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कक्षा 10 NCERT गणित: चैप्टर 12; वृतों से सम्बंधित क्षेत्रफल

Tabassum Ara

आज हम इस लेख में छात्रों को UP बोर्ड कक्षा 10 ncert बुक के अध्याय 12 “वृतों से सम्बंधित क्षेत्रफल” का पूरा पीडीऍफ़ हिंदी में उपलब्ध करा रहे हैं. गणित एक ऐसा विषय है जिसमें छात्रों को टॉपिक्स को समझने के साथ-साथ अच्छी तरह सभी टॉपिक्स पर प्रैक्टिस भी बहुत ज़रूरी है. क्यूंकि जितना आप प्रैक्टिस करते हैं उतनी ही आपकी पकड़ टॉपिक्स पर और मजबूत होती है.

आज इस अध्याय में हम अपनी चर्चा एक वृत के परिणाम (परिधि) और क्षेत्रफल की संकल्पनाओं की समीक्षा से प्रारम्भ करेंगे तथा प्राप्त ज्ञान के आधार पर वृतीय क्षेत्र (संक्षिप्त रूप से वृत) के दो विशेष ‘भागों’ के क्षेत्रफल को ज्ञात करेंगे. जिन्हें विशेषतः त्रिज्यखंड और वृतखंड कहते हैं. साथ ही हम यह भी देखेंगे कि वृतों या उनके भागों से सम्बद्ध समतल आकृतियों के क्षेत्रफल किस प्रकार ज्ञात किए जाते हैं.

UP बोर्ड के छात्रों को 2018 से ncert पर आधारित पाठ्यक्रम के अनुसार ही अब परीक्षा की तैयारी करनी है तथा यह छात्रों के हित में पहले की तुलना में काफी लाभप्रद भी साबित होने वाला है. UP बोर्ड द्वारा 2018 के नए सत्र में उठाए इस पहल की मदद से अब UP बोर्ड के छात्रों को भी करियर में आगे बढ़ने का अच्छा मौका मिला है.

 

गत वर्ष तक छात्रों का पाठ्यक्रम ncert से अलग होने के कारण कई छात्र UP बोर्ड के अकादमिक तथा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी एक साथ करने में समक्ष नहीं हो पाते थे. दरअसल आम तौर पर प्रतियोगी परीक्षा के एग्जाम का पूरा पैटर्न ncert के पाठ्यक्रम पर आधारित होता है जिस कारण UP बोर्ड के छात्रों को पहले प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए अपने अकादमिक पाठ्यक्रम के साथ-साथ ncert का भी पाठ्यक्रम पढ़ना पड़ता था.

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ncert का पूरा पाठ्यक्रम UP बोर्ड में शामिल करने से कई लाभ हैं या फिर हम यह भी कह सकते हैं कि ncert की किताबें तथा ncert का पूरा पाठ्यक्रम छात्रों अकादमिक स्तर पर एक बड़ी भूमिका निभाती है. यहाँ हम आपको ncert के किताबों के कुछ मुख्य विशेषताओं के बारे में भी बताएंगे ताकि छात्रों को पूरी तरह यह समझ आ जाएं की इस नए सत्र के बदले पाठ्यक्रम की किताबें उनके लिए किस प्रकार सहयोगी साबित होने वाली हैं:

1. ncert की किताबें दुसरे किताबों की तुलना में साधारण भाषा में प्रकाशित की जाती हैं जिस कारण छात्रों के लिए टॉपिक्स को समझना दुसरे रेफ़रेंसबुक की तुलना में ज्यादा आसान होता है.

2. किसी भी काम्प्लेक्स/जटिल विषय को समझने के लिए ncert की किताबें ज्यादा लाभप्रद होती हैं. कॉन्सेप्ट्स को अच्छी तरह क्लियर करना हो या किसी विशेष टॉपिक पर कोई डाउट हो तो वह आसानी से ncert के ज़रिए आप समझ सकते हैं क्यूंकि इसमें टॉपिकस का आसान तथा संक्षिप्त विवरण होता है.

3. ncert की किताबें सीबीएसई का पूरा पाठ्यक्रम कवर करती हैं तो छात्रों को एग्जाम की तैयारी और अपना सिलेबस पूरा करने के लिए अन्य प्रकार की किताबों की आवश्यकता नहीं पड़ती है.

4. एग्जाम के समय अन्य बुक्स की तुलना में यदि आप ncert की बुक्स से तैयारी करते हैं तो वह ज्यादा आसान होता है तथा आपके समय की भी बचत होती है.

5. ncert के किताबों में हर एक अध्याय के अंत में विभिन्न प्रकार के प्रश्न छात्रों को उपलब्ध कराएँ जाते हैं जिनको यदि छात्र अच्छी तरह प्रैक्टिस करें तो उनकी उस अध्याय पर कांसेप्ट तो क्लियर होती ही है साथ ही एग्जाम में किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं यह भी पता चलता है.

छात्रों को सलाह है कि वह दिए गए पूरे चैप्टर को अच्छी तरह समझ कर तथा हल किए हुए उदाहरणों के प्रैक्टिस के बाद अंत में उपलब्ध कराए प्रश्नों को भी अच्छी तरह प्रैक्टिस करें. ताकि वह ज्यादा से ज्यादा टॉपिक्स को अच्छी तरह समझ सकें. यहाँ हम आपको अध्याय 12 के कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स से भी अवगत करायेंगे ताकि चैप्टर पढ़ते समय छात्र अच्छी तरह दिए गएँ सभी टॉपिक्स को कवर कर सकें.

1. वृत का परिमाप और क्षेत्रफल- एक समीक्षा

2. त्रिज्यखंड आयर वृतखण्ड के क्षेत्रफल

3. समतल आकृतियों के संयोजनों के क्षेत्रफल

पूरे चैप्टर को प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें

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