ये मोटिवेशनल फ़िल्में कॉलेज स्टूडेंट्स जरुर देखें

आजकल के इस संघर्षपूर्ण दौर में हम चाहे किसी भी आयु वर्ग के इंसान हों, हम चाहे एक स्कूल स्टूडेंट हों, एक कॉलेज स्टूडेंट हों या फिर कोई पेशेवर; अपने जीवन में बहुत बार में काफी कठिन समय से गुजरते हैं और हमारे जीवन में आने वाली परेशानियों और कष्टों की वजह से हमारा उत्साह और संतुलन समाप्त होने लगता है. हम काफी निराश और दुखी रहने लगते हैं. लेकिन भरोसा रखें कि इसका मतलब यह बिलकुल भी नहीं है कि अब सब कुछ समाप्त हो चुका है. इसका सिर्फ एक ही सीधा-सा मतलब है कि आप एक इंसान हैं और सफलता और विफलता, दोनों आपको प्रभावित करती हैं. अगर एक छोटी–सी मुसीबत आने पर आपको लगता है कि यह आपके लिए एक असंभव कार्य है और आप अपना सपना/ जुनून छोड़ देने के बारे में सोचने लगते हैं तो फिर शायद यह आपका जुनून बिल्कुल नहीं था. ऐसे में, कई बार हमें किसी व्यक्ति, किताब या फिल्म आदि से ऐसी प्रेरणा मिल जाती है कि हमारा जीवन जीने का अंदाज़ ही बदल जाता है और हम हारी हुई बाजी जीत जाते हैं.  इसलिए,  अगर आपको अपने जीवन में प्रेरणा की कमी महसूस हो रही है तो यहां हम आपके साहस और आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए कुछ ऐसी बहुत ही मोटिवेशनल  और उत्साह बढ़ाने वाली फिल्मों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें देखकर आप अपना साहस और आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं.

दि परसूट ऑफ़ हैप्पीनेस

यह एक अमेरिकी बायोग्राफिकल फिल्म है जिसमें विल स्मिथ ने मुख्य किरदार निभाया है. यह फिल्म  ऐंटरप्रेन्योर क्रिस गार्डनर के वास्तविक जीवन की कहानी पर आधारित है. गैब्रिएल म्कचिनो द्वारा निर्देशित, दि परसूट ऑफ हैप्पीनेस' दिल को छूने वाली और सबसे प्रेरक फिल्मों में से एक है, जिसे कोई भी व्यक्ति देख कर प्रेरणा से भर सकता है. विल ने क्रिस की भूमिका निभाई है जो अपनी इच्छा शक्ति और सफलता प्राप्त करने के दृढ निश्चय से एक होमलेस सेल्समेन से ब्रोकरेज हाउस का मालिक बन जाता है. इस फिल्म की एक और प्रभावित करने वाली विशेषता पिता-पुत्र की जोड़ी द्वारा संघर्षों से जूझना और उनके बीच होने वाली बातचीत है जो आपको अपनी कल्पना से परे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे. अगर गर्डनर का अपने सपने को पूरा करने के लिए सबसे असंभव हालातों का सामना करने का दृढ़ संकल्प भी आपको प्रेरित नहीं कर सकता है तो फिर आप किसी भी बात से प्रेरित नहीं हो सकते हैं.

दि शॉशांक रिडेंप्शन

स्टीफन किंग के सभी प्रशंसकों को यह अवश्य पता होना चाहिए कि उनके कई उपन्यासों पर फ़िल्में बनाई गई है. लेकिन कोई भी इस बात से असहमत नहीं होगा कि 'शॉशांक रिडेम्शन’ उनके सभी उपन्यासों पर  बनी फिल्मों में सर्वश्रेष्ठ है. यह सच्चाई इस तथ्य से और अधिक स्पष्ट हो जाती है कि यह फिल्म आईएमडीबी टॉप 250 की सूची में कई वर्षों से अब तक टॉप पर है. 'दि शॉशांक रिडेम्प्शन' एक रोचक, उत्थान और उम्मीद से भरी और दिल को गहराई से छूने वाली आशा और प्राथमिकता की कहानी है. यह किसी भी व्यक्ति को अपने जीवन के अंधकारपूर्ण चरण में भी आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करती है. मॉर्गन फ्रीमैन की दिल को छू लेने वाली कहानी के साथ-साथ फिल्म में टिम रॉबिन द्वारा निभाये गए अद्भुत किरदार का तो कहना ही क्या है.

