री में जाकर बसने के बारे में विचार कर रहे हैं या आप विदेश में पढ़ना चाहते हैं तो फिर, आपको कुछ इंग्लिश स्पीकिंग देशों में बसने या फिर पढ़ाई करने के लिए आईईएलटीएस (आईलेट्स) टेस्ट देने होंगे. दी इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम (आईईएलटीएस) द्वारा इंग्लिश लैंग्वेज में आपके बोलने, सुनने, पढ़ने और लिखने की काबिलियत की जांच की जाती है. इस टेस्ट के जरिये आम जीवन तथा एकेडेमिक जीवन में कैंडिडेट्स द्वारा इंग्लिश लैंग्वेज के सही प्रयोग की जांच की जाती है.

आईईएलटीएस टेस्ट्स के प्रकार                                 

आईईएलटीएस टेस्ट दो प्रकार का होता है – एकेडेमिक और जनरल. आईईएलटीएस एकेडेमिक टेस्ट उन कैंडिडेट्स या व्यक्तियों के लिए है जो किसी इंग्लिश स्पीकिंग देश में अंडरग्रेजुएट या पोस्टग्रेजुएट लेवल पर यूनिवर्सिटी में पढ़ना चाहते हैं या किसी प्रोफेशनल ऑर्गनाइजेशन को ज्वाइन करना चाहते हैं.  दूसरी तरफ, आईईएलटीएस जनरल ट्रेंनिंग टेस्ट ऐसे लोगों के लिए होता है जो विभिन्न इंग्लिश स्पीकिंग देशों में काम करने की इच्छा रखते हैं अथवा स्कूल स्टैण्डर्ड की पढ़ाई करना चाहते हैं.

आईईएलटीएस एग्जाम फॉर्मेट

इन दोनों टेस्ट्स के फॉर्मेट्स एक-दूसरे से थोड़े अलग हैं, लेकिन दोनों ही टेस्ट्स में इन चार स्किल्स – लिसनिंग, रीडिंग, राइटिंग एंड स्पीकिंग – की जांच की जाती है.

स्पीकिंग टेस्ट

स्पीकिंग टेस्ट में कैंडिडेट्स की विचारों को अभिव्यक्त करने की क्षमता तथा इंग्लिश लैंग्वेज की फ्लुएंसी की जांच की जाती है. आपको कई टॉपिक्स पर बोलने के लिए कहा जायेगा. इसलिए आप अपने विचारों और राय को लॉजिकल तरीके से व्यवस्थित करें, प्रकट करें और उचित ठहरायें.

राइटिंग टेस्ट

आईईएलटीएस राइटिंग टेस्ट में आपकी राइटिंग स्किल्स की जांच की जाती है जिसमें आपके सटीक रिस्पांस के स्किल्स, विचारों को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करने के साथ ही वोकैबुलरी और ग्रामर को  समुचित तरीके से इस्तेमाल करने के स्किल्स की जांच भी शामिल है.

लिसनिंग टेस्ट

लिसनिंग टेस्ट में यह पता लगाया जाता है कि आप जनरल आइडियाज के साथ खास फैक्चूअल इनफॉर्मेशन को भी कितनी अच्छी तरह समझ सकते हैं? क्या आप स्पीकर की राय, एटीट्यूड्स और बात करने के उद्देश्य को पहचान सकते हैं और किसी बहस के विभिन्न मुद्दों को समझ सकते हैं?. 

रीडिंग टेस्ट

रीडिंग टेस्ट आपके रीडिंग स्किल्स की व्यापक रूप से जांच करता है. इस टेस्ट के माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि क्या आप किसी पैसेज या पैरा के जनरल सेंस को समझ सकते हैं? आपने जो मटी रियल पढ़ा है, उसकी डिटेल, निहित अर्थ और अनुमान लगाने की क्षमता, लेखक की राय, एटीट्यूड्स और लिखने के उद्देश्य को समझने की क्षमता के साथ ही किसी लेख के विभिन्न मुद्दों को उपयुक्त तरीके से समझने की आपकी क्षमता की जांच भी इस रीडिंग टेस्ट के माध्यम से की जाती है.

आईईएलटीएस एग्जाम की तैयारी करने के टिप्स

टेस्ट के लिए तैयारी करना शायद शुरू में काफी मुश्किल काम लगे लेकिन ज्यादा प्रैक्टिस और प्रिपरेशन से यह संभव होगा कि आप जिस बैंड स्कोर को पाना चाहते हैं, उसे हासिल कर सकें. आपके अगले आईईएलटीएस टेस्ट के लिए यहां पेश हैं 4 टॉप टिप्स:

टिप 1: प्रैक्टिस वास्तव में हरेक व्यक्ति को परफेक्ट बनाती है

इस टेस्ट में सफल होने के लिए आपकी इंग्लिश लैंग्वेज की जानकारी काफी नहीं है. आपको पता होना चाहिए कि टेस्ट पेपर्स में क्या पूछा जा सकता है? आप टेस्ट फॉर्मेट और विभिन्न क्वेश्चन टाइप्स के बारे में जानकारी प्राप्त करें. पेपर के हरेक पार्ट के सभी तरह के विभिन्न क्वेश्चन्स की काफी प्रैक्टिस कर लें. इससे आपको यह पता लग जाएगा कि आप हरेक सेक्शन कितने समय में पूरा करते हैं? जो कैंडिडेट्स यह टेस्ट देने वाले हैं, उन्हें टेस्ट पेपर्स की प्रैक्टिस करने से यह पता लग जाएगा कि आपको 150 या 250 शब्दों को लिखने में कितना समय लगता है (राइटिंग टेस्ट देते समय आपको अपने शब्द गिनने का समय नहीं मिलेगा). अगर आपका उत्तर ज्यादा बड़ा या ज्यादा छोटा होगा तो आपको कम मार्क्स मिल सकते हैं. आप कई टेस्ट प्रैक्टिसेज ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं.

