कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए फायदेमंद कुछ महत्वपूर्ण शॉर्ट-टर्म कंप्यूटर कोर्स

आजकल कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए केवल बढ़िया एकेडमिक बैकग्राउंड ही एक अच्छी नौकरी पाने के लिए काफी नहीं है. आजकल के एम्प्लॉयर ऐसे लोगों को नौकरी देना चाहते हैं जिनके पास अपने कार्य को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार की जानकारी और कार्य-ज्ञान हो. वे ऐसे स्टूडेंट्स को नौकरी देना पसंद कर रहे हैं जिनके पास अतिरिक्त कौशल या एक्स्ट्रा स्किल्स हों. यहां हम बात कर रहे हैं ऐसे स्किल्स की जो आपके नौकरी कार्य-क्षेत्र से सीधे संबंधित न होकर भी उनके कार्य से संबद्ध हों जैसे कि, यदि आप किसी एडवरटाइजिंग एजेंसी में कॉपी राइटर की पोस्ट के लिए अप्लाई कर रहे हैं और आपको डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की पूरी जानकारी है तो इससे आपको अतिरिक्त लाभ मिलेगा. इससे आपका जॉब प्रोफाइल किसी एडवरटाइजिंग एजेंसी के लिए अधिक महत्वपूर्ण होगा और दूसरे कैंडिडेट्स के बजाय ज्यादा पसंद किया जायेगा भले ही उनकी राइटिंग स्किल्स आपके समान या आपसे अच्छी ही क्यों न हों. अब बात करते हैं इसके पीछे के कारण की. असल में किसी एडवरटाइजिंग एजेंसी में राइटर और डिज़ाइनर मिलकर काम करते हैं. एक-दूसरे के काम की जानकारी से दोनों को एक-दूसरे के काम की कठिनाइयों  को समझने और अधिक कुशलता से अपने कार्य को पूरा करने में मदद मिलेगी.

आज कई ऐसे शॉर्ट-टर्म कोर्सेज उपलब्ध हैं जिनसे स्टूडेंट्स अपने एक्स्ट्रा स्किल्स को बढ़ा सकते हैं. कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए मौजूदा समय में कंप्यूटर से संबंधित कुछ पसंदीदा और मशहूर शॉर्ट-टर्म कोर्स निम्नवत हैं:

कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए पसंदीदा शॉर्ट-टर्म कंप्यूटर कोर्स

डिजिटल मार्केटिंग

यह आज हमारे देश में एक तेजी से उभरता हुआ शॉर्ट-टर्म कंप्यूटर कोर्स है. इस कोर्स में डिजिटल मार्केटिंग के सभी पहलू शामिल हैं जैसे SEO मार्केटिंग, ईमेल मार्केटिंग, कंटेंट मार्केटिंग, एफिलिएट मार्केटिंग, एनालिटिक्स या विश्लेषण आदि. अब यह ख़ुशी की बात है कि डिजिटल मार्केटिंग में कोर्स अब ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों ही तरीकों से मुहैया कराया जा रहा है. सर्टिफाइड गूगल पार्टनर्स के साथ ट्रेनिंग पूरी कर लेने पर स्टूडेंट्स भी सर्टिफाइड डिजिटल मार्केटर्स बन जाते हैं. डिजिटल मार्केटर्स की बढ़ती हुई लोकप्रियता और मांग के साथ ही कई नामी कॉलेजों ने भी अब डिजिटल मार्केटिंग में डिप्लोमा कोर्स करवाने शुरू कर दिये हैं. असल में डिजिटल मार्केटिंग फ़ील्ड एक बहुत बड़ा क्षेत्र है और स्टूडेंट्स अक्सर डिजिटल मार्केटिंग में स्पेशलाइज्ड कोर्सेज जैसे SEO मार्केटिंग, कंटेंट मार्किंग आदि का चयन करते हैं. डिजिटल मार्केटिंग में शॉर्ट-टर्म ऑफलाइन कोर्स 3-6 महीने की अवधि का होता हैं.

