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प्रशंसा से करें प्रेरित

नेकनीयत और सच्ची प्रशंसा के साथ जिंदगी की हर लड़ाई जीती जा सकती है।
स्वयं की प्रशंसा से कैसे अटूट विश्वास की ताकत पैदा की जा सकती है,
बता रहे हैं विनीत टंडन...

हाल में मुझे एक स्कूल में प्रशंसा दिवस के अवसर पर एक वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया था, जहां उन बच्चों को पुरस्कार, प्रमाणपत्र और स्मरण-चिह्न प्रदान किए गए थे जिन्होंने विभिन्न विद्यालयी और सह-विद्यालयी कार्यकलापों में असाधारण प्रदर्शन किया था। सभागार में चहल-पहल और जोश-खरोश साफ दिखाई दे रहा था। मुझे यह भी महसूस हुआ कि ठीक जैसे हमें सांस लेने और जिंदा रहने के लिए वायु की जरूरत है, उसी तरह 'प्रशंसा' मानव आत्मा के लिए सर्वश्रेष्ठ औषधि है। ऑनलाइन करियर पोर्टल ग्लासडोर पर किया गया एक अध्ययन सुझाता है कि 80 प्रतिशत कर्मचारी तब ज्यादा कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित होते हैं, जब उन्हें अपने बॉस से प्रशंसा मिलती है। मास्लो नियम के अनुसार, प्रशंसा 'भावनात्मक जरूरतों' का एक हिस्सा है, जिसकी गैर-मौजूदगी में लोग अपना फोकस गंवा देते हैं या अतिरिक्त कोशिश नहीं करते हैं, क्योंकि उन्हें अपनेपन की किसी अनुभूति का अहसास नहीं होता। लेकिन जब हम बड़े हो जाते हैं, तब प्रशंसा की यह बुनियादी मानवीय जरूरत कहीं गुम हो जाती है, हम अपना फोकस गंवा देते हैं और उदासीनता पैदा कर लेते हैं। यहां कुछ तरीके बताए गए हैं जो आपकी जिंदगी में प्रशंसा की ताकत को वापस ले आ सकते हैं :

स्वयं के साथ शुरुआत

पिछली बार कब आपने खुद की प्रशंसा की थी? आपको खुद की प्रशंसा करने के लिए ओलंपिक के स्वर्ण पदक जीतने की जरूरत नहीं है। न ही खुद की प्रशंसा करने के लिए एक सीईओ बनने की जरूरत है। भले आप एक छात्र, शिक्षक, माता-पिता, कर्मचारी, डॉक्टर या कुछ भी हैं, हम सबकी अपनी सफलताएं और विफलताएं हैं। शायद काम में आपका समय अच्छा नहीं चल रहा हो, आप शायद एक खराब हो चुके रिश्ते से जूझ रहे हों या किसी प्रतियोगी परीक्षा में फेल हो रहे हों या फिर शायद आपको अपने मनपसंद कॉलेज में सीट न मिल रही हो। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि हम अपनी कदर करना बंद कर दें। इसलिए खुद को स्वीकार करना शुरू कीजिए।

तलाशें तारीफ के मौके

हर रोज किसी की प्रशंसा करने के लिए पर्याप्त अवसर मौजूद हैं, लेकिन यह तभी संभव है जब हम उन पर गौर करें। क्या अखबार वाला हर रोज सुबह ठीक समय पर अखबार पहुंचा रहा है? उनकी समयोचित सेवा के लिए उनकी प्रशंसा कीजिए, जो वे साल-दर-साल करते आ रहे हैं। अगर आपके बच्चे ने चित्र बनाया है, तो उसकी प्रशंसा कीजिए, भले ही वह पढ़ाई में बहुत अच्छा नहीं है। गमलों में उन पौधों के लिए अपने पड़ोसियों की प्रशंसा कीजिए, जो उन्होंने अपनी बालकनी में लगाए हैं, क्योंकि उनकी वजह से आपके घर के पास भी रमणीक दृश्य की रचना हो रही है।

लोगों की प्रशंसा

शायद आपका बच्चा पढ़ाई में औसत दर्जे का हो। पर उसका यह अर्थ नहीं है कि उसे अपनी पीठ पर शाबाशी की आपकी थपकी की जरूरत नहीं है या उसे बस आपकी फटकार की जरूरत है। शायद आपकी पत्नी कंप्यूटर पर काम करने या एक स्मार्ट फोन को संभालने में आप जितनी स्मार्ट न हों, लेकिन ऐसा नहीं कि वे किसी चीज में अच्छी नहीं हैं। वे पूरे परिवार की देखभाल करती हैं। सारे घरेलू कामकाज करती हैं। उन्हें भी प्रशंसा के शब्दों की जरूरत है। अपने उन शिक्षकों, अभिभावकों, दोस्तों की प्रशंसा कीजिए, जिन्होंने आपकी जिंदगी में एक छोटा-सा अंतर पैदा किया है।

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