भारत में ई-कॉमर्स में भी हैं कुछ बढ़िया करियर ऑप्शन्स

भारत में ई-कॉमर्स की शुरुआत वर्ष 1995 में हुए थी और तब से हर वर्ष ई-कॉमर्स का विकास बड़ी तेज़ गति से हो रहा है. एक अनुमान के मुताबिक आने वाले 3 से 5 वर्षों में भारत में ई-कॉमर्स एक्टिविटीज लगभग 6 गुना बढ़ जायेंगी और वर्ष 2020 तक भारत में ई-कॉमर्स बिजनेस लगभग 200 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा. देश में वर्ष 2020 तक लगभग 950 मिलियन लोगों के पास स्मार्ट फ़ोन होंगे और तकरीबन 750 मिलियन लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करेंगे. ऐसे में, अगर आप हमारे देश में ई-कॉमर्स की फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो फिर इस आर्टिकल में आपके लिए काफी जरुरी जानकारी पेश की जा रही है. देश की इकॉनमी के सतत विकास के साथ ही आजकल भारत की ई-कॉमर्स इंडस्ट्री में निरंतर क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं. ई-बे और अमेजन की तरह ही फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, होमशॉप 18 जैसे कई भारतीय स्टार्टअप्स सालाना करोड़ों का बिजनेस कर रहे हैं. इससे एंटरप्रिन्योशिप, मार्केटिंग, फाइनेंस, लॉजिस्टिक, वेयरहाउस, ग्राफिक्स के क्षेत्र में जॉब्स के बेशुमार अवसर पैदा हुए हैं.

भारत में ई-कॉमर्स की फील्ड में संभावनाएं

इंडियन इकोनॉमी में ई-कॉमर्स की हिस्सेदारी फिलहाल एक फीसदी है. नैस्कॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2020 तक देश के जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर करीब 4 फीसदी होने की संभावना है. भारत  सरकार जिस तरह से डिजिटल इकोनॉमी पर जोर दे रही है और ई-कॉमर्स में विदेशी पूंजी निवेश यानी एफडीआई की बात भी चल रही है, उससे इसका भविष्य चमकदार नजर आ रहा है.

भारत में ई-कॉमर्स की फील्ड में उपलब्ध हैं ये शानदार करियर विकल्प

ई-कॉमर्स में प्राइमरी लेवल पर इंटरनेट के जरिए प्रोडक्ट्स और सर्विस की डिस्ट्रिब्यूशन, सेल-परचेज, मार्केटिंग और सर्विसिंग उपलब्ध करवाई जाती है. इसमें काबिल पेशेवरों को मार्केटिंग, बिजनेस प्रमोशंस, वेबसाइट डेवलपमेंट और मैनेजमेंट की फ़ील्ड्स में उनकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और स्किल-सेट के मुताबिक आसानी से जॉब मिल सकती है.

स्ट्रेटेजी प्लानिंग के साथ मिलेंगे मार्केटिंग के बेहतरीन मौके

ई-कॉमर्स में बिजनेस शुरू करने से पहले हर व्यक्ति यह देखना चाहता है कि मार्केट का ट्रेंड क्या है? किस तरह के प्रोडक्ट्स की डिमांड है? मार्केटिंग का सटीक एनालिसिस करने के बाद प्रोडक्ट की पैकेजिंग और मार्केटिंग का काम होता है. इस काम के लिए फाइनेंस या मार्केटिंग में एमबीए या पीजीडीएम कैंडिडेट्स को वरीयता दी जाती है.

एडवरटाइज़मेंट्स के जरिये बिजनेस प्रमोशन

इसमें क्लाइंट्स के लिए दूसरे नेटव‌र्क्स पर एडवरटाइजिंग के माध्यम से अवसर उप्लाब्ध करवाए जाते  हैं. यह काम हालांकि अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स भी कर सकते हैं, फिर भी एमबीए या पीजीडीएम कैंडिडेट्स को इस काम के लिए वरीयता दी जाती है.

ई-कॉमर्स की फील्ड में वेब डेवलपमेंट एंड डिजाइनिंग का है खास महत्व

ई-कॉमर्स में वेबसाइट और वेब पेजेज पर दिखने वाले प्रोडक्ट्स पर ही पूरा बिजनेस टिका होता है. ऑफलाइन की तरह ऑनलाइन में भी पहली नजर में कस्टमर्स प्रोडक्ट की पैकेजिंग और डिजाइनिंग देखकर अट्रैक्ट होते हैं. डिजाइनर्स का काम यही होता है कि वे अपने प्रोडक्ट्स इस तरह से डिजाइन करके पेश करें कि कस्टमर्स वह प्रोडक्ट जरुर खरीद लें.