टिप 2: टाइम ही सब कुछ है

क्या आपको पता है कि लिसनिंग टेस्ट 40 मिनट का होता है जिसमें से केवल 10 मिनट में आपको अपने उत्तर लिखने होते हैं?. जब आप अपने उत्तर लिखने की प्रैक्टिस करें तो यह सुनिश्चित कर लें कि आप केवल 10 मिनट में ही अपने उत्तर लिख पायें. ऐसा करने पर आप अच्छी तरह अपने एग्जाम टाइम को मैनेज कर सकेंगे और अपनी कमजोरियों और ताकत के विषय में जान कर उचित कदम उठा सकेंगे. इससे आपको यह आईडिया हो जायेगा कि किस एरिया या टेस्ट टॉपिक में आपको ज्यादा प्रैक्टिस करनी चाहिए. उदाहरण के लिए, अगर आपको निर्धारित 60 मिनट में लिखित टेस्ट पूरा करने में मुश्किल होती है तो आपको इस राइटिंग टेस्ट प्रैक्टिस के लिए ज्यादा समय निर्धारित करना चाहिए. राइटिंग टास्क को 20 मिनट में पूरा करने की कोशिश करें और टास्क टू को 40 मिनट में पूरा करें – इसमें आपका शुरू में टेस्ट पेपर पढ़ने का समय और आखिर में टेस्ट की गलतियां सुधारने का समय भी शामिल होना चाहिए.   

टिप 3: सफलता प्राप्त करने की स्ट्रेटेजी बनाएं

विभिन्न क्वेश्चन्स और टेस्ट्स के लिए आप कई उपयोगी स्ट्रेटेजीज का इस्तेमाल कर सकते हैं. आप इन सभी स्ट्रेटेजीज को आजमायें और यह पता करें कि कौन-सी स्ट्रेटेजी आप के लिए उपयुक्त रहेगी. उदाहरण के लिए, लिसनिंग टेस्ट में, पहले क्वेश्चन पढ़ें ताकि आप अपने लिए जरुरी इनफॉर्मेशन को ध्यान से सुन सकें – तय करें कि आप कोई नाम, नंबर, एडजेक्टिव या फिर कुछ और सुनना चाहते हैं. इसके लिए आपको एकाग्रता की जरूरत होगी लेकिन इससे आपको जल्दी और निश्चित उत्तर तलाशने में  काफी मदद मिलेगी. रीडिंग टेस्ट के दौरान समय बचाने के लिए, पहले पूरा टेस्ट न पढ़कर केवल टाइटल पढ़ें, सब-हेडिंग्स और पिक्चर्स देखें ताकि आप उस मैटर का आईडिया लगाकर सीधे क्वेश्चन्स पढ़ सकें. जब एक बार आप सारे क्वेश्चन्स पढ़ लें तो अपने उत्तर लिखने के लिए आप उस टेक्स्ट मैटर को पढ़ सकते हैं. एक बढ़िया आईईएलटीएस प्रिपरेशन कोर्स आपको इन स्ट्रेटेजीज के बारे में गाइड करेगा. आप ऑनलाइन कोर्सेज और आईईएलटीएस के अन्य फ्री प्रैक्टिस मटीरियल के लिए ब्रिटिश काउंसिल की वेबसाइट भी देख सकते हैं.     

टिप 4: टीवी ज्यादा देखें

शायद ऐसा बहुत कम बार होता है जब हम यह कह सकते हैं कि टीवी देखना आपके लिए अच्छा है. इंग्लिश फिल्म्स और टीवी प्रोग्राम्स देखना या फिर, रेडियो या पॉडकास्ट सुनना केवल आपको अपने लिसनिंग टेस्ट की तैयारी करने में ही मदद नहीं करता है बल्कि यह आपके स्पीकिंग टेस्ट में भी मदद कर सकता है. आप प्रोनाउनसिएशन के अच्छे मॉडल्स सुनेंगे और अपने लिए उपयोगी फ्रेजेज चुनकर एग्जाम के दिन ज्यादा आत्मविश्वास महसूस करेंगे. ज्यादा फ़्लूएंसी के लिए आप, लोग जो कह रहे हैं उसे अच्छी तरह सुनकर अपनी प्रैक्टिस भी कर सकते हैं. याद रखें कि स्पीकिंग टेस्ट वास्तविक जीवन के कम्युनिकेशन की तरह ही होता है – आप हरेक पार्ट में अपने आइडियाज, अपनी राय और अपने बारे में बात कर रहे होंगे. इसलिए जहां तक हो सके, विभिन्न टॉपिक्स पर अपने आइडियाज शेयर करने की प्रैक्टिस करें.

आपके लिए आईईएलटीएस टेस्ट देना तनावपूर्ण हो सकता है इसलिए इन टिप्स का इस्तेमाल करना न भूलें और अधिक से अधिक प्रैक्टिस करें. अगर आप ऐसा कर सकते हैं तो टेस्ट के दिन, आप टेस्ट देनें के लिए काफी आत्मविश्वास महसूस करेंगे और आपको मनचाहे मार्क्स मिलेंगे.

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