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कामकाजी हिंदी में एक्सपर्ट प्रोफेशनल्स के लिए भारत में उपलब्ध करियर्स और जॉब्स

भारत के संविधान की 8वीं अनुसूची में हिंदी भाषा सहित कुल 22 लैंग्वेजेज को राष्ट्रीय भाषा  का दर्जा हासिल है. पूरे भारत में लोग इन सभी राष्ट्रीय भाषाओँ के अलावा भी लगभग 720 से अधिक बोलियां बोलते हैं जबकि, पूरे विश्व में 6500 भाषाएं बोली जाती हैं. चीनी भाषा के बाद, हिंदी पूरे संसार में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली दूसरी लैंग्वेज  है जिसे पूरे संसार के लगभग 490 मिलियन लोग बोलते हैं. भारत के साथ ही फिजी की ऑफिशियल लैंग्वेज भी हिंदी ही है.

भारत के सतत आर्थिक विकास और जॉब मार्केट की जरूरतों को देखते हुए इन दिनों, देश और दुनिया की तमाम मल्टीनेशनल कंपनियां भारत के विभिन्न गांवों, कस्बों और छोटे शहरों में कारोबार शुरू कर रही है और इस वजह से, इंग्लिश के साथ-साथ अच्छी हिंदी जानने वालों की मांग भी लगातार बढ़ रही है. देश-दुनिया की बड़ी कंपनियों को अपने कस्टमर्स को हिंदी में सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हिंदी एक्सपर्ट्स की जरूरत लगातार महसूस हो रही है. कामकाजी हिंदी में एक्सपर्ट ये पेशेवर इन कंपनियों को  हिंदी में कंटेंट, एडवरटाइजमेंट्स और ब्रॉशर उपलब्ध कराते हैं. इसलिए, तकरीबन सभी बड़ी कंपनियां इंडियन यंगस्टर्स को हिंदी से जुडी विभिन्न फ़ील्ड्स में आकर्षक सैलरी के साथ कई जॉब ऑफर्स दे रही हैं. इस आर्टिकल में हम कामकाजी हिंदी में एक्सपर्ट प्रोफेशनल्स के लिए भारत में उपलब्ध बढ़िया करियर्स और जॉब्स के बारे में महत्त्वपूर्ण चर्चा कर रहे हैं. आइए आगे पढ़ें यह आर्टिकल:

कामकाजी हिंदी: एक परिचय

अब हिंदी क्योंकि हमारी राष्ट्रीय भाषा है और हमारे देश की जनसंख्या के काफी बड़े हिस्से  (लगभग 50 करोड़ लोग) की प्रमुख भाषा भी हिंदी ही है तो भी, आजकल कई यंगस्टर्स यह ठीक से नहीं समझ पाते हैं कि आखिर कामकाजी हिंदी कौन-सी हिंदी है ? या फिर, हम कैसे कह सकते हैं कि हमें कामकाजी हिंदी/ फंक्शनल हिंदी आती है? दरअसल, कामकाजी हिंदी में हिंदी लैंग्वेज का वह रूप शामिल होता है जिसमें हम अपना रोजमर्रा के कामकाज करते हैं अर्थात जब हम अपने कार्य-व्यवहार के दौरान हिंदी बोलते, लिखते या अन्य किसी तरीके से इस्तेमाल करते हैं तो वह कामकाजी हिंदी ही है. हिंदी टाइपिंग या हिंदी स्टेनोग्राफी कामकाजी हिंदी के बड़े अच्छे उदाहरण हैं. इसके अलावा, जब विभिन्न पेशेवर अपने दफ्तरों में हिंदी लैंग्वेज में नोट लिखते और भेजते हैं या हिंदी लैंग्वेज में सारा फाइल वर्क करते हैं, हिंदी में आवेदन करते और फॉर्म भरते हैं तो इसे भी कामकाजी या कार्यपरक हिंदी के अच्छे उदाहरण के तौर पर पेश किया जा सकता है.

