इन करियर ऑप्शन्स से मिलेगी शानदार नौकरी

अक्सर स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स स्टूडेंट्स के करियर को लेकर काफी चिंतित रहते हैं और ऐसा क्यों न हो? आमतौर पर कॉलेज के दिनों  में स्टूडेंट्स कोई ऐसी नौकरी करने का सपना देखते हैं जिसमें काम तो कम करना पड़े लेकिन सैलरी बहुत अच्छी मिले. लेकिन वास्तविकता इसके ठीक विपरीत है. स्टूडेंट्स अपने लिए कोई जॉब या करियर ऑप्शन चुनते समय अक्सर इकनोमिक सिक्यूरिटी को महत्व देते हैं. दुनिया के सभी देशों की इकॉनमी के लगातार विकास और बदलाव के कारण आजकल जॉब मार्केट में कई जॉब्स अपनी चमक खो रही हैं और कई ऑफबीट करियर्स का भविष्य काफी उज्जवल नजर आ रहा है. ऐसे समय में जब देश की केवल 2.7% नौकरियां ही सरकारी नौकरी की केटेगरी में शामिल हैं और बाकी 97.3% नौकरियां प्राइवेट सेक्टर मुहैया करवाता है तो स्वाभाविक तौर पर स्टूडेंट्स और जॉब आस्पिरेंट्स को काफी सोच-समझकर अपना करियर चुनना होगा.

डिजिटल मार्केटिंग

डिजिटल मार्केटिंग हरेक बिजनेस के लिए मिनिमम कॉस्ट पर मास मार्केट और कस्टमर बेस उपलब्ध करवाती है और इसमें टार्गेटेड कंज्यूमर्स से इंटरेक्शन की बढ़िया फैसिलिटी मुहैया करवाई जाती है. डिजिटल मार्केटिंग में विभिन्न प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की मार्केटिंग करने के लिए मोबाइल फोन्स, डिस्प्ले एडवरटाइजिंग, रेडियो एडवरटाइजिंग ईमेल मार्केटिंग जैसी विभिन्न डिजिटल टेक्नोलॉजीज का इस्तेमाल किया जाता है. मौजूदा समय में डिजिटल मार्केटिंग की फील्ड में ढेरों करियर ऑप्शन्स और जॉब/ करियर ओरिएंटेड कोर्सेज उपलब्ध हैं. आप डिजिटल मार्केटिंग की फील्ड में अपने इंटरेस्ट, टैलेंट और स्किल सेट के मुताबिक कोई कोर्स करके कंटेंट मार्केटर, कॉपी राइटर, कंवर्जन रेट ऑप्टिमाइज़र, पीपीसी मैनेजर/ एग्जीक्यूटिव, एसईओ एग्जीक्यूटिव/ मैनेजर, एसईएम मैनेजर/ एक्सपर्ट, सोशल मीडिया मैनेजर/ एग्जीक्यूटिव, ई-कॉमर्स मैनेजर, एनालिटिकल मैनेजर, सीआरएम एंड ईमेल मार्केटिंग मैनेजर, वेब डिज़ाइनर/ डेवलपर और डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर/ डायरेक्टर के तौर पर अपना शानदार करियर शुरू कर सकते हैं और कुछ वर्षों के अनुभव के बाद एक सफल डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट बन कर लगातार तरक्की कर सकते हैं.  भारत में बैंकिंग, टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी, आईटी, मीडिया, कंसल्टेंसी, मार्केट रिसर्च, पीएसयू, पीआर एडं एडवरटाइजिंग, मल्टी नेशनल कंपनियों और रिटेल सेक्टर्स में आपको डिजिटल मार्केटिंग की फील्ड के काफी अच्छे करियर ऑप्शन्स मिल सकते हैं. किसी एंट्री लेवल डिजिटल मार्केटर की सालाना एवरेज सैलरी रु. 3 लाख से 3.5 लाख रु. तक होती है और एक अनुभवी डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट रु. 2.5 लाख प्रति माह तक कमा सकता है.

