कॉलेज छात्रों के लिए उपयोगी डॉक्टर अब्दुल कलाम के प्रेरक शब्द

हरेक मनुष्य के जीवन में छात्र जीवन न सिर्फ कुछ सुहानी यादगारें छोड़ जाता है बल्कि, छात्र जीवन में किये गए सभी प्रयास और लिए गये सभी निर्णय हरेक छात्र के जीवन को बना और बिगाड़ सकते हैं. भारत के 11वें राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम जी का जीवन और चरित्र सादगी, कठिन परिश्रम, ज्ञान और आत्मविश्वास का जीवंत उदाहरण है. कॉलेज के छात्र उनके जीवन और विचारों से काफी प्रेरणा हासिल कर सकते हैं.....तो कॉलेज के होनहार छात्रों के लिए यहां प्रस्तुत हैं डॉ. कलाम के कुछ प्रेरणादायक शब्द जिन्हें पढ़कर, समझकर और अमल करके कॉलेज के छात्र अपने समस्त व्यक्तित्व का विकास करते हुए अपने करियर में भी इस “मिसाइल मैन” जैसी सफलता पाने की कोशिश कर सकते हैं. आइये आगे पढ़ें:

जिज्ञाषा और उत्सुकता सभी छात्रों की मुख्य प्रवृति होनी चाहिए और इस प्रवृति को शांत करने का एक मात्र उपाय है, प्रश्न पूछकर उसका उत्तर जानना. अतः हमेशा बेझिझक होकर अपने प्रश्न पूछिए.

कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि क्लास में आगे बैठने वाले छात्र या फिर अधिकांश गतिविधियों में शामिल होने वाले छात्र ही प्रतिभाशाली होते हैं. खुद को भीड़ से अलग रखने वाले लास्ट बेंचर्स भी समय पड़ने पर अविष्कार कर सकते हैं तथा अपने कार्यों से सामजिक बदलाव ला सकते हैं.

अपनी गलतियों से सीख लेने वाला इंसान अपने जीवन में काफी तरक्की कर सकता है लेकिन, खुद को हमेशा जीनियस समझने वाले इंसान के लिए विकास के सभी रास्ते बंद हो जाते हैं.

यह सच है कि समस्याओं  से घबराने के बजाय उसका सही समाधान तलाशना एक छात्र की फितरत होनी चाहिए. अपना एटीट्यूड हमेशा सकारात्मक रखें सफलता अवश्य मिलेगी एवं आप भीड़ से अलग अपनी एक पहचान बनाने में भी सक्षम होंगे. समस्याओं को हमेशा अपनी प्रतिभा को परखने की कसौटी ही समझें.

किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति तभी संभव है जब आप उसके प्रति एकनिष्ठ और एकाग्रचित होकर उसे प्राप्त करने की कोशिश करें.

आप क्षणिक और नकली उपलब्धियों से कभी गौरवान्वित न हों. हमेशा ठोस उपलब्धियों को प्राप्त करने की दिशा में प्रयत्नशील रहें.

वास्तव में, सृष्टि की कोई भी चीज अच्छी और बुरी नहीं होती है. हर चीज का अच्छा या बुरा होना उसकी सामजिक, आर्थिक और नैतिक उपयोगिता पर निर्भर करती है. आमतौर पर काले रंग को भावनात्मक रूप से बुरा माना जाता है लेकिन, आप यह जरुर याद रखें कि काले ब्लैकबोर्ड पर पढ़कर ही लोग अपना जीवन सवांर लेते हैं.

सफलता की कहानियां पढ़ने से आपको कुछ समय के लिए तो प्रेरणा मिल सकती है लेकिन, अगर आप किसी की असफलता की कहानी पढ़ते हैं, तो हो सकता है आप को सफल होने का कोई फॉर्मूला या फिर, आइडिया मिल जाय. ऐसी कहावत भी है कि, ऐसा भी हो सकता है कि, असफलता की सीढ़ी चढ़ते-चढ़ते समय आपको कभी सफलता तक पहुंचा ही दे.

हमारी आदतों पर ही हमारा  भविष्य निर्भर करता है. भविष्य को बदलने की कोशिश मत करें. पहले अपनी आदतों में सुधार लायें और पूरा विश्वास रखें कि आपकी अच्छी आदतें अवश्य ही आपका भविष्य बदल देंगी.

अब, हमारे देश के किसी भी कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र अगर डॉ. कलाम के इन प्रेरक शब्दों से समय रहते उपयोगी सबक सीख लें तो वास्तव में उनका आने वाला सारा जीवन संवर जायेगा.

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