भारत की सर्वश्रेष्ठ स्कॉलरशिप

छात्रवृत्ति को लेकर एक आम धारणा यह है कि इसकी जरुरत सिर्फ उन्हीं छात्रों को होती है जो आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं. लेकिन ध्यान रखिये ऐसी कोई बात नहीं है. किसी भी योग्य छात्र के लिए शिक्षा पर खर्च किए गए पैसे बचाने के लिए छात्रवृत्ति एक अच्छा माध्यम हो सकती है. छात्रवृत्ति मनोबल को बढ़ावा और धैर्य देती है. यह छात्र को करियर या व्यवसाय के क्षेत्र में रचनात्मक स्वतंत्रता पर जोर देकर स्वयं के मूल्यों के अनुसार जीवन जीने में मदद करती है. भारत में  छात्रों को मुख्यतः तीन प्रकार की छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं -

भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति  

भारत सरकार देश में साक्षरता दर में वृद्धि को लेकर प्रतिबद्ध है और इसी कारण से विभिन्न योजनाओं के तहत छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करती है. इनमें से अधिकतर छात्रवृत्तियां मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) और कुछ अन्य देशों द्वारा कार्यरत कई सरकारी संगठनों द्वारा प्रदान की जाती हैं. यह सुनिश्चित करने के लिए कि वित्तीय कारणों से कोई भी छात्र अपनी शिक्षा पूरी नहीं कर पाता है, भारत सरकार ने छात्रवृत्ति के लिए केन्द्रीय क्षेत्र की छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ किया और 2008 के बाद से इसे विश्वविद्यालयों द्वारा छात्र हित में चलाया जा रहा है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालयों में पढ़ाई करने वाले 6 लाख से कम की पारिवारिक आय वाले मेधावी छात्रों के दिन-प्रतिदिन के खर्च के एक भाग को पूरा करने के लिए प्रतिवर्ष वित्तीय सहायता प्रदान करना है.वार्षिक लक्ष्य प्रति वर्ष 82,000 छात्रवृत्ति (लड़कों के लिए 41000 और लड़कियों के लिए 41000) हैं जिसे 18-25 वर्ष आयु वर्ग के राज्य की जनसंख्या के आधार पर राज्य शिक्षा बोर्डों में विभाजित किया गया है. किसी भी बोर्ड की 12 वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक मार्क्स लाने वाले ऐसे छात्र जो किसी रेगुलर स्ट्रीम से पढ़ाई कर रहा हो तथा पहले से उसे किसी भी तरह की छात्रवृति नहीं मिल रही है, तो वह इस छात्रवृति के लिए आवेदन कर सकता है.

छात्रवृत्ति की दर पहले तीन वर्षों के लिए 10,000  रुपये प्रति वर्ष और चौथे और पांचवें वर्ष के लिए प्रतिवर्ष 20,000 रूपये प्रति वर्ष है.भारत सरकार हिंदी में पोस्ट-मैट्रिक स्टडीज के लिए गैर-हिंदी बोलने वाले राज्यों के छात्रों को विशेष छात्रवृत्ति योजना जैसी छात्रवृत्ति प्रदान करता है.

निजी कंपनियों द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति  

कई निजी कंपनियों के लिए छात्रवृत्तियां कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. सीएसआर गतिविधियां सभी निजी कंपनियों के लिए अनिवार्य है ताकि वे समाज को कुछ दे सकें.कई कंपनियां एनजीओ आदि खोलती हैं लेकिन कुछ शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से ही एनजीओ का गठन करते हैं और शिक्षा के क्षेत्र में अपूर्व योगदान के क्रम में कमजोर एवं प्रतिभाशाली छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करते हैं.

विदेशों में मिलने वाली छात्रवृत्ति

विदेशों में मिलने वाली छात्रवृत्तियों की कई  श्रेणियां हैं. इनमें से कुछ भारत में ही शिक्षा ग्रहण करने के लिए दी जाती हैं जबकि कुछ विदेशों में सस्ते दर पर पढ़ाई करने के लिए दी जाती है.

विदेशों में पढ़ाई करने के लिए लिए छात्रवृत्ति आवश्यक है, क्योंकि ज्यादातर यूरोपीय और अमेरिकी देशों की मुद्राओं की तुलना में रुपए का मूल्य काफी कम है. अतः वहां के लिए ट्यूशन फी ही एक वित्तीय बोझ बन जाता है.

निष्कर्ष

गौरतलब है कि भिन्न भिन्न छात्रवृत्तियों में अलग अलग योग्यता और मानदंड होते हैं. आप अपनी योग्यता के अनुरूप तथा जिस छात्रवृत्ति के मानदंड को आप पूरा करते हैं, उसके लिए आवेदन कर सकते हैं.

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