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भारत में हिंदी लैंग्वेज से जुड़े शानदार करियर्स

हिंदी में डिग्री हासिल करने वालों के लिए आज अन्य सभी एकेडेमिक सब्जेक्ट्स की तरह ही सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्रों में विभिन्न किस्म की जॉब्स और करियर्स की बेशुमार संभावनाएं हैं जिनके बारे में आगे जानकारी दी जा रही है. आइये पढ़ें:

सरकारी विभागों/ दफ्तरों और बैंकों में हिंदी ऑफिसर/ ट्रांसलेटर का पेशा

हमारे देश के तकरीबन सभी सरकारी दफ्तरों और विभागों में हिंदी लैंग्वेज से जुड़े अनेक करियर ऑप्शन्स और जॉब प्रोफाइल्स उपलब्ध हैं जैसेकि, हिंदी ऑफिसर, राजभाषा/ ऑफिशियल लैंग्वेज ऑफिसर, ट्रांसलेटर, हिंदी स्टेनोग्राफर, हिंदी टाइपिस्ट आदि. हिंदी ऑफिसर की पोस्ट के लिए ग्रेजुएशन में इंग्लिश के साथ हिंदी में एमए की डिग्री आपके पास अवश्य होनी चाहिए, जबकि अन्य पदों के लिए बीए की डिग्री अनिवार्य है.

भारत सहित विदेशों में स्थित दूतावास

कामकाजी हिंदी के एक एक्सपर्ट के तौर पर आप भारत सहित अन्य देशों के दूतावासों में हिंदी लैंग्वेज से संबद्ध विभिन्न जॉब्स कर सकते हैं. इन दूतावासों में सैलरी पैकेज काफी बढ़िया दिए जाते हैं.

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में करियर्स

टीवी, रेडियो के क्षेत्र में भी एंकरिंग, रिपोर्टिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग और न्यूज एडिटिंग के लिए ऐसे कुशल और अनुभवी लोगों की जरूरत होती है जो कामकाजी हिंदी में एक्सपर्ट हों. आजकल सभी न्यूज चैनल्स और न्यूजपेपर्स के हिंदी न्यूज पोर्टल्स हैं जिनके लिए प्रभावी, सरल लैंग्वेज में खबर लिखने वाले रिपोर्टर्स और डेस्क पर कामकाजी हिंदी में काम करने वाले लोगों की हमेशा जरूरत रहती है.

प्रिंट मीडिया 

न्यूजपेपर और मैगजीन की फील्ड में जो यंगस्टर्स काम करना चाहते हैं, वे यहां अपनी योग्यता और अनुभव के आधार पर सब एडिटर, रिपोर्टर, स्पोर्ट्स रिपोर्टर, बिजनेस रिपोर्टर, फीचर रिपोर्टर और राइटर  की जॉब प्रोफाइल्स पर जॉब कर सकते हैं.

एडवरटाइजिंग  

न्यूजपेपर्स, मैगजीन्स और न्यूज चैनल्स के लिए ऐड बनाने वाली विभिन्न एडवरटाइजिंग एजेंसियों में एडवरटाइजिंग राइटर, स्लोगन राइटर के रूप में ऐसे हिंदी के जानकारों की जरूरत होती है जो कामकाजी हिंदी में एक्सपर्ट हों.

कॉल सेंटर्स में जॉब्स

आजकल अगर आपको बेहतरीन कामकाजी हिंदी आती है तो आप हमारे देश के विभिन्न घरेलू कॉल सेंटर्स में फ्रंट डेस्क सहित अन्य कई संबद्ध जॉब्स कर सकते हैं. यंगस्टर्स को इन कॉल सेंटर्स में सैलरी पैकेजेज भी अच्छे मिलते हैं.

मार्केटिंग

कामकाजी हिंदी में एक्सपर्ट लोगों के पास अगर बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स हैं तो ऐसे पेशेवर सेल्स-परचेज सहित मार्केटिंग की फील्ड में अपना सफल करियर बना सकते हैं और काफी इंसेंटिव कमा सकते हैं.

