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ये हैं फाइनेंस की फील्ड से जुड़े कुछ नए करियर ऑप्शन्स

वैसे तो आजकल दुनिया भर में जीवन के हरेक कार्य-क्षेत्र या कारोबार के संबंध में नये-नये करियर ऑप्शन्स रोज़ाना उभर रहे हैं लेकिन फाइनेंस की फील्ड में, जिसे हमारे देश में कुछ समय पूर्व तक केवल बैंकिंग सेवाओं और बजट से ही जोड़कर देखा जाता था, अनेक महत्वपूर्ण और ऑफ-बीट करियर ऑप्शन्स अब यंगस्टर्स के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं. भारत में फाइनेंस सेक्टर का लगातार बड़ी तेजी से विकास हो रहा है और विभिन्न फाइनेंशियल सर्विसेज के तहत सभी फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन्स से संबद्ध एक्टिविटीज को शामिल किया जाता है. डेलोइटे के एक रिसर्च के मुताबिक, वर्ष 2015 – 2020 के बीच भारत में हाई नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स ($ 1 मिलियन) की संख्या में 58% की बढ़ोतरी होगी और इसका एक सीधा-सा अर्थ विभिन्न फाइनेंशियल फ़ील्ड्स में भी पॉजिटिव ग्रोथ है. अब, हमारे देश में फाइनेंस की फील्ड में करियर का मतलब केवल चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी सेक्रेटरी के पेशे तक ही सीमित नहीं रह गया है बल्कि हेज फंड्स, कॉर्पोरेट फाइनेंस, वेंचर कैपिटल, इक्विटी रिसर्च और इंश्योरंस की फील्ड में कई नये और विशेष करियर ऑप्शन्स उभरे हैं. आईये फाइनेंस की फील्ड से जुड़े कुछ नए करियर ऑप्शन्स की विस्तार से चर्चा करें: 

हेज फंड्स

यह एक इन्वेस्टमेंट फंड है जिसमें एक्रीडिटेड इंडिविजुअल्स या इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स से कैपिटल एकत्रित करके विभिन्न एसेट्स में इन्वेस्ट किया जाता है और इसके लिए अक्सर कॉम्प्लेक्स पोर्टफोलियो-कंस्ट्रक्शन और रिस्क मैनेजमेंट स्किल्स का इस्तेमाल किया जाता है. ये फंड्स इक्विटीज, बॉन्ड्स और कमोडिटीज़ में इन्वेस्ट करते हैं. हेज फंड में करियर बहुत चुनौतीपूर्ण होने के साथ काफी रिवार्डिंग भी होता है. हेज फंड्स में कई जॉब ऑप्शन्स हैं जैसेकि, पोर्टफोलियो मैनेजर या डिस्ट्रीब्यूशन प्रोफेशनल. अगर आप किसी हेज फंड में एक पोर्टफोलियो मैनेजर के तौर पर काम करना चाहते हैं तो पहले आपको एक ट्रेडर के तौर पर शुरुआत करके फिर इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट के तौर पर काम करना होगा.

  • हेज फंड्स एनालिस्ट

हेज फंड्स में हेज फंड्स एनालिस्ट की पोस्ट काफी महत्वपूर्ण करियर ऑप्शन है जिसके जॉब प्रोफाइल में कई काम और जिम्मेदारियां शामिल हैं जैसेकि, डाटा माइनिंग, आईडिया जनरेशन, मौजूदा और भावी फंड कंपनियों के लिए फाइनेंशियल मॉडल्स को मेन्टेन करना, वैल्यूएशन टेक्निक्स और ओवरऑल पोर्टफोलियो मैनेजमेंट प्रोसेस से संबद्ध काम, हेज फंड स्ट्रेटेजी तैयार करना और फाइनेंशियल मार्केट्स तथा इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स से संबद्ध एनालिसिस आदि. इस जॉब के लिए एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के तहत कैंडिडेट के पास फाइनेंस में मास्टर डिग्री और/ या सीएआईए, सीएफए सर्टिफिकेशन होना चाहिए. भारत में किसी हेज फंड्स एनालिस्ट के एवरेज सैलरी रु. 6 लाख सालाना होती है. 