लॉयर

हमारे देश में लॉ की फ़ील्ड में लॉयर का पेशा हमेशा लोकप्रिय रहेगा. आजकल इस लॉ-फील्ड में साइबर लॉज सहित इसमें क्रिमिनल, लिटिगेशन, कॉर्पोरेट, सिविल आदि कई लॉ फ़ील्ड्स शामिल हो गई हैं. अगर हम कॉर्पोरेट लॉ की बात करें तो विभिन्न बड़ी कंपनियों में कॉर्पोरेट लॉयर्स एवरेज रु. 7 लाख सालाना कमाते हैं. अगर आपने किसी टॉप लॉ इंस्टीट्यूट/ स्कूल से लॉ में डिग्री प्राप्त की है तो आपका सालाना पैकेज और भी बेहतर होगा. इस पेशे में तरक्की करने पर और अपनी प्रैक्टिस शुरू करने के बाद देश के नामी वकील एडवोकेट एक अदालत पेशी के रु. 5 लाख से रु. 1 करोड़ तक फीस लेते हैं.

रिसर्च एंड डेवलपमेंट

हमारे देश में डिफेन्स के साथ तकरीबन सभी इंडस्ट्रीज और कारोबारों में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आर एंड डी) की फील्ड सबसे महत्वपूर्ण है. आर एंड डी प्रोफेशनल्स वास्तव में इंजीनियरिंग टेक्निशियन्स होते हैं और प्रोडक्ट डिजाइन्स तैयार करने, नए प्रोडक्ट्स और इक्विपमेंट्स बनाने और प्रोडक्ट्स पर एक्सपेरिमेंट करने जैसे काम करते हैं और प्रोडक्ट्स की उपयोगिता बढ़ाने का लगातार प्रयास करते हैं. इन पेशेवरों की अधिकतम सालाना सैलरी रु. 30 लाख तक हो सकती है जो उनकी क्वालिफिकेशन, स्किल-सेट, टैलेंट और वर्क एक्सपीरियंस पर काफी हद तक निर्भर होती है. इस पेशे को अपनाने के लिए आपके पास इंजीनियरिंग की किसी फील्ड में डिग्री होनी चाहिए.

मेडिकल प्रोफेशनल्स

मेडिकल लाइन में पेशेवरों को सम्मान, आकर्षक सैलरी पैकेज और लोगों की जान बचाने या लोगों की बीमारी ठीक करने की वजह से मिलने वाला संतोष भी मिलता है. इस पेशे में आप मानवता और समाज की सेवा करते हैं. इस फील्ड से संबद्ध एजुकेशनल क्वालिफिकेशन में एमबीबीएस, बीडीएस, बी. फार्मा की डिग्रीज शामिल हैं और सर्जन बनने के लिए स्टूडेंट्स एमएस की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं. इस पेशे में शुरू में एवरेज रु. 5 लाख का सैलरी पैकेज मिलता है जो कुछ वर्षों के बाद रु. 40 लाख सालाना तक हो सकता है. यह इजाफ़ा आपके टैलेंट, क्वालिफिकेशन और वर्क एक्सपीरियंस पर आधारित होता है. अधिकतर मेडिकल प्रोफेशनल्स कुछ वर्षों के बाद संबद्ध मेडिकल फील्ड में अपना क्लिनिक खोल लेते हैं.

चार्टर्ड अकाउंटेंट

हमारे देश में बिजनेस, जॉब्स और इकॉनमी के लेवल्स पर बढ़ते हुए कॉम्पीटीशन के कारण चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का पेशा सभी कंपनियों और इंस्टीट्यूट्स के लिए खास महत्व रखता है. हमारे देश में कॉमर्स स्ट्रीम के स्टूडेंट्स यह पेशा काफी पसंद करते हैं. किसी मान्यताप्राप्त बोर्ड से कॉमर्स विषय में कम से कम 50% मार्क्स के साथ अपनी 12वीं क्लास का एग्जाम पास करके स्टूडेंट्स इस कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं. इस पेशे में सफलता प्राप्त करने के लिए बिजनेस और एकाउंटेंसी की काफी गहरी समझ और जानकारी होनी चाहिए. चार्टर्ड एकाउंटेंसी (सीए) का कोर्स पूरा करने के बाद स्टूडेंट्स दी इंस्टीट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया (आईसीएआई) के पास अपना नाम रजिस्टर करवा सकते हैं और चार्टर्ड एकाउंटेंट का पेशा शुरू कर सकते हैं. चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) को एवरेज रु. 8 लाख – 25 लाख सालाना मिलते हैं.