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दि गुड विल हंटिंग

इस मूवी में मैट डैमन ने 'विल हंटिंग' नाम के एक 20 वर्षीय युवक का किरदार निभाया है जो मस्कट इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में एक चौकीदार के रूप में काम करता है. हालांकि एक चौकीदार होते हुए भी उसके पास गणित और रसायन विज्ञान में असाधारण प्रतिभा है और घटनाओं के एक भाग्यजनित बदलाव के कारण वह सीन मैकगुइरे (रॉबिन विलियम्स) से मिलता है, जो एक कम्युनिटी कॉलेज इंस्ट्रक्टर और थेरेपिस्ट हैं. इस फिल्म की कहानी इस विषय के चारों और घुमती है कि कैसे विल की छिपी प्रतिभाओं को उजागर करने में सीन उसकी मदद करता है. यह एक दिलचस्प बात है कि इस फिल्म की स्क्रिप्ट को मैट डैमन और बेन ऍफ़्लेक द्वारा मिल कर लिखा गया था और दोनों ने फिल्म में भूमिका निभाई थी. यह फिल्म छात्रों को खुद में विश्वास करने और अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं को खोजने के लिए प्रेरित करती है.

डेड पोएट’स सोसाइटी

डेड पोएट’स सोसाइटी वर्ष 1989 की एक अमेरिकी ड्रामा फिल्म है जिसमें रॉबिन विलियम्स मेन हीरो हैं. यह फिल्म टॉम स्कुलमैन ने लिखी थी और पीटर वेयर के द्वारा निर्देशित की गई थी. इस फिल्म में विलियम ने एक अंग्रेजी शिक्षक, जॉन केटिंग्स की भूमिका निभाई है जो छात्रों को अपनी रूढ़ि-विरुद्ध और अपरंपरागत शिक्षण विधियों से प्रेरित करते हैं. वे अपने छात्रों को प्रोत्साहित करते हैं कि छात्र अपनी सामाजिक सीमाओं को चुनौती दें और कविता के लेंस के माध्यम से अपने दिनों को देखें. यह कहानी एक पॉश हाईस्कूल की पृष्ठभूमि में प्रस्तुत की गई है और यह आपकी रचनात्मकता को चिंगारी लगाने के साथ ही आपको अपनी आवाज खोजने के लिए प्रेरित करती है.

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सोल सर्फर

सोल सर्फर एक किशोर सर्फ बैथानी हैमिल्टन के वास्तविक जीवन पर आधारित सच्ची कहानी है. यह फिल्म आपको अपने जीवन में कभी हार न मानने का रवैया अपनाने की प्रेरणा देती है. यह बताती है कि कैसे बेथानी ने शार्क के हमले में अपना एक बाजू खो दिया था लेकिन यह दुर्घटना भी उसके सर्फिंग के सपने को पूरा करने में रुकावट नहीं बन सकी. जहां ज्यादातर लोग ऐसी दुर्घटना होने के बाद सर्फ़बोर्ड पर कभी वापस नहीं जाएंगे, बेथानी ने अपनी कमी की चुनौतियों को स्वीकार किया और उन पर विजय प्राप्त की. उनकी कहानी हम सभी के लिए एक याद रखी जाने वाली प्रेरणा के रूप में कार्य करती है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि मुसीबत कितनी बड़ी और अजेय है, अगर दृढ निश्चय से उसका सामना किया जाए तो वह आसानी से दूर हो सकती है. संक्षेप में, अगर हम कुछ पाने का पक्का इरादा कर लें तो हम कुछ भी हासिल कर सकते हैं. कई बार ऐसा समय होता है जब आपको तनाव और अपने भीतर की हताशा को दूर भगाने की ज़रूरत होती है. लेकिन अपने तनाव और हताशा को दूर भगाने के लिए कुछ गलत तरीके अपनाने के बजाय अपने लैपटॉप पर इन फिल्मों को देखना कहीं अच्छा है. ये कुछ ऐसी फिल्में हैं जो आप अपने कमरे में आराम से बैठ कर देख सकते हैं.

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