कॉर्पोरेट फाइनेंस

यह फाइनेंस का एक ऐसा एरिया है जिसमें फंडिंग के सोर्सेज, कॉर्पोरेशन के कैपिटल स्ट्रक्चर, शेयरहोल्डर्स के लिए फर्म की वैल्यू बढ़ाना और फाइनेंशियल रिसोर्सेज के एलोकेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले टूल्स तथा एनालिसिस से संबद्ध कार्य शामिल होते हैं. कॉर्पोरेट फाइनेंस में फाइनेंशियल एनालिस्ट, कॉस्ट एनालिस्ट, क्रेडिट मैनेजर, कैश मैनेजर, बेनेफिट्स ऑफिसर, रियल एस्टेट ऑफिसर, इन्वेस्टर रिलेशन्स ऑफिसर, ट्रेजर और कंट्रोलर के करियर ऑप्शन्स उपलब्ध हैं.

  • कॉर्पोरेट फाइनेंस में फाइनेंशियल एनालिस्ट: 

ये पेशेवर मार्केट्स, इकोनॉमिक्स और कंप्लायंस के एक्सपर्ट्स होते हैं और बहुत बड़ी मात्रा में डाटा को इवैल्यूएट करते हैं. ये कंपनी की टॉप मैनेजमेंट को इन्वेस्टमेंट्स के संबंध में एडवाइस देते हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन – बीकॉम, एमकॉम, एमबीए – फाइनेंस आदि. इन लोगों को एवरेज रु.3.5 लाख से अधिक सालाना मिलते हैं.

वेंचर कैपिटल

यह ऐसा फाइनेंस है जो इन्वेस्टर्स विभिन्न स्टार्टअप कंपनियों और छोटे कारोबारों को उपलब्ध करवाते हैं. ऐसा माना जाता है कि इन कारोबारों में लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पोटेंशियल होता है. आमतौर पर अमीर इन्वेस्टर्स, इन्वेस्टमेंट बैंक्स और अन्य फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स वेंचर कैपिटल ऑफर करते हैं. यह वेंचर कैपिटल हमेशा धन के रूप में न होकर, बहुत बार टेक्निकल या मैनेजरियल एक्सपरटाइज के तौर पर भी ऑफर की जा सकती है.

  • वेंचर कैपिटल एनालिस्ट:

इन पेशेवरों का मुख्य काम लेटेस्ट इंडस्ट्री ट्रेंड्स पर नजर रखना और कंपनी के टारगेट्स पूरे करना होता है. इन पेशवरों को एंजेल इन्वेस्टर्स भी कहा जाता है और ये लोग अपने काम के सिलसिले में काफी रिसर्च भी करते हैं. ये पेशेवर फाइनेंशियल रिपोर्ट्स, बिजनेस रिकार्ड्स और अन्य उपयुक्त डाटा का मूल्यांकन करते हैं. . वर्क एक्सपीरियंस और टैलेंट के मुताबिक इनकी सालाना सैलरी एवरेज रु. 10 – 15  लाख होती है. इस पेशे के लिए जरुरी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन में शामिल है – बीकॉम, एमकॉम, एमबीए – फाइनेंस आदि.

इक्विटी रिसर्च

इस फील्ड के तहत किसी कंपनी के फाइनेंस, परफॉर्म रेश्यो एनालिसिस, फाइनेंशियल फोरकास्ट/ फाइनेंशियल मॉडलिंग आदि से संबद्ध कामों का एनालिसिस और स्टॉक इन्वेस्टमेंट को खरीदने/ बेचने के रिकमेन्डेशन के ऑब्जेक्टिव के लिए माहौल का जायजा लेना शामिल है.

  • इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट

ये पेशेवर स्टॉक्स के छोटे ग्रुप्स को एनालाइज करते हैं ताकि संबद्ध फर्म की सेल्स फोर्स और ट्रेडर्स, इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स और जनरल इन्वेस्टिंग पब्लिक को व्यावहारिक इन्वेस्टमेंट आइडियाज और रिकमेन्डेशन्स ऑफर किये जा सकें. इस पेशे के लिए जरुरी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के तहत  बीकॉम, एमकॉम, एमबीए – फाइनेंस आदि की डिग्रीज शामिल की जा सकती हैं. इन पेशेवरों को एवरेज रु. 6 लाख से अधिक का सैलरी पैकेज मिलता है. 

इंश्योरंस

यह किसी व्यक्ति, कंपनी या संगठन को फाइनेंशियल नुकसान से बचाती है. यह एक किस्म का रिस्क मैनेजमेंट है जो अनिश्चित खतरों के प्रति सुरक्षा कवर ऑफर करता है. इंश्योरंस ऑफर करने वाले इंशोरर, इंश्योरंस कंपनी, इंश्योरंस कैरियर या अंडरराइटर कहलाते हैं. 

  • एक्चुअरीज

ये पेशेवर लोगों, कंपनियों और संगठनों के लिए रिस्क और अनिश्चितता के संबंध में फाइनेंशियल कॉस्ट को एनालाइज करते हैं. इंश्योरंस इंडस्ट्री के लिए इन पेशेवरों का काम काफी महत्वपूर्ण होता है. एक अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2016 – 2026 तक एक्चुअरीज के रोज़गार में 22% की बढ़ोतरी होगी. भारत में मौजूदा समय में दी इंस्टीट्यूट ऑफ़ एक्चुअरीज इंडिया में कुल 8700 मेम्बर्स हैं जिनमें से केवल 375 पूरी तरह क्वालिफाइड हैं और 160 एसोसिएट हैं. इस पेशे के लिए जरुरी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के तहत  एक्चुअरीज साइंस में ग्रेजुएशन की डिग्री, अगर जरुरी हो तो एडिशनल प्रोफेशनल कोर्स करने के बाद किसी प्रोफेशनल बॉडी में अप्लाई करके सर्टिफिकेशन एग्जाम पास करना होता है. भारत में एक नए क्वालिफाइड एक्चुअरी को एवरेज रु. 15 – 20 लाख सालाना का सैलरी पैकेज मिलता है.

भारत में फाइनेंस की फील्ड में कुछ अन्य महत्वपूर्ण करियर ऑप्शन्स:

  • इन्वेस्टमेंट बैंकर:

इन पेशेवरों का काम विभिन्न इंडिविजुअल्स, कंपनियों और सरकार के लिए कैपिटल रेज करना होता है. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन – बीकॉम, एमकॉम, एमबीए – फाइनेंस आदि. एवरेज सैलरी रु. 5 – 8 लाख सालाना.

  • पोर्टफोलियो मैनेजर:

ये पेशेवर संबद्ध कंपनी में क्लाइंट पोर्टफोलियोज से संबद्ध सभी कार्य संभालते हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन – बीकॉम, एमकॉम, एमबीए – फाइनेंस आदि. एवरेज सैलरी रु. 12 लाख सालाना.

  • चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर:

ये पेशेवर किसी कंपनी में कैश फ्लो के साथ सभी फाइनेंशियल एक्टिविटीज को मैनेज करते हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन – बीकॉम, एमकॉम, एमबीए – फाइनेंस आदि. इन पेशेवरों को एवरेज रु. 30 लाख से अधिक का सैलरी पैकेज मिलता है. 

  • रिस्क एनालिस्ट:

ये पेशेवर अपनी कंपनी को नुकसान या हानि और जोखिम से बचाते हैं और अनिश्चितताओं या अनिश्चित परिस्थितियों को मैनेज करते हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन – बीकॉम, एमकॉम, एमबीए – फाइनेंस आदि. इन पेशेवरों को एवरेज सैलरी रु. 5 लाख से अधिक सालाना मिलती है.

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