मर्यादा की परिभाषा | Shiv Khera | Safalta Ki Raah Par | Episode 11

इस वीडियो में सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर और लेखक शिव खेड़ा जी हमें अपने जीवन में सफलता हासिल करने के लिए मर्यादा का महत्व समझा रहे हैं. शिव खेड़ा जी हमें समझा रहे हैं कि उनके मुताबिक, मर्यादा की वास्तविक परिभाषा और अवधारणा क्या है? इस वीडियो में शिव खेड़ा जी हमें महात्मा गांधी और मर्यादा पुरुषोत्तम राम के उदाहरण देकर मर्यादा के बारे में अपने विचार हमारे सामने पेश कर रहे हैं. उनके एक मोटिवेशनल प्रोग्राम के समाप्त होने पर जब किसी व्यक्ति ने शिव खेड़ा जी से पूछा कि क्या आप गांधीवादी हैं?.....तो उस व्यक्ति के प्रश्न का जवाब देने से पहले शिव खेड़ा जी ने उस व्यक्ति से ही पूछ लिया कि, आपके विचार से गांधीवाद क्या है? फिर, उस व्यक्ति के जवाब के आधार पर शिव खेड़ा जी ने मर्यादा पुरुषोत्तम राम और महात्मा गांधी के उदाहरण देते हुए हमारे सामने मर्यादा की अवधारणा को परिभाषित किया. अगर हम शिव खेड़ा जी की मर्यादा की परिभाषा के मुताबिक अपने जीवन में मर्यादित व्यवहार करें तो बेशक जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता हासिल करना हमारे लिए आसान हो जायेगा.    

  • शिव खेड़ा जी और गांधीवादी अवधारणा

इस वीडियो के शुरू में विश्वविख्यात मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा जी हमें बता रहे हैं कि एक बार वे अपना मोटिवेशनल प्रोग्राम कर रहे थे और उस कार्यक्रम में 400-500 लोग शामिल थे. उस कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद एक व्यक्ति शिव खेड़ा जी के पास आया और उसने शिव खेड़ा जी से एक बिलकुल असंगत प्रश्न पूछा कि क्या आप गांधीवादी हैं? आप एक गांधीवादी की तरह दिखते हैं. तब शिव खेड़ा जी ने अपना जवाब देने से पहले उस व्यक्ति से पूछा कि, ‘पहले आप मुझे थोड़ा तो बताइए कि ‘गांधीवादी’ की आपकी परिभाषा क्या है? आप किसे गांधीवादी कहते हैं? आपके मुताबिक एक गांधीवादी की क्या योग्यताएं हैं?’ ये महत्वपूर्ण प्रश्न शिव खेड़ा जी ने उस व्यक्ति से पूछे. तब उस व्यक्ति ने गांधीवाद के बारे में अपने विचार रखे.  

  • गांधीवादी व्यक्ति के लक्षण

उन सज्जन ने जवाब दिया कि एक गांधीवादी व्यक्ति वह इंसान होता है जो 3 सिद्धांतों का पालन करता है. उस व्यक्ति ने गांधीवाद का अपना पहला सिद्धांत यह बताया कि, गांधी जी के मुताबिक दुनिया में प्यार से हम सबको जीत सकते हैं. दूसरा सिद्धांत यह है कि गांधीजी उदारचित्त और सहनशील थे. तीसरा सिद्धांत यह है कि गांधीजी अहिंसा में विश्वास रखते थे. इन 3 सिद्धांतों का पालन जो करता है, वही वास्तव में गांधीवादी इंसान है. यह सुनकर कुछ देर तक विचार करने के बाद शिव खेड़ा जी ने उस व्यक्ति को कुछ इस तरह अपना तर्क संगत जवाब दिया.  

