Advertisement

आखिर क्या है आपकी ज़िम्मेदारी, यह जानने के बाद आपके सोचने और अध्ययन का तरीका बदल जाएगा

कई बार हमारे मन में ये ख्याल आता है कि हम अभी बच्चे हैं , जवान हैं, या फिर बूढ़े हैं | यह बिल्कुल सच है कि आयु के हिसाब से हम ऐसा सोचते हैं मगर क्या वास्तव में ऐसा सोचना हर तरीके से सही है?

और अगर ऐसा सोचना हर तरीके से सही है तो फिर ये बात क्यों कही जाती है कि किसी भी देश की बुनियाद उसके बच्चे या जवान हैं | ऐसा इसलिए कहा जता है क्योंकि जो लोग अपनी उम्र पर पहुँच चुके हैं उन्हें तो जो करना था कर लिया मगर इससे आगे देश को ले जाने की जिम्मेदारी अब यंग जनरेशन पर है|

दूसरे एंगल से अगर हम सोचें तो कोई भी जवान या बूढ़ा नहीं है बल्कि जो सीख रहा है वह ही जवान है और जिसने सीखना बंद कर दिया वह बूढ़ा है और कुछ नहीं |

दोस्तों सीखने की उम्र तो कभी ख़त्म नहीं होती मगर हम सब जानते हैं कि स्टूडेंट लाइफ ही ऐसी उम्र है जिसमें हम अधिक से अधिक सीखते है चाहे वह किसी भी चीज़ के सीखने की बात हो|

हम सबको मालूम है कि जो कुछ भी हमने बचपन में या स्कूल लाइफ में सीखा है वही आज हमको याद है चाहे वह मज़हबी ग्रंथों की आयात हो या फिर श्लोक|

आज हम इस लेख में कुछ ऐसी  ही बात करने जा रहे हैं |

स्टूडेंट लाइफ में हमारा मन सीखने में नहीं लगता बल्कि हम किताबों को पढ़ कर केवल पास होना चाहते हैं और इसका कारण यह होता है कि शायद उनको आगे आने वाली ज़िम्मेदारी के बारे में पता नहीं होता|

उदाहरण के लिए हम एक सिचुएशन को देखते हैं कि अगर आपके परिवार में 3-4 लोग किसी बिजनेस में मिलकर काम कर रहे होते हैं  और आपको भी कहा जाए की अब तुम भी हमारे साथ इस बिजनेस में काम करोगे मगर यह नहीं बताया जाता कि  तुम्हारी जिम्मेदारी क्या होगी या तुम्हारे काम का आकलन कैसे होगा| ऐसे हालात में आप काम तो करोगे मगर आप में वो जील नहीं होगी की मुझे इस बिजनेस को बहुत उपर ले जाना है |

एक बहुत ही इम्पोर्टेन्ट चीज़ होती है कि Responsibility के साथ Authority अपने आप आती है , मगर अधिकतर लोग इस बात को नकार देते हैं और केवल ज़िम्मेदारी की ही बात करते हैं | Responsibility और Authority एक सिक्के के 2 पहलु हैं  जिसको कभी भी अलग नहीं किया जा सकता |

पढ़ा हुआ याद रखने के 5 आसान तरीके

दोस्तों अभी आपकी लाइफ स्टूडेंट लाइफ है जिसको Golden Era of the Life कहा जाता है और इस लाइफ में आप हर तरह से आज़ाद है कि आप क्या सीखना चाहते हैं , आप ही मालिक हैं अपनी ज़िम्मेदारी और अथॉरिटी को तय करने के लिए|

यह समय ऐसा है कि आपकी सारी स्कूल की परीक्षाएँ करीब-2 आ चुकी हैं और आप अपनी तैयारी में पूरी तरह से जुटे हुए हैं जो की बहुत अच्छी बात है |

क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी अपने देश के प्रति क्या ज़िम्मेदारी है, अगर नहीं तो आज ही यह तय कीजिये की आप देश को क्या देना चाहते हैं |

अगर आपने यह तय कर लिया तो आप खुद महसूस करेंगे कि आप में एक नयी उर्जा आ रही है| स्कूल लाइफ या ग्रेजुएशन में सीखी हुई चीज़ें ही आपका करियर तय करती हैं |

हमारी सरकार एक बहुत बड़ी रकम गवर्मेंट schools और colleges (NIITs IITs & IIMs) पर खर्च करती है ताकि हम पढ़ लिख कर कुछ ऐसा करें जिससे कि हम अपने देश का नाम रोशन कर सकें|

आप इस बात की ज़िद पर अड़ जाओ कि खुद को मिटा देंगे, जला देंगे मगर अपने देश का नाम रोशन ज़रूर करेंगे | आप बड़े से बड़े कामयाब लोगों को अगर देखें तो उन सब में एक चीज़ कॉमन है और वह है जुनून, पागलपन और ज़िद|

आप अपनी बोर्ड एग्जाम की पढ़ाई को बहुत मजबूती से कीजिये और इस बात का भी ध्यान रखिये कि आपको स्कूल की शिक्षा के बाद क्या करना है जो आपको आपके जुनून, पागलपन और ज़िद को पूरा करने में मददगार साबित हो |

स्टूडेंट्स ऐसे करें किसी भी काम को असंभव से संभव, जानें ये 5 टिप्स

Advertisement

Related Categories

Advertisement