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जानें सिविल इंजीनियर के लिए कौन-कौन सी है सरकारी नौकरियां, चयन प्रक्रिया और कहां मिलेगी नौकरी?

सिविल इंजीनियरिंग का क्षेत्र तेजी से हो रहे नगरीकरण को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण होता जा रहा है. सिविल इंजीनियरिंग प्रोफेशनल की जिम्मेदारी होती है कि वह विभिन्न प्रकार की स्ट्रक्चरल जरूरतों, जैसे – बांध, पॉवर प्लांट, एयरपोर्ट, हाईवे, औद्योगिक प्लांट, बिल्डिंग्स (रिहायशी एवं कॉमर्शियल दोनो), पुलों, फ्लाई ओवर, आदि का निर्माण संबंधित संगठन या विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कराये. सिविल इंजीनियरिंग प्रोफेशनल की जिम्मेदारी यह भी होती है कि वह समय-समय पर आधुनिकतम तकनीकों के इस्तेमाल से भवन निर्माण आदि के लिए सर्वोत्तम उपायों की सलाह दे. देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में सिविल इंजीनियरिंग प्रोफेशनल्स की काफी भूमिका होती है. इसलिए सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर के साथ-साथ सरकारी संगठनों में भी जॉब के अवसर उपबल्ध होते हैं.

सरकारी विभागों एवं संगठनों सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कई प्रकार के पद होते हैं:– जैसे – टेक्निशियन (सिविल), जूनियर इंजीनियर (सिविल), असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल), सब-असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल), सीनियर इंजीनियर (सिविल), एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (सिविल), चीफ इंजीनियर (सिविल), आदि. इंजीनियरिंग से जुड़े कई सरकारी संगठनों में सिविल इंजीनियरिंग के पदों पर अधिक समय तक कार्य करने वाले प्रोफेशनल्स को मैनेजमेंट कैडर में भी प्रोन्नत किया जाता है.

सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सरकारी नौकरी के लिए योग्यता?

सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सरकारी नौकरी पाने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में स्नातक डिग्री (बीई/बीटेक) उत्तीर्ण होना चाहिए. सीनियर पदों के लिए सिविल इंजीनियरिंग में एमटेक की डिग्री मांगी जाती है. जूनियर लेवल के पदों के लिए उम्मीदवारों 10/12वीं उत्तीर्ण होने के साथ-साथ सिविल ट्रेड में आईटीआई सर्टिफिकेट प्राप्त होना चाहिए. इसके अतिरिक्त सिविल इंजीनियरिं में डिप्लोमा प्राप्त उम्मीदवार सब-असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) के पदों पर आवेदन कर सकते हैं.

सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सरकारी नौकरी के लिए आयु सीमा?

सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जूनियर पदों पर सरकारी नौकरियों के लिए उम्मीदवार की आयु 21 वर्ष से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए जबकि सीनियर पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष तक होती है. हालांकि, कुछ संस्थानों में अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष या अधिक भी हो सकती है. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा सरकार के नियमानुसार छूट दी जाती है.

सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सरकारी नौकरी के लिए चयन प्रक्रिया

सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विभिन्न सरकारी पदों पर उम्मीदवारों का चयन पद के अनुसार अलग-अलग होता है. आमतौर पर शैक्षणिक रिकॉर्ड, लिखित परीक्षा और व्यक्तिगत साक्षात्कार के आधार पर चयन किया जाता है.

कितनी मिलती है सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सैलरी?

सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विभिन्न पदों पर रैंक या पे-बैंड के आधार पर सैलरी दी जाती है. यदि एग्जीक्युटिव के पद पर भर्ती की जाती है तो छठें वेतन आयोग के पे-बैंड 3 के अनुरूप रु.15,600 – 39100 + ग्रेड पे 6600 के अनुसार सैलरी दी जाती है. इसके अतिरिक्त गृह किराया भत्ता (एच.आर.ए.), परिवहन भत्ता, आदि देय होता है. वहीं, राज्य सरकारों के विभागों एवं संस्थानों में वेतनमान संबंधित राज्य के समकक्ष स्तर पर निर्धारित वेतनमान के अनुसार दिया जाता है जो कि राज्य के अनुसार अलग-अलग होता है.

सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कहां मिलेगी सरकारी नौकरी?

सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ती जा रही है और इसमें सरकारी संगठन भी शामिल हैं. सिविल इंजीनियरिंग से संबंधित पद केंद्र और राज्य सरकार के कॉन्सट्रक्शन से संबंधित विभागों या संगठनों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों आदि में होता है इसलिए इस क्षेत्र में सरकारी नौकरी इन्हीं संगठनों में समय-समय पर निकलती रहती हैं. इसके अतिरिक्त विभिन्न सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में फैकल्टी या प्रोफेसर के रूप में भी सरकारी नौकरी पायी जा सकती है. इन सभी रिक्तियों के बारे में भारत सरकार के प्रकाशन विभाग से प्रकाशित होने वाले रोजगार समाचार, दैनिक समाचार पत्रों एवं सरकारी नौकरी की जानकारी देने वाले पोर्टल्स या मोबाइल अप्लीकेशन के माध्यम से अपडेट रहा जा सकता है.

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