BPSC में DSP की तनख्वाह और पदोन्नति

BPSC राज्य के पुलिस विभाग में DSP की भर्ती करता है, जिसे अन्य सुविधाओं के साथ आकर्षक वेतन मिलता है।DSP का पद राज्य के पुलिस विभाग में रैंक में पहले स्थान पर आता है जो BPSC द्वारा दिया जाता है । पुलिस विभाग में नौकरी बहुत चुनौतीपूर्ण है और अधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र में पुलिस विभाग से संबंधित सभी चीजों का प्रबंधन करना पड़ता है। पुलिस अधिकारियों को समाज में उचित सम्मान मिलता है और वे प्रतिष्ठित जीवन का आनंद लेते हैं।

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पुलिस अधिकारी बनना इतना आसान नहीं है। यह उम्मीदवारों के कड़ी मेहनत और समर्पित प्रयास के बाद आता है।DSP का पद जिम्मेदारी के साथ-साथ कई चुनौतियों से भरा होता है। इस पद पर आसीन व्यक्ति का कोई निश्चित कार्य समय नहीं होता है क्योंकि पुलिस अधिकारी को हर समय ड्यूटी पर रहना पड़ सकता है। पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था के रखरखाव के लिए ज़िम्मेदार होता है। वह कानून और व्यवस्था के मामलों में पुलिस के कार्यों का नेतृत्व करने वाला व्यक्ति होता है। उन्हें यह देखना होता है कि उनके क्षेत्र में कोई आपराधिक गतिविधियां नहीं हों और नागरिक शांति और सद्भाव से रह सकें। यदि DSP को एक संवेदनशील क्षेत्र में पोस्टिंग मिलती है, तो उसे अधिक सतर्क रहना पड़ता है क्योंकि इन क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियां अपने चरम पर हो सकती हैं।

DSP का वेतन और अन्य सुविधाएं

अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था को बनाये रखने की चुनौती और पद की ज़िम्मेदारी के साथ; DSP को एक आकर्षक वेतन और अन्य भत्ते दिए जाते हैं। एक DSP को वेतन बैंड 9300-34800 में ग्रेड पे 5400 के साथ वेतन मिलता है।DSP को वेतन के साथ अन्य लाभ भी मिलते हैं। जो लाभ DSP को दिए जाते हैं उनमें निम्नलिखित लाभ शामिल हैं:

• बिना किसी कीमत पर या मामूली किराए पर स्वयं और कर्मचारियों के लिए निवास

• सुरक्षा गार्ड और घरेलू नौकर जैसे रसोइया और माली

• ड्राइवर के साथ एक आधिकारिक वाहन

• एक टेलीफोन कनेक्शन जिसका बिल सरकार द्वारा भुगतान किया जाता है

• बिजली के बिलों का भुगतान सरकार द्वारा

• आधिकारिक यात्राओं के दौरान उच्च श्रेणी आवास

•Study leaves के लिए अवकाश, जिसका खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है

• पति / पत्नी को पेंशन

Salary and Promotion of SDM in BPSC

BPSC में DSP की पदोन्नति

राज्य सरकार के नियमों के अनुसार, आयोग के अध्यक्ष की अध्यक्षता में विभागीय संवर्धन समिति के माध्यम से BPSC द्वारा भर्ती किये गए पुलिस अधिकारियों को पदोन्नति दी जाती है। पुलिस विभाग में वरिष्ठता का पदानुक्रम निम्नलिखित है:

उप पुलिस अधीक्षक (DSP) → अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) → पुलिस अधीक्षक (SP) → वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) → पुलिस महानिरीक्षक (DIGP) → पुलिस महानिरीक्षक (IGP) → अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) → पुलिस महानिदेशक (DGP)

Salary and Promotion of DSP in BPSC

राज्य में अपनी सेवाओं के दौरान BPSC अपने पुलिस अधिकारियों को पदोन्नति देता है।DSP को पहली पदोन्नति 7 या 8 साल की सेवा के बाद दी जाती है। इस पदोन्नति के बाद DSP अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) बन जाते हैं। 12 या 13 साल की सेवा पूरी करने के बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) को पुलिस अधीक्षक (SP) या DCP के पद पर पदोन्नत किया जाता है।SP के पद पर आने के बाद पुलिस अधिकारियों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अर्थात सेलेक्शन ग्रेड मिल जाता है। इसके बाद, SSP के संतोषजनक सेवा रिकॉर्ड के अनुसार राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा UPSC को एक सूची भेजी जाएगी। उसके बाद वे IPS बन सकते हैं। सेवा में पदोन्नति प्राप्त करने में अधिकारियों को बहुत लंबा समय लगता है। DSP की पदोन्नति को नीचे दिखाया गया है:

 

पुलिस विभाग में और भी रैंक हैं जो एक पुलिस अधिकारी अपने करियर के दौरान हासिल कर सकता है। लेकिन, स्टेट PCS के अधिकारी के पास उस शिखर तक पहुंचने की संभावना कम होती है। पदोन्नति की नीति ऐसी है कि उस ऊंचाई तक पहुंचने में अधिक समय तक सेवा देनी होती है और जब वह पल आता है, तो आमतौर पर अधिकारी के पास कुछ वर्षों की सेवा ही बची होती है। इसलिए, BPSC में पुलिस अधिकारी को उनकी सेवा के दौरान आम तौर पर दो या तीन पदोन्नति दी जाती है।

BPSC Previous Year's Cut-Off

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