  • मर्यादा पुरुषोत्तम राम और गांधीवाद

अब सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर ने उस व्यक्ति की बात का जवाब देते हुए उस व्यकित से पूछा कि हमारे देश में कई पीर-फकीर, महान लोग हुए है और बेहतरीन ग्रंथ हैं. शिव खेड़ा जी ने आगे कहा कि हमारे देश में आज भी जब मर्यादा की बात चलती है तो मर्यादा पुरुषोत्तम राम की ही चर्चा होती है. फिर शिव खेड़ा जी ने उन सज्जन से पूछा कि, ‘आप मुझे बताओ – राम गांधीवादी थे क्या?’ आपने गांधीवाद से जुड़े जो 3 सिद्धांत या तर्क दिए हैं क्या राम उन तीनों सिद्धांतों पर खरे उतरे थे?

  • 3 सिद्धांत और मर्यादा पुरुषोत्तम राम

इस वीडियो में आगे शिव खेड़ा जी उन सज्जन द्वारा बताये गये 3 सिद्धांतों के मुताबिक मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन से उदाहरण देकर हमें यह समझा रहे हैं – पहला सिद्धांत यह है कि प्यार से हम दुनिया में सब कुछ जीत सकते हैं......तो क्या राम सब कुछ जीते?..... इस तरह, राम तो पहले ही सिद्धांत में असफल रहे. आपके मुताबिक दूसरा सिद्धांत है उदारचित्त होना, सहनशील होना.......तो क्या राम ने यह कहा था कि तुम सीता ले गए तो कोई बात नहीं. मैं बहुत उदारचित्त हूं, सहनशील हूं.....कोई बात नहीं. मैं दूसरी सीता ले आऊंगा. उसे ले जाओगे तो तीसरी सीता ले आऊंगा. तीसरी सीता ले जाओगे तो चौथी सीता ले आऊंगा.....क्या राम जी ने यह जवाब दिया था?.....तो फिर तो राम इस सिद्धांत में भी फेल हो गए. अब आपके मुताबिक तीसरा सिद्धांत अहिंसा का पालन करना है......तो राम ने क्या किया? जब उस व्यक्ति को इसका जवाब नहीं सूझा तो शिव खेड़ा जी ने जवाब दिया कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने रावण का वध किया. इस तरह, राम तो इन तीनों ही सिद्धांतों में फेल हो गए.

  • शिव खेड़ा जी के मुताबिक मर्यादा की परिभाषा

इस वीडियो के अंत में फिर सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा जी हमें मर्यादा की परिभाषा समझाते हुए कह रहे हैं कि उनके मुताबिक, राम इस देश के लिए महान थे. मर्यादा पुरुषोत्तम राम का महत्त्व गांधी जी से कहीं अधिक है अर्थात मर्यादा पुरुषोत्तम राम मर्यादा का सर्वोच्च उदाहरण हैं और गांधीजी से कहीं अधिक महान हैं. शिव खेड़ा जी फिर उस व्यक्ति से कहते हैं कि, ‘अगर आप मर्यादा की यह परिभाषा समझते हैं तो मैं मर्यादा पुरुषोत्तम राम को एक महान आदर्श मानते हूं.’ इस वीडियो में शिव खेड़ा जी आगे कह रहे हैं कि, ‘लेकिन अगर आप (वह व्यक्ति) अपने बताये हुए 3 सिद्धांतों के मुताबिक देखें तो मैं गांधीवादी नहीं हूं,’ ........तो इस तरह, शिव खेड़ा जी हमारे देश के सर्वोच्च महानायक मर्यादा पुरुषोत्तम राम को अपना आदर्श मानते हुए, जीवन की विभिन्न परिस्थितियों के अनुसार, संगत-असंगत का निर्णय लेते हुए हमें अपना जीवन जीने की प्रेरणा दे रहे हैं ताकि हम अपने जीवन की विभिन्न परिस्थितियों के मुताबिक मर्यादा का पालन करते हुए सफल, संतुलित और सुकून से युक्त जीवन जी सकें.        

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