आईटी एंड सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स

अगर आप कंप्यूटर्स और कंप्यूटर लैंग्वेजेज में एक्सपर्ट हैं तो यह पेशा आपके लिए एक शानदार करियर ऑप्शन साबित होगा. इस पेशे के तहत आप कंप्यूटर्स और आईटी की फील्ड से संबद्ध सभी काम करते हैं. अगर आपका तैयार किया हुआ सॉफ्टवेयर आपकी कंपनी या मार्केट में उपयोगी और लोकप्रिय हो जाता है तो आपको पैसा और पहचान दोनों ही एक साथ मिल जाते हैं. आने वाले वर्षों में आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर्स इंडियन इकॉनमी और जॉब मार्केट में छाये रहेंगे. इस पेशे के लिए शैक्षिक योग्यता के तौर पर कैंडिडेट्स ने कंप्यूटर साइंस, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग या किसी संबद्ध फील्ड में बैचलर डिग्री हासिल की हो. कई कंपनियां पोस्टग्रेजुएट कैंडिडेट्स को इन जॉब्स के लिए वरीयता देती हैं. इस फील्ड में पेशेवरों की एवरेज सैलरी रु. 9 लाख सालाना तक होती है और 10 – 20 वर्षों के वर्क एक्सपीरियंस वाले इंजीनियर्स 22 लाख रु. सालाना तक कमा सकते हैं.

फाइनेंशियल मैनेजमेंट

फाइनेंशियल मैनेजमेंट का अर्थ फाइनेंशियल प्लानिंग, एकाउंटिंग और कंपनी या संगठन के लाभदायी विकास के लिए फुलप्रूफ स्ट्रेटेजीज तैयार करना है. फाइनेंशियल मैनेजमेंट का कोर्स करने वाले कैंडिडेट के पास फाइनेंशियल स्किल्स होते हैं जिनकी मदद से वे प्रोफेशनल्स बढ़िया बजट तैयार करते हैं और अपने संगठन के विभिन्न विभागों के बीच संगठन के सभी रिसोर्सेज को समुचित रूप से बांटते हैं. फाइनेंशियल मैनेजमेंट कोर्स करने पर कैंडिडेट्स बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) और कॉर्पोरेट ऑफिस/ कंपनी और फाइनेंस से संबद्ध इंडस्ट्रीज में काम कर सकते हैं. हमारे देश में इस फील्ड में जॉब ज्वाइन करने के बाद शुरू में कैंडिडेट्स को एवरेज 1.9 लाख – 7 लाख का सैलरी पैकेज मिलता है. इस फील्ड में 10 वर्ष के अनुभव वाले कैंडिडेट्स को 4 लाख से 20 लाख तक और 20 वर्ष या उससे अधिक का कार्य अनुभव रखने वाले प्रोफेशनल्स को एवरेज 25 लाख रुपये सालाना का सैलरी पैकेज मिल सकता है.

ये सभी प्रोफेशन्स हमारे देश के सदाबहार करियर ऑप्शन्स हैं जिनकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है और इन प्रोफेशन्स में सम्मान के साथ बढ़िया सैलरी पैकेज भी मिलता है. अगर ये प्रोफेशनल्स अपना कारोबार शुरू कर ले तो उनकी कमाई की अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती. सबसे खास बात तो यह है कि एक्सपर्ट प्रोफेशनल्स नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर अपनी खास पहचान बना सकते हैं.

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