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एमबीए बनाम सीए: जानें कौन-सा करियर है आपके लिए ज्यादा बेहतर ?

हमारे देश में निरंतर जारी आर्थिक विकास और जॉब मार्केट में लगातार बढ़ते हुए कॉम्पीटीशन के कारण, अक्सर आजकल भी स्टूडेंट्स कंफ्यूज हो जाते हैं कि वे एमबीए की डिग्री हासिल करें या फिर, सीए का कोर्स करें. वैसे तो यह स्टूडेंट्स के स्किल-सेट, क्वालिफिकेशन, टैलेंट और इंटरेस्ट पर काफी निर्भर करता है कि अपने लिए एमबीए या सीए के कोर्स में से कौन-सा कोर्स चुने? लेकिन फिर भी आपकी सहूलियत के लिए हम यहां इन दोनों ही कोर्सेज के संबंध में कुछ जरुरी प्वाइंट्स पेश कर रहे हैं ताकि आप इन प्वाइंट्स के आधार पर अपने लिए सूटेबल कोर्स चुन सकें. आइये आगे पढ़ें:

क्या है एमबीए कोर्स?

भारत में हरेक अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट के लिए एमबीए सबसे ज्यादा पसंदीदा करियर ऑप्शन है. ऐसा इसलिए है कि अब भी हमारे देश में किसी टॉप बी- स्कूल से एमबीए डिग्री होल्डर्स को सबसे बढ़िया सैलरी पैकेज मिलता है और हरेक एमबीए ग्रेजुएट अपने लिए शानदार करियर और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद रखता है. आजकल जब आर्थिक स्तर पर सभी कारोबारों को ग्लोबल कॉम्पीटीशन का सामना करना पड़ता है तो ऐसे समय में हरेक कंपनी और सेक्टर में ऐसे मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स और पेशेवरों की काफी मांग है जो अपनी कंपनी या संगठन के उद्देश्य और लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे कर सकें और जिनके पॉजिटिव रिजल्ट्स निकलें. जो स्टूडेंट्स किसी टॉप बी-स्कूल से एमबीए की डिग्री प्राप्त करना चाहते हैं, उन स्टूडेंट्स को कैट (सीएटी), मैट (एमएटी), स्नैप (एसएनएपी), एटीएमए और एमएचसीईटी जैसे एंट्रेंस एग्जाम्स पास करने होंगे. आमतौर पर एमबीए कोर्सेज 2 वर्ष की अवधि के होते हैं और मार्केटिंग, ह्यूमन रिसोर्स, आईटी, फाइनेंस तथा अन्य संबद्ध विषयों में स्पेशलाइजेशन ऑफर करते हैं.

भारत के टॉप बी-स्कूल्स में विभिन्न एमबीए कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए कंडक्ट किये जाने वाले विभिन्न एंट्रेंस एग्जाम्स में शामिल होने के लिए स्टूडेंट्स ने किसी मान्यताप्राप्त कॉलेज/ यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में कम से कम 50% मार्क्स के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की हो. 

क्या है सीए कोर्स?

हमारे देश में कॉमर्स स्टूडेंट्स के बीच चार्टर्ड एकाउंटेंसी (सीए) का कोर्स काफी लोकप्रिय है जिसे पूरा करने के बाद स्टूडेंट्स दी इंस्टीट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया (आईसीएआई) के पास अपना नाम रजिस्टर करवा कर चार्टर्ड एकाउंटेंट का सुप्रसिद्ध पेशा शुरू कर सकते हैं. किसी मान्यताप्राप्त बोर्ड से कॉमर्स विषय में कम से कम 50% मार्क्स के साथ अपनी 12वीं क्लास का एग्जाम पास करके स्टूडेंट्स इस कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं.

एमबीए और सीए के बीच प्रमुख भेद:

  • एडमिशन – एमबीए के कोर्स में कोई भी स्टूडेंट एडमिशन ले सकता है लेकिन टॉप 15 बी-स्कूल्स (भारत के टॉप 10 आईआईएम इंस्टीट्यूट्स, एबीसीएलकेआईएस, एसपी जैन, एफएमएस, जेबीआईएमएस, एमडीआई एवं अन्य) में एडमिशन प्राप्त करना वास्तव में बहुत कठिन है क्योंकि कैट (कॉमन एडमिशन टेस्ट) एग्जाम पास करना काफी कठिन होता है जो आपका एप्टीट्यूड टेस्ट करता है. इसी तरह, सीए कोर्स में कोई भी स्टूडेंट एडमिशन ले सकता है लेकिन इस कोर्स को पूरा बहुत कम लोग ही कर पाते हैं
  • कम्युनिकेशन पर फोकस – एमबीए कोर्स में प्रेजेंटेशन पर काफी फोकस होता है और इंग्लिश लैंग्वेज में कुशलता कैट एग्जाम का एक अभिन्न हिस्सा है और हमारे देश में बिजनेस में सफलता प्राप्त करने के लिए इंग्लिश लैंग्वेज स्किल पहली शर्त है. सीए में कम्युनिकेशन स्किल्स पर इतना जोर नहीं दिया जाता है.
  • क्लासरुम इंटरेक्शन – एमबीए कोर्स के तहत क्लासरुम इंटरेक्शन के माध्यम से स्टूडेंट्स को टीम्स के साथ मिलकर काम करना सिखाया जाता है लेकिन सीए कोर्स के तहत क्लासरुम इंटरेक्शन इतना महत्व नहीं रखता है और बहुत से सीए स्टूडेंट्स अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री कॉरेस्पोंडेंस के माध्यम से या काफी कम कॉलेज क्लासेज अटेंड करके हासिल करते हैं.
  • वर्किंग स्टाइल – एक एमबीए पेशेवर यह अच्छी तरह जानता है कि काम कैसे करवाना है जबकि एक सीए पेशेवर को यह पता होता है कि अपना काम कैसे करना है?   
  • रोज़गार के अवसर – वर्ष 2016 की एसोचेम रिपोर्ट के मुताबिक, हमारे देश में लगभग 93% एमबीए स्टूडेंट्स अनएम्पलॉएबल हैं जबकि हमारे देश में मौजूद बी-स्कूल्स में से कम से कम हाफ बी-स्कूल्स आपको 100% प्लेसमेंट की गारंटी देते हैं. सीए कैंडिडेट्स को अक्सर कोर्स पूरा करते ही काम मिल जाता है. रोज़गार के संदर्भ में सीए के पेशे में रोज़गार के ज्यादा अवसर मौजूद हैं. 
  • पेमेंट – टॉप 10 बी-स्कूल से पासआउट एमबीए कैंडिडेट्स को एवरेज रु. 15 लाख – 30 लाख सालाना मिलते हैं और सीए कैंडिडेट को शुरू में एवरेज रु. 6 लाख – 7 लाख सालाना मिलते हैं. लेकिन किसी साधारण इंस्टीट्यूटसे पास आउट एक एमबीए कैंडिडेट को शुरू में एवरेज रु. 3 लाख – 5 लाख सालाना का पैकेज मिलता है.   

एमबीए कोर्स के लिए भारत के टॉप एमबीए इंस्टीट्यूट्स:

एनआईआरएफ, मिनिस्ट्री ऑफ़ ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट रैंकिंग, वर्ष 2018 के मुताबिक हमारे देश के टॉप एमबीए इंस्टीट्यूट्स निम्नलिखित हैं:   

  • आईआईएम, अहमदाबाद
  • आईआईएम, बैंगलोर
  • आईआईएम, कलकत्ता
  • आईआईएम, लखनऊ
  • आईआईएम, कोझिकोड
  • आईआईटी, दिल्ली
  • आईआईटी, खड़गपुर
  • आईआईटी, रुड़की
  • जेवियर लेबर रिलेशंस इंस्टीट्यूट (एक्सएलआरआई)
  • आईआईएम इंदौर

सीए कोर्स के लिए भारत के कुछ प्रमुख इंस्टीट्यूट्स

हमारे देश में सीए कोर्स करने के लिए कुछ प्रमुख इंस्टीट्यूट्स की लिस्ट निम्नलिखित है:

  • एकेडेमी ऑफ़ कॉमर्स, नई दिल्ली
  • नाहाता प्रोफेशनल एकेडेमी, इंदौर
  • विद्या सागर करियर इंस्टीट्यूट लि., जयपुर
  • येशस एकेडेमी, बैंगलोर
  • चाणक्य एकेडेमी फॉर मैनेजमेंट एंड प्रोफेशनल स्टडीज, हैदराबाद
  • जेके शाह क्लासेज, मुंबई
  • एटी एकेडेमी, मुंबई, महाराष्ट्र
  • अग्रवाल क्लासेज, पुणे, महाराष्ट्र
  • अध्ययन, रायपुर, छत्तीसगढ़
  • ड्रीम एजुकेशन प्वाइंट, आगरा, उत्तर प्रदेश

स्टूडेंट्स के लिए एक चुनौती: एमबीए बनाम सीए करियर ऑप्शन

आज के इस कॉम्पीटीटिव समय में, सीए बनाम एमबीए का करियर स्कोप जानने के बजाए आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन साबित होगा कि, अगर आप एमबीए की डिग्री हासिल करने के साथ सीए का एग्जाम भी पास कर लें क्योंकि हमारे देश में फाइनेंस और कंसल्टिंग जॉब्स के संबंध में यह एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन है. वास्तव में अगर स्टूडेंट्स अपने स्किल सेट, टैलेंट, क्वालिफिकेशन और इंटरेस्ट के मुताबिक ही अपने लिए एमबीए या सीए में से कोई पेशा चुनें तो यह उनके लिए काफी आकर्षक और फायदेमंद साबित होगा. 

भारत में एमबीए और सीए पेशेवरों का सैलरी पैकेज

हमारे देश में टॉप बी-स्कूल के एमबीए ग्रेजुएट को वर्ष 2018 में एवरेज रु. 16 लाख - रु. 30 लाख सालाना तक का सैलरी पैकेज मिला है जबकि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) को एवरेज रु. 7.36 लाख – 24.34 लाख सालाना मिलते हैं.

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