ग्राफिक डिजाइनिंग

बहुत से स्टूडेंट्स आजकल ग्राफिक डिजाइनिंग में कोई शॉर्ट-टर्म कोर्स करना चाहते हैं. कुछ प्रसिद्ध डिजाइनिंग सॉफ्ट वेयर जैसे अडोब फोटोशॉप और इलस्ट्रेटर की सम्पूर् जानकारी बहुत से प्रोफेशनल्स  में अक्सर देखने को मिलती है. ये देखने में आया है कि 12 वीं क्लास के बाद भी स्टूडेंट्स के लिए ग्राफ़िक डिजाइनिंग एक बहुत पसंदीदा और उम्दा कैरियर च्वाइस है. अब देश भर में कई कॉलेज और यूनिवर्सिटीज ग्राफ़िक डिजाइनिंग में ग्रेजुएट स्तर के कोर्स करवाने लगे हैं. लेकिन जो स्टूडेंट एक साइड-स्किल के तौर पर इस कोर्स को करना चाहते हैं, वे विभिन्न प्राइवेट इंस्टिट्यूटस द्वारा ऑफर किये गए किसी भी शॉर्ट-टर्म कोर्स में आसानी से अपना नाम एनरोल करवा सकते हैं. ग्राफ़िक डिजाइनिंग में कोर्स करने के बाद स्टूडेंट्स एक ग्राफ़िक डिज़ाइनर या क्रिएटिव डायरेक्टर के तौर पर अपना करियर शुरू कर सकते हैं साथ ही उनके पास फ्रीलांस बेसिस पर कार्य करने का ऑप्शन भी हमेशा मौजूद रहता है.

 

एनीमेशन एंड मल्टीमीडिया

एनीमेशन एंड मल्टीमीडिया वास्तव में ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स का एक हिस्सा है लेकिन आजकल यह एक स्वतंत्र विशेषज्ञता या कोर्स के तौर पर भी बहुत लोकप्रिय हो गया है. ग्राफ़िक डिजाइनिंग की तरह ही एनीमेशन और मल्टीमीडिया में अपना करियर बनाने के इच्छुक स्टूडेंट्स के लिए ग्रेजुएट लेवल के बीएससी या अन्य डिग्री कोर्सेज भी उपलब्ध हैं. इस कोर्स में एनीमेशन, फिल्म डिजाइनिंग, विडियो गेम करैक्टर डिजाइनिंग आदि के बेसिक फीचर्स शामिल होते हैं. हमारे देश में अच्छे, स्किल्ड एनिमेटर्स की बहुत ज्यादा मांग है. हाल ही की बॉलीवुड फिल्मों में VFX इफेक्ट्स की बढ़ती हुई जरुरत के कारण आज ज्यादा से ज्यादा लोग एनीमेशन में कोर्स करना चाहते हैं. एक स्किल्ड एनिमेटर फ्रीलांस बेसिस पर भी कार्य कर सकता है और इसके साथ ही बहुत अच्छा सैलरी पा सकता है. एनीमेशन एंड मल्टीमीडिया में कोर्स करने के बाद आप विजुअल इफेक्ट्स आर्टिस्ट, VFX प्रोफेशनल, एनिमेटर जैसे करियर अपना सकते हैं.

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन या SEO वह तकनीक है जो सर्च इंजन्स में वेब साइट्स की रैंकिंग बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जाती है. हमारे देश में डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में शामिल और तेजी से विकसित होते क्षेत्रों में से एक होने के कारण आज कल यह ट्रेंड में है और कुशल SEO प्रोफेशनल्स की बहुत ज्यादा मांग है. समय के साथ रैंकिंग टेक्निक्स और मेथड्स लगातार अपडेट होते जा रहे हैं और पुराने तरीके आउटडेटेड और खत्म होते जा रहे हैं. इस कोर्स में कीवर्ड रिसर्च, साइट डिजाइन्स, इंटरलिंकिंग के साथ ही ऐसे कई अन्य स्किल सिखाये जाते हैं. कई इंस्टिट्यूट अपने यहां से कोर्स पूरा करने वाले स्टूडेंट्स को सर्टिफिकेट भी देते हैं. SEO मार्केटिंग में कोर्स पूरा करने के बाद आप SEO प्रोफेशनल, वेबसाइट ऑडिटर जैसे पेशे अपना सकते हैं. यदि आप इस क्षेत्र में अपना करियर नहीं बनाना चाहते हैं तो भी ये स्किल्स ब्लॉगिंग या कंटेंट मार्केटिंग में आपके बहुत काम आ सकते हैं.

उक्त कोर्सेज के अलावा भी कई ऐसी फ़ील्ड्स हैं जिनमें स्टूडेंट्स शॉर्ट-टर्म कोर्स कर सकते हैं और अपनी जॉब प्रोफाइल्स तथा पोर्टफोलियो में इजाफा कर सकते हैं. यह आप पर निर्भर करता है कि आप अपने स्पेशल वर्किंग फील्ड से सीधे तौर पर संबद्ध कोई कोर्स करना चाहते हैं या फिर अपने कार्य से अलग कोई शॉर्ट-टर्म कोर्स. खैर, जो भी हो यदि आप इनमें से कोई भी कोर्स कर लेते हैं तो इससे न सिर्फ आपकी कार्य कुशलता बढ़ेगी बल्कि आप एम्प्लॉयर के लिए भी अधिक मूल्यवान हो जायेंगे.

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