बोर्ड परीक्षा लिखते समय विद्यार्थी अक्सर करते हैं ये गलतियाँ

बोर्ड परीक्षा किसी भी विद्यार्थी के शैक्षिक जीवन का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैl बोर्ड परीक्षा में प्राप्त किए अंकों के आधार पर ही विद्यार्थी अगली कक्षा में पढ़े जाने वाले विषयों का चुनाव करता है जो आगे चलकर विद्यार्थी के भावी करियर के निर्माण में मददगार साबित होता हैl यही कारण है कि विद्यार्थियों से बोर्ड एग्जाम में अच्छा परिणाम लाने की अपेक्षा की जाती हैl परन्तु इन सभी उम्मीदों और अपेक्षाओं के चलते विद्यार्थियों के भीतर बोर्ड परीक्षा के प्रति डर और दबाव की स्थिति पैदा हो जाती है जिसकी वजह से विद्यार्थी सब कुछ आते हुए भी परीक्षा सही से नहीं लिख पातेl

बोर्ड परीक्षा लिखते समय अक्सर विद्यार्थी कुछ ऐसी सामान्य गलतियाँ करते हैं जिनकी वजह वे कड़ी मेहनत के बावजूद बेहतरीन परीक्षा लिखने से चूक जाते हैं और मनचाहा परिणाम हासिल नहीं कर पातेl

बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों द्वारा की जाने वाली कुछ सामान्य गलतियाँ इस प्रकार हैं:

1. परीक्षा में मिलने वाले पहले 15 मिनट का सही इस्तेमाल न करना

बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों को परीक्षा लिखने से पहले प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का समय दिया जाता हैl बोर्ड की ओर से यह एक्स्ट्रा टाइम इस लिए दिया जाता है ता कि विद्यार्थी इस दौरान अगले तीन घंटों के लिए एक रणनीति तैयार कर सकें और उन तीन घंटों को सिर्फ़ और सिर्फ़ परीक्षा लिखने के लिए ही इस्तेमाल करेंl परन्तु अधिक्तर विद्यार्थी 15 मिनट के इस समय में प्रश्नों को लिखने के लिए सही अनुक्रम और रणनीति तैय करने के बजाए महज उन्हें पढ़ने में ही सारा समय बिता देते हैं और बाद में परीक्षा लिखते समय उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ता है कि कहाँ से शुरू करें और क्या लिखेंl

2. प्रश्न को सही से पढ़ने और समझने में चूक जाना

परीक्षा के दबाव, डर और समय सीमा प्रभाव के चलते विद्यार्थियों की दिमागी सतर्कता काफी हद तक प्रभावित होती है, जिसकी वजह से वे प्रश्नों को सही से पढ़ने में चूक जाते हैं और उनमें पूछी गई असल समस्सया को बिना समझे उसका हल लिखना शुरू कर देते हैं और फिर सही कॉन्सेप्ट ना लिखने की वजह से महत्वपूर्ण अंक खो बैठते हैंl

उदाहरण के तौर पर गणित के किसी प्रश्न में कौनसी थ्योरम का इस्तेमाल होना है, या साइंस का कोई numerical किस सिद्धांत के आधार पर हल होगा, विद्यार्थी इन ज़रूरी बातों को समझने में गलती कर बैठते हैंl

3. वर्ड लिमिट का ध्यान ना रखना

अधिक्तर विद्यार्थियों का यह सोचना है कि बोर्ड एग्जाम में जितने लम्बे उत्तर लिखेंगे उतने ही ज़्यादा अंक प्राप्त होंगेl जिसके चलते वह कुछ प्रश्नों के उत्तर लिखने में ही अधिक्तर समय ख़र्च कर देते हैं और बाकी बचे प्रश्नों को कम समय में जल्दी हल करने के चक्कर में कई गलतियाँ कर बैठते हैंl अधिक शब्द लिखने से अधिक अंक मिलने वाली बात बिलकुल सही नहीं हैl दरअसल एग्जामिनर आपके उत्तर में सिर्फ़ सही कॉन्सेप्ट और तर्क के लिए ही अंक देते हैं ना कि यहाँ-वहाँ की कहानियाँ लिखने के लिएl ऐसे उत्तरों के लिए एग्जामिनर आपके अंक काट सकते हैं जिनमे से उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर key-points निकालने पड़ेंl

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4. परीक्षा लिखने के लिए सही टाइम मैनेजमेंट की कमी होना

लगभग हर विद्यार्थी यह बात अच्छे से जानता है कि बोर्ड परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए टाइम मैनेजमेंट यानि समय का सही प्रबंधन बेहद ज़रूरी है लेकिन परीक्षा के दबाव और चिंता के चलते हर विद्यार्थी समय का सही प्रबंधन करने से चूक जाता हैl डर व घबराहट के चलते विद्यार्थी allotted time और word limit को ध्यान में नहीं रखते हैं और विभिन्न खण्डों और प्रश्नों को लिखने के लिए सही रणनीति नहीं बना पाते जिसका नतीजा ख़राब रिजल्ट के रूप में सामने आता हैl इसके लिए विद्यार्थियों को परीक्षा लिखने से पहले ही उचित प्लान तैयार कर लेना चाहिए जिसमें वे प्रत्येक प्रश्न के लिए उचित समय निर्धारित करें और उस समय सीमा को फॉलो करेंl

5. प्रश्न में दिए डाटा को सही से कॉपी ना करना

परीक्षा के कारण होने वाले दबाव और चिंता का यह एक और नतीजा है, जिसमें विद्यार्थी किसी प्रश्न या नुमेरिकल को हल करते समय प्रश्न पत्र से गलत टर्म्स या डाटा कॉपी कर लेते हैं जिसकी वजह से सही स्टेप और कैलकुलेशन के बावजूद गलत उत्तर आता है और महज़ एक गलत टर्म या डाटा लिखने की वजह से उस ख़ास प्रश्न में आपको कोई अंक नहीं मिल पाताl इसलिए विद्यार्थियों को थोड़ी सतर्कता बरतनी होगी जिससे वे अपने महत्वपूर्ण अंक बचा सकेंl

यह थी कुछ सामान्य गलतियाँ जो विद्यार्थी ना चाहते हुए भी परीक्षा के कारण होने वाले दबाव और घबराहट के चलते कर बैठते हैं और कुछ महत्वपूर्ण अंक खो बैठते हैंl विद्यार्थिओं को चाहिए के वे बोर्ड परीक्षा को एक सामान्य परीक्षा की तरह लेते हुए अपने दिमाग को शांत व सतर्क रखें और एग्जामिनेशन हॉल में सही प्लान और रणनीति के साथ ही बैठेंl सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को कभी न खोएंl आपको ज़रूर बेहतरीन परिणाम प्राप्त होगाl  

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