ये हैं मार्केट रिसर्च की फील्ड में खास करियर ऑप्शन्स

लेटेस्ट डाटा के मुताबिक वर्ष 2019-20 में विश्व अर्थव्यवस्था की विकास दर 3% रहने की संभावना है. हमारे देश में वर्ष 2019 के शुरू के महीनों में यह विकास दर 7.5% के आस-पास रही है. भारत की लगातार बढ़ती हुई जनसंख्या, कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर और करप्शन ऐसी चुनौतियां हैं जो भारत के सतत आर्थिक विकास की राह में सबसे बड़ी रुकावटें बनी हुई हैं. यद्यपि, किसी सफल बिजनेस के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्वाइंट है हमेशा बदलते हुए कंज्यूमर बिहेवियर को समझना. यहीं मार्केट रिसर्च की फील्ड का महत्व पता चलता है. मार्केट रिसर्च वास्तव में कंज्यूमर एडवाइस, ओपिनियन्स, व्यूज, टेस्ट्स और पसंदों के आधार पर डाटा कलेक्शन की प्रोसेस है. अगर आप मार्केट रिसर्च की फील्ड में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं तो आप मार्केट रिसर्च के निम्नलिखित पहलुओं को जरुर ध्यान में रखें जैसेकि:

मार्केट रिसर्च का अर्थ 

मार्केट रिसर्च कंज्यूमर बिहेवियर को समझने की कोशिश है. अब, क्योंकि कंज्यूमर्स की मांगों की प्रकृति गतिशील होती है, हरेक कंपनी को अपने कंज्यूमर्स के मुताबिक अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजी समय-समय पर बदलनी पड़ती है. कई कंपनियों में क्वालिफाइड और अनुभवी मार्केट रिसर्चर्स की बढ़ती हुई मांग के कारण, इस फील्ड में आजकल यंगस्टर्स के लिए करियर के बेहतरीन ऑप्शन्स उपलब्ध हैं. 

मार्केट रिसर्च में काम की प्रक्रिया

किसी मार्केट रिसर्चर का सबसे महत्वपूर्ण काम संबद्ध संगठन या कंपनी को उनके कंज्यूमर्स की पसंदों के मुताबिक डायनामिक प्रोडक्ट/ सर्विसेज प्रोफाइल्स ड्राफ्ट करने में मदद करना है. इससे मार्केटिंग और सेल्स टीम्स को अपने ऑब्जेक्टिव्स पाने में मदद मिलती है. इसी तरह, मार्केट रिसर्चर्स पिछले स्टेटिसटिकल सेल्स डाटा को भी एनालाइज करते हैं ताकि भावी सेल्स का अनुमान लगाया जा सके. ऐसा करने के लिए, मार्केट रिसर्च एनालिस्ट्स कई रचनात्मक तरीके अपनाते हैं जैसेकि, वे ग्रुप इंटरव्यूज, सर्वेज और टेलीफोनिक इंटरव्यूज पर ज्यादा फोकस करते हैं ताकि कस्टमर्स से मनचाही जानकारी प्राप्त हो सके. फिर, कलेक्ट किये गए डाटा को सिस्टेमेटिक तरीके से संकलित और संगठित किया जाता है और फिर, क्लाइंट्स को पेश किया जाता है ताकि क्लाइंट्स उस डाटा को ध्यान में रखकर ही बिजनेस संबंधी अपने निर्णय ले सकें. 

भारत की प्रमुख मार्केट रिसर्च कंपनियां 

हमारे देश की प्रमुख मार्केट रिसर्च कंपनियों की लिस्ट निम्नलिखित है:

ये कंपनियां अपने गहन मार्केट रिसर्च प्रोजेक्ट्स के माध्यम से आपके कारोबार को काफी फायदा पहुंचाती हैं. इन कंपनियों के मार्केट रिसर्च प्रोजेक्ट्स के आधार पर विभिन्न बिजनेस कंपनियां अपने गुड्स एंड सर्विसेज के संबंध में सभी गोल्स तय करके अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजीज तैयार करती हैं.

मार्केट रिसर्चर के पेशे के लिए जरुरी स्किल्स

मार्केट रिसर्च एनालिस्ट के पास बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स होने चाहिए ताकि क्लाइंट्स के साथ वे असरदार तरीके से डील कर सकें और अपने बिजनेस ऑब्जेक्टिव्स प्राप्त कर सकें. ये पेशेवर डाटा एनालिसिस के लिए एनालिटिकल टूल्स में अवश्य माहिर हों और ट्रेडिशनल एवं टेक्निकल मेथड्स का बेहतर इस्तेमाल करना इन्हें अच्छी तरह से आता हो. इसी तरह, ये पेशेवर डाटा कलेक्शन और प्रोसेसिंग की विभिन्न टेक्निक्स जानते हों ताकि ये पेशेवर अपने कस्टमर्स का व्यवहार अच्छी तरह समझ कर उसके मुताबिक अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजीज तैयार कर सकें.

मार्केट रिसर्च की फील्ड में ये हैं कुछ ख़ास करियर ऑप्शन्स

मार्केट रिसर्च प्रोफेशनल्स अपने इंटरेस्ट, एक्सपर्टाइज और स्किल सेट्स के मुताबिक निम्नलिखित करियर्स अपना सकते हैं:

मार्केट रिसर्च पेशेवरों को मिलने वाला सैलरी पैकेज

किसी भी कैंडिडेट के जॉब रोल, पोजीशन और अनुभव के आधार पर, किसी भी मार्केटिंग रिसर्च संगठन में रिसर्च प्रोफेशनल्स के लिए सैलरी स्ट्रक्चर अन्य समान संगठनों से अलग होता है. उदाहरण के लिए, किसी फील्ड सर्वे एग्जीक्यूटिव की सैलरी शुरू में रु. 6000/- से रु. 7000/- प्रति माह तक हो सकती है लेकिन किसी सीनियर मैनेजर की सैलरी रु. 900000/- से रु. 1500000/- प्रति वर्ष तक हो सकती है.

अब इसमें कोई दो राय नहीं कि, सही मार्केटिंग रिसर्च प्रोजेक्ट्स के माध्यम से कोई भी बिजनेस कंपनी अपने बिजनेस के संबंध में स्वॉट – स्ट्रेंथ, वीकनेसेज, ऑपोरचूनिटीज़ और थ्रेट्स के बारे में पहले ही सारी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करके अपने बिजेनस की ग्रोथ के लिए समय रहते सभी जरुरी कदम उठा सकती है. मार्केट रिसर्च की फील्ड सभी तरह की मार्केटिंग प्रॉब्लम्स को बखूबी सुलझा देती है.

Related Categories

NEXT STORY