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राष्ट्रीय विज्ञान केन्द्र, दिल्ली: जहाँ fun activities के साथ सीख सकते हैं साइंस के कांसेप्ट

आज कल हर पढ़ाई का मतलब केवल किताबें पढ़कर परीक्षा में अछे अंक लाने तक ही सीमित नहीं रह गया है बल्कि आज प्रैक्टिकल शिक्षा पर ज्यादा जोर दिया जाता है. ट्रेनिंग और अभ्यास की मदद से छात्रों की स्किल्स में सुधार आता है जो केवल सैद्धांतिक ज्ञान के माध्यम से नहीं हो सकता. हर स्कूल में अध्यापक विभिन्न प्रोजेक्ट्स और उपकरणों की मदद से छात्रों को विभिन्न टॉपिक्स (खासकर विज्ञान से संबंधित) को आसानी से समझाने की कोशिश करते हैं.

छात्रों की प्रैक्टिकल स्किल्स में वृद्धि लाने के लिए अभिभावकों को भी चाहिए कि वे अपने बच्चों को किसी न किसी तरीके से सीखने के लिए प्रोत्साहित करते रहें. इसका सबसे अच्छा तरीका है बच्चों को छुट्टियों में किसी ऐसी जगह घूमने लेके जाएँ जहाँ उन्हें मनोरंजन के साथ-साथ सीखने को भी मिले. आपके आस-पास कई म्यूजियम या लर्निंग सेंटर मौजूद होंगे जिनमे विज्ञान, भूगोल व् मानव विकास से जुड़े तथ्यों को मजेदार उपकरणों व् तकनीकों की मदद से दिखाया और समझाया जाता है. आज हम ऐसे ही एक साइंस म्यूजियम की बात करेंगे जो लोगों के बीच वैज्ञानिक जागरूकता पैदा करने और विज्ञान के क्षेत्र में रुचि पैदा करने के मकसद से पिछले दो दशकों से अपनी सेवाएं दे रहा है.

राष्ट्रीय विज्ञान केन्द्र, दिल्ली

राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र (National Science Centre) दिल्ली स्थित विज्ञान संग्रहालय है. इसकी स्थापना सन 1992 में हुई थी। यह राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद का आधारभूत अंग है. आठ तलों वाले इस संग्रहालय में वर्किंग साइंस संबंधी प्रदर्शनी के साथ ही साथ स्थापत्यकला के इतिहास को भी प्रदर्शित किया गया है. 

विज्ञान में रूचि रखने वालों के लिये राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र  सबसे सृजनात्मक जगह है. अपने बच्चों को वैज्ञानिक अनुभव देने के लिये यहाँ लायें. यहाँ छात्रों, शिक्षकों और विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिये विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रमों और दिलचस्प प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाता है. 

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राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र की स्थापना का उद्देश्य

  • विज्ञान को हर उम्र के जन्वर्ग के बीच लोकप्रिय बनाना
  • देश में वैज्ञानिक साक्षरता को विस्तृत करने के लिए प्रयास करना
  • छात्रों में वैज्ञानिक शिक्षा के प्रति उत्सुकता बढाने के लिए शिक्षण कार्यकम आयोजित करना
  • नवीन विचारों को पैदा करने के लिए जिज्ञासु मस्तिष्क को प्रोत्साहित करना
  • विज्ञान के क्षेत्र में होने वाली हर तकनीकी प्रगति के बारे में जागरूकता फैलाना
  • विभिन्न उपकरणों व् तकनीकों की मदद से लोगों का मनोरंजन करते हुए उन्हें वैज्ञानिक तथ्य सिखाना
  • देश की वैज्ञानिक एवं तकनीकी विरासत को संरक्षित करना

यहां सभी आयु वर्गों के मनोरंजन व् सीखें के लिए विभिन्न खण्ड जैसे हैरिटेज और डायनासोर गैलरी, मानव जीवविज्ञान गैलरी, फन साइंस लाइब्रेरी आदि विकसित किये गए हैं. भौतिकी के सिद्धांतों की व्याख्या करने वाले अनेक हैंड्स-ऑन डिस्पले भी स्थापित किये गए हैं. बच्चों के लिए स्वर्ग माने जाने वाले इस संग्रहालय को देखने के लिए कम से कम एक पूरा दिन जरूर समर्पित करें.

राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र की प्रमुख विज्ञान प्रदर्शनी गैलरियाँ:

1. अवर साइंस एंड टेक्नोलॉजी हेरिटेज गैलरी


विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीय विरासत का 4500 वर्षों का लंबा इतिहास रहा है. राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र में मौजूद ‘अवर साइंस एंड टेक्नोलॉजी हेरिटेज गैलरी’ दर्शाती है कि किस तरह से समय के साथ-साथ, कला और साहित्य को साथ लेकर चलते हुए, भारतीय मिट्टी पर एक बहुत ही समृद्ध वैज्ञानिक और तकनीकी संस्कृति का विकास हुआ.

2. इनफार्मेशन रिवॉल्यूशन गैलरी


भारत में पिछले 6000 वर्षों में संचार प्रौद्योगिकी के विकास की कहानी को यहां एक बड़ी प्रदर्शनी के माध्यम से समझाया गया है. हर कोई इस दुर्लभ शो के माध्यम से समय के साथ आगे बढ़ते हुए इतिहास में प्रौद्योगिकी और संस्कृति के बीच के संबंध का अनुभव बड़ी ही सह्जता से कर सकता है. यहाँ संचार के पुरातन व् नवीनतम माध्यमों को प्रदर्शित करते हुए समाज पर उनके द्वारा पड़ने वाले प्रभावों को भी दर्शाया गया है.

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3. फन साइंस गैलरी


साइंस विषय को गंभीरता से हट कर मनोरंजक बनाने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र में विस्मय और आश्चर्य की पूरी दुनिया को 137 इंटरैक्टिव हैंड-ऑन प्रदर्शनों के द्वारा दर्शकों को सीखने का मौका दिया जाता है. एक नई सुविधा, 3 डी- थिएटर को भी इस गैलरी में जोड़ा गया है.

4. प्री- हिस्टोरिक गैलरी


यह गैलरी उस दुनिया को दर्शाती है जिसके बारे में हम सब ने सिर्फ पढ़ा है पर देखा नहीं. यह दुनिया लाखों साल पहले अस्तित्व में थी जिसके कई जीव या प्रजातियाँ अब पूरी तरह से विलुप्त हो गए हैं. विशालकाय बिच्छू, प्रारंभिक पक्षियों, विशाल डायनासोर और हिम-युग तक जीवित विभिन्न आयुओं के जीवन रूपों की चयनित 35 प्रजातियों और उनके अनुरूप कृत्रिम वातावरण को विशेष प्रकाश और ध्वनि प्रभाव के साथ गैलरी में प्रस्तुत किया गया है.

5. ह्यूमन बायोलॉजी गैलरी


मानव जीवविज्ञान पर आधारित गैलरी यहाँ मौजूद प्रदर्शनियों में सबसे नवीनतम है. गैलरी का उद्देश्य मानव शरीर के सभी पहलुओं रचनात्मक, शारीरिक, जैव रासायनिक, संरचनात्मक, कार्यात्मक, आदि को चित्रित करना है.

इसके आलावा कई अन्य प्रदर्शनियाँ जीवन में विज्ञानं के योगदान को दर्शाते हुए दर्शकों का मनोरंजन करती हैं.

बच्चों को आकर्षित करने वाले कुछ खास आइटम हैं:

  • सांपों और कालीनों के 3 डी शो
  • मैज ऑफ मिरर्स (दर्पण की भूलभुलैया)
  • अपने कई प्रतिबिंबों का आनंद उठाने के लिए विशाल कालिडोस्कोप
  • विशालकाय डायनासोर की बोलने वाली आकृतियाँ
  • भारतीय और विदेशी भोजन का आनंद

राष्ट्रिय विज्ञानं केंद्र द्वारा बच्चों के लिए ‘समर हॉबी कैंप’:

National Science Centre हर साल गर्मियों की छुट्टियों में मई-जून के महीने में स्कूली विद्यार्थियों के लिए summer hobby camps का आयोजन करता है. इस कैंप में कक्षा तीन से बाहरवीं तक के छात्र रजिस्टर कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन ‘first come first serve’ के आधार पर किया जाता है जिसमे रजिस्ट्रेशन फॉर्म (सम्पूर्ण जानकारी भरने के बाद) व् आवश्यक शुल्क सेंटर में जाकर जमा करवाने होते हैं.

पता: भैरों मार्ग, प्रगति मैदान गेट नंबर 1 के नज़दीक,
नई दिल्ली। 

फोन: 011- 23371893, 23371945
समय : प्रातः 10:00 से सायं 5.30 बजे तक
अवकाश : केवल होली एवं दीवाली के दिन

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