इंजीनियरिंग और ई-कॉमर्स

ई-कॉमर्स वेबसाइट के समस्त ऑपरेटिंग सिस्टम को सुचारु रूप से चलाने और किसी भी टेक्निकल प्रॉब्लम को सॉल्व करने का जिम्मा इन पर होता है. इस फील्ड में सॉफ्टवेयर, यूजर इंटरफेस, सप्लाई चेन, कस्टमर सपोर्ट आदि सभी सेक्शन्स में इंजीनियर्स की डिमांड रहती है.

कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव

ई-कॉमर्स में प्रोडक्ट्स की ऑनलाइन शॉपिंग के साथ इसके एप्लीकेशन में हेल्प करने के लिए कस्टमर केयर सेंटर का अच्छा-खासा नेटवर्क होता है. इसके लिए कस्मटर केयर एग्जीक्यूटिव्स 24 x 7 जरूरत रहती है. ऐसा कोई भी 10+2 पास कैंडिडेट, जिसकी इंग्लिश, हिंदी और/ या लोकल लैंग्वेज पर पकड़ हो, कम्युनिकेशन स्किल बेहतरीन हो और प्रॉब्लम सॉल्वर हो, इस जॉब के लिए सूटेबल कैंडिडेट साबित होगा. 

ई-कॉमर्स है सुरक्षित बिजनेस मॉडल

ई-कॉमर्स मार्केट बेहद प्रॉमिसिंग है. यह सबसे सुरक्षित बिजनेस मॉडल है, जिसमें ऑफलाइन की तरह ज्यादा पैसा लगाने की जरूरत नहीं होती है. सिर्फ अपनी क्रिएटिविटी और बिजनेस स्किल्स के जरिए आप यहां अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

ई-कॉमर्स फील्ड के लिए जरुरी स्किल सेट

  • इस फील्ड में अपना बिजनेस शुरू करने या कोई जॉब करने के लिए कैंडिडेट्स को मार्केट और संबद्ध बिजनेस में भावी अवसरों की जानकारी तथा समझ होनी चाहिए अर्थात उनके पास स्ट्रेटेजिक माइंडसेट हो.
  • कैंडिडेट्स के पास रोजमर्रा के काम-काज के लिए ऑपरेशनल स्किल्स होने चाहिए ताकि वे रिजल्ट्स का ट्रैक रिकॉर्ड पेश कर सकें.
  • कस्टमर्स और बिजनेस क्लाइंट्स को अच्छी गुड्स एंड सर्विसेज उपलब्ध करवाकर कस्टमर सेटिसफेक्शन में माहिर हों.
  • अपनी संबद्ध बिजनेस फील्ड में कॉम्पीटीशन को हैंडल करते हुए अच्छे रिजल्ट्स दें.
  • बेहतरीन कम्युनिकेशन और बिजनेस स्किल्स हों.

भारत में ई-कॉमर्स की फील्ड से संबद्ध कुछ प्रमुख कोर्सेज

  • एमबीए – रिटेल मैनेजमेंट
  • पीजीडीएम – रिटेल मैनेजमेंट
  • बीबीए – रिटेल मैनेजमेंट
  • पीजीडीएम – सप्लाई चेन मैनेजमेंट
  • यूजी डिप्लोमा – फैशन एंड रिटेल मैनेजमेंट
  • पीजी डिप्लोमा – फैशन एंड रिटेल मैनेजमेंट
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा – सप्लाई चेन मैनेजमेंट
  • डिप्लोमा – रिटेल मैनेजमेंट
  • एडवांस्ड डिप्लोमा – रिटेल मैनेजमेंट
  • एग्जीक्यूटिव डिप्लोमा – रिटेल मैनेजमेंट (ईडीआरएम)
  • एमबीए (एग्जीक्यूटिव) – सप्लाई चेन मैनेजमेंट
  • एमबीए – सप्लाई चेन मैनेजमेंट
  • एग्जीक्यूटिव डिप्लोमा – एक्सपोर्ट मैनेजमेंट (ईडीईएम)
  • बीएससी – रिटेल मैनेजमेंट
  • पीजीपी – सप्लाई चेन एंड लॉजिस्टिक्स
  • एमए – फैशन रिटेल मैनेजमेंट
  • एमबीए – पीजीपी – रिटेल
  • बीकॉम – ई-कॉमर्स

भारत में कॉमर्स और ई-कॉमर्स की फील्ड से संबद्ध कुछ प्रमुख एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स

  1. श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स, नई दिल्ली
  2. लेडी श्री राम महिला कॉलेज, नई दिल्ली 
  3. लोयोला कॉलेज, चेन्नई
  4. क्राइस्ट कॉलेज, बैंगलोर
  5. हंसराज कॉलेज, दिल्ली
  6. हिंदू कॉलेज, दिल्ली
  7. अनिल सुरेन्द्र मोदी कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स, मुंबई
  8. सेंट जोसफ कॉलेज, बंगलोर
  9. मद्रास क्रिश्चयन कॉलेज, चेन्नई
  10. सिम्बायोसिस कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स एंड कॉमर्स
  11. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट (कलकत्ता, लखनऊ, रोहतक, रांची आदि)
  12. बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी, ग्रेटर नॉएडा

भारत में ई-कॉमर्स की फील्ड में प्रमुख करियर्स

  • यूआई/ यूएक्स डेवलपर – ये पेशेवर डिजाइन, डेवलपमेंट और टेस्टिंग से संबद्ध कार्य देखते हैं ताकि कोई टेक्निकल प्रॉब्लम न आ जाये.
  • इंटरएक्टिव डिज़ाइनर – वेबसाइट के काफी आकर्षक डिजाइन्स तैयार करते हैं ताकि कस्टमर्स प्रोडक्ट्स और सर्विसेज खरीदने के लिए तैयार हो जायें.
  • कंटेंट एक्सपर्ट्स – वेबसाइट्स पर प्रभावी और सरल कंटेंट डिटेल्स तैयार करते हैं ताकि कस्टमर्स को सारी जरुरी जानकारी मिल सके.
  • सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन – ये पेशेवर कस्टमर्स द्वारा गुड्स एंड सर्विसेज के बारे में सर्च करने पर आपकी वेबसाइट्स ऑफर करते हैं.
  • सोशल मीडिया मार्केटिंग – ये पेशेवर फेसबुक, ट्वीटर और इन्स्टाग्राम जैसे सभी सोशल मिडियाज का मिला-जुला इस्तेमाल आपकी ई-कॉमर्स बिजनेस को सफल बनाने के लिए करते हैं.
  • डिजिटल मार्केटिंग – ये पेशेवर ई-कॉमर्स बिजनेस की बारीकियों के एक्सपर्ट्स होते हैं जो आपके बिजेनस को बढ़ाने में मदद करते हैं.
  • ई-कॉमर्स मर्केंडाइजिंग – ये पेशेवर आपके प्रोडक्ट्स के सेल्स और प्रमोशन संबंधी सभी कामों को मैनेज करते हैं.
  • लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट – ई-कॉमर्स से संबद्ध सभी गुड्स एंड सर्विसेज के समुचित वितरण से संबंधित सभी कार्य ये पेशेवर देखते हैं.

ई-कॉमर्स की फील्ड में कुछ अन्य प्रमुख पोस्ट्स

  • कंटेंट मैनेजर
  • सप्लाई चेन प्रोफेशनल
  • चीफ फाइनेंस ऑफिसर
  • प्रोडक्ट डेवलपमेंट प्रोफेशनल
  • बिजनेस एनालिस्ट
  • मार्केटिंग मैनेजर
  • प्रोडक्ट डिज़ाइनर
  • प्रोडक्ट मैनेजर

भारत में ई-कॉमर्स की फील्ड में प्रमुख जॉब फ़ील्ड्स

  • प्राइमरी और क्रिएटिव जॉब फील्ड – प्रोडक्ट प्रेजेंटेशन, कस्टमर सेटिसफेक्शन, मार्कटिंग और ब्रांडिंग से संबद्ध सभी कार्य.
  • एडमिनिस्ट्रेटिव और ऑपरेशनल वर्क – प्रोडक्ट्स केटेगरी मैनेजमेंट, सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउस एंड इन्वेंटरी से संबंधित सभी कार्य.
  • अन्य संबद्ध कार्य – फाइनेंस, पेमेंट्स, लीगल और एचआर से संबद्ध सभी कार्य. 

भारत में ई-कॉमर्स की फील्ड में जॉब प्रोवाइडर्स टॉप ई-कॉमर्स कंपनियां

  • फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड
  • अमेज़न डेवलपमेंट सेंटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  • एफएसएन ईकॉमर्स वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड
  • इंडियामार्ट इंटरमेश लिमिटेड
  • जेस्पर इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड (स्नैपडील)
  • पेयू पेमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड
  • पे टीएम
  • मेक माई ट्रिप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  • मिन्त्रा
  • जस्ट डायल लिमिटेड

भारत में ई-कॉमर्स की फील्ड में सैलरी पैकेज

हमारे देश में ई-कॉमर्स की फील्ड में कैंडिडेट्स को उनकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन्स, स्किल-सेट, वर्क एक्सपीरियंस और टैलेंट के मुताबिक बढ़िया सैलरी पैकेज मिलता है जो आमतौर पर लगभग 2.5 लाख रु. सालाना से 6.9 लाख रु. सालाना तक हो सकता है जो कार्य अनुभव के साथ बढ़ता जाता है. कैंडिडेट्स के जॉब प्रोफाइल के मुताबिक अगर एक फ्रेशर कंटेंट राइटर को एवरेज रु. 2.5 लाख रु. सालाना मिलते हैं तो एक यूआई/ यूएक्स डेवलपर को लगभग 6.9 लाख रु. सालाना तक मिलते हैं. इसी तरह डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर को लगभग 4.5 लाख रु. सालाना का सैलरी पैकेज मिलता है और लॉजिस्टिक्स मैनेजर को लगभग 6.95 लाख रु. सालाना तक सैलरी पैकेज मिलता है.  

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