टीचिंग

हिंदी/ हिंदी ऑनर्स में ग्रेजुएट या हिंदी लैंग्वेज में एमए, एमफिल और पीएचडी की डिग्री प्राप्त करके आप विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में हिंदी लैंग्वेज के टीचर, लेक्चरर, प्रोफेसर, रीडर या डिपार्टमेंटल हेड की जॉब कर सकते हैं. 

विदेशों में हिंदी लैंग्वेज टीचिंग

हिंदी/ हिंदी ऑनर्स में ग्रेजुएट या हिंदी लैंग्वेज में एमए, एमफिल और पीएचडी की डिग्री प्राप्त करके आप पूरी दुनिया के विभिन्न कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज या एकेडेमिक इंस्टीट्यूट्स में हिंदी टीचर, कोच, लेक्चरर या प्रोफेसर के तौर पर जॉब कर सकते हैं बशर्ते आप उस देश की निर्धारित एकेडेमिक या अन्य संबद्ध शर्तों को पूरा करते हैं.  

स्पोर्ट्स फील्ड

हमारे देश में आजकल स्पोर्ट्स से संबद्ध सभी फ़ील्ड्स में भी हिंदी लैंग्वेज को काफी बढ़ावा दिया जा रहा है इसलिए आप हिंदी का कार्यपरक ज्ञान प्राप्त करके विभिन्न स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट्स, स्पोर्ट्स क्लब्स, स्टेडियम्स, स्पोर्ट्स मैगजीन्स आदि में भी अपना करियर बना सकते हैं. 

फ्रीलांस राइटिंग

हिंदी लैंग्वेज में फ्रीलांस राइटिंग के तहत वास्तव में ऑनलाइन, प्रिंट, टेलीविज़न या रेडियो आदि के लिए आर्टिकल्स, स्टोरीज, बुक्स या अन्य कंटेंट मैटर की रिसर्च से संबद्ध सभी काम शामिल होते हैं. हिंदी लैंग्वेज में फ्रीलांस राइटिंग के लिए आपको विभिन्न सोर्सेज से जानकारी और सूचना स्वयं एकत्रित करनी होगी और फैक्ट्स चेक करने के बाद कंटेंट तैयार करके उस कंटेंट को पब्लिश करने या क्लाइंट को भेजने से पहले उसकी एडिटिंग और अंतिम ड्राफ्ट को रिव्यू भी खुद ही करना होगा. टेक्निकल बैकग्राउंड वाले लोग टेक्निकल राइटिंग का काम कर सकते हैं. हिंदी लैंग्वेज में कंटेंट राइटिंग के तहत आप एकेडेमिक राइटिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग, मशहूर लोगों के लिए स्पीच और जर्नलिज्म जैसे क्षेत्रों में काम कर सकते हैं.

हिंदी लैंग्वेजेज के विभिन्न कोर्सेज  

आजकल आप तकरीबन सभी विश्वविद्यालयों से हिंदी लैंग्वेज में बीए, बीए ऑनर्स (हिंदी), एमए, पीएचडी जैसे फुलटाइम और शॉर्ट टर्म दोनों तरह के कोर्स कर सकते हैं.

हिंदी लैंग्वेज के लिए भारत की प्रमुख यूनिवर्सिटीज और इंस्टीट्यूट्स

भारत की इन प्रमुख यूनिवर्सिटीज और इंस्टीट्यूट्स से करें हिंदी लैंग्वेज में विभिन्न कोर्सेज:  

अब, क्योंकि नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर हिंदी लैंग्वेज अपनी खास पहचान बना चुकी है लेकिन इंग्लिश लैंग्वेज कई देशों की ऑफिशियल लैंग्वेज है इसलिए अपने करियर और मनचाही जॉब प्राप्त करने के लिए स्टूडेंट्स हेतु यह भी बेहद जरूरी है कि उन्हें इंग्लिश लैंग्वेज की भी अच्छी जानकारी हो....तो हिंदी में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, एमफिल और पीएचडी की डिग्री या हिंदी लैंग्वेज से संबद्ध विभिन्न डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज करके आपको मिल जायेंगे हिