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भारत में इन्फ्लुएन्सर मार्केटिंग का ग्रोथ स्कोप

Suman Kumari

इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग में सोशल मीडिया पर फोकस करने की बजाय प्रभावशाली और लोकप्रिय लोगों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है और ऐसे व्यक्तियों की पहचान की जाती है जो संभावित ग्राहकों पर प्रभाव डालते हैं और इनके माध्यम से विभिन्न कारोबारी अपनी मार्केटिंग एक्टिविटीज़ को पूरा करते है.

‘इन्फ्लूएंसर’ ऐसा व्यक्ति होता है जो दूसरों के खरीदने के निर्णय को प्रभावित करने में सक्षम होता है, क्योंकि वह अपने अधिकार, ज्ञान, स्थिति के आधार पर दर्शकों पर अपना निर्णायक प्रभाव डालता है. इन्फ्लूएंसर्स अपनी प्रतिभा के बल पर किसी भी चीज की मार्केटिंग बड़ी आसानी से कर लेते हैं और विभिन्न प्रोडक्ट्स को लोगों के बीच काफी लोकप्रिय बना देते हैं.

इन्फ्लुएन्सर मार्केटिंग का परिचय

इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग विभिन्न मार्केटिंग टूल्स का मिश्रण है जिसमें सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट के कॉन्सेप्ट का इस्तेमाल किया जाता है. इसके तहत विभिन्न सेलिब्रिटीज़ के माध्यम से कंटेंट या ऑब्जेक्ट की  मार्केटिंग प्रमोशन की जाती है. इसकी मुख्य विशेषता यह होती है कि यह प्रमोशन ब्रांड की महत्ता और सेलिब्रिटी के प्रभाव दोनों के सहयोग से अपना रीजल्ट दिखाता है.

देश-दुनिया में आजकल इन्फ्लुएन्सर मार्केटिंग का बहुत ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है. टॉमोसन के अनुसार यह सबसे तीव्र ऑनलाइन मार्केटिंग चैनल है. यह कुछ हद तक माउथ पब्लिसिटी/ मार्केटिंग से मिलता जुलता कॉन्सेप्ट है. लेकिन प्रभावशाली मार्केटिंग में सिर्फ ऐसे ही टूल्स पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता है.

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इन्फ्लुएन्सर मार्केटिंग के लाभ

आजकल अधिकांश कम्पनियां तथा इंस्टीट्यूट्स इन्फ्लूएन्सर मार्केटिंग पर जोर दे रहे हैं. इस मार्केटिंग के कुछ विशेष लाभ निम्नवत हैं -

इन्फ्लुएन्सर मार्केटिंग के लिए जरुरी शर्ते

एक सफल इन्फ्लूएंसर मार्केटर बनने के लिए इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग से जुड़े इन विशेष पहलुओं को जानकर उन पर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता होती है.

अपने टारगेट ग्रुप्स की पहचान करें – आप अपना सामन किसको बेचना चाहते हैं अथवा आपके सामान की आवश्यकता किसको है? आपके प्रोडक्ट या सर्विस  का उपयोग करने में कौन दिलचस्पी लेगा ? आदि बातों की जानकारी पहले हासिल करें ? आपको अपने टार्गेटेड ग्रुप्स की बेस और डिमांड को भलीभांति समझना होगा ? आप यह पता लगाने की कोशिश करें कि आपके प्रोडक्ट की खोज वे किस प्रकार करते हैं तथा किस तरह वे आपके प्रोडक्ट या सर्विस तक पहुँच पाते हैं ? यह भी जाने कि कोई चीज खरीदने से पहले वे छानबीन करते हैं या नहीं,उन्हें क्या पसंद है, क्या नहीं पसंद है ? साथ ही उनकी जरूरतों को भी समझने की कोशिश करें. अगर इन सारी बातों की जानकारी आपको हो जाएगी तो आप अवश्य ही टारगेटेड ग्रुप्स की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने किसी सही प्रोडक्ट को सही तरीके से प्रस्तुत कर सकते हैं.

सही और आकर्षक इन्फ्लुएन्सर की तलाश करें –आप अपने टार्गेटेड ग्रुप को किस तरह सबसे ज्यादा प्रभावित कर सकते हैं ? इस बात पर गहन चिंतन करें. किस तरह के लोग आपके ब्रांड के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि साबित हो सकते हैं ? जिसे आप अपना प्रतिनिधि चुनने जा रहे हैं उसका सिर्फ ऑडिएंस बेस ही नहीं देखें बल्कि यह भी जानें कि वह कितने दिनों तक आपके साथ काम कर सकता है? किसी भी चीज की सही मार्केटिंग अभियान को शुरू करने से पहले प्रोडक्ट को प्रभावित करने वाले फैक्टर्स के विषय में जानने के साथ साथ सही इन्फ्लुएन्सर की पहचान भी बहुत जरुरी होता है.आपने जिसका चयन किया है वह किस हद तक आपके सर्विस तथा प्रोडक्ट का प्रोमोशन कर सकता है, इस बात की भी जाँच करें तभी कोई निर्णय लें.

अपने आप को इन्फ्लुएन्सर के साथ कनेक्ट करने की कोशिश करें –बहुत ज्यादा मेहनत करने के बाद जब आप किसी तरह अपने ब्रांड के लिए एक सही इन्फ्लूएंसर चुनने में सफल हो जाते हैं तो उनके विषय में सही और सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए समय निकालें. उनके द्वारा दिए जा रहे कंटेंट तथा उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल की जाँच कर यह पता लगाएं कि वे किस तरह की जानकारी शेयर करते हैं ? उनके द्वारा शेयर किये गए कंटेंट से आपको उनके विषय में बहुत हद तक जानकारी प्राप्त हो सकती है. उनके विषय में सबकुछ जानने के बाद आप उनसे अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग से जुड़े लाभ को बताते हुए उन्हें अपने पर्सनल ईमेल से प्रपोजल भेजें.

साथ ही इम्प्रूवरर्स मार्केटिंग प्रयासों को लॉन्च करने के साथ-साथ कुछ महत्वपूर्ण बुनियादी बातों पर अवश्य गौर करना चाहिए.ध्यान रखें कि आपका अभियान प्रभावित लोगों की पसंद और ना पसंद के आधार पर आसानी से विफल भी हो सकता है. लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि अपने ब्रांड अवेयरनेस बढ़ाने तथा कंपनी के समग्र प्रदर्शन में सुधार करने के लिए इस चैनल का अधिकतम उपयोग किया जा सकता है.

इसके साथ ही इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग में सफलता के लिए उस समय के मार्केट का स्टैटिसटिक्स भी आपको पता होना चाहिए.

भारत और विश्व में इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग का लगातार बढ़ता महत्त्व

ऑक्वाउमेंट की एक स्टडी के अनुसार  76 प्रतिशत प्रोफेशनल्स का यह मानना है कि कस्टमर की संख्या बढ़ाने तथा उन्हें बनाये रखने के लिए इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग एक प्रभावी तरीका है. ब्रांड अवेयरनेस बढ़ाने के लिए 49% लोगों ने इसे प्रभावी बताया और 75% ने इसे सेल्स में वृद्धि के लिए भी जरुरी माना है.

टॉमसन का कहना है कि नए कस्टमर बनाने के लिए सबसे अधिक प्रभावशाली माध्यम ऑनलाइन चैनल को माना जाता है. नीलसन ने अपनी एक रिसर्च में यह पाया कि 92 प्रतिशत लोग उनलोगों की सिफारिशों पर ज्यादा भरोसा करते हैं जिन्हें वे पहले से जानते हैं. इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग कंटेंट मार्केटिंग के नेक्स्ट स्टेप को समझ सकता है. आज के डिजिटल दुनिया और सोशल मीडिया में सफल होने के लिए यह प्रत्येक मार्केटर्स के लिए आवश्यक टूल है. इन्फ्लूएंसर के जरिये अपने ब्रांड की मार्केटिंग की शुरुआत बड़ी आसानी से सफलता की उम्मीद के साथ की जा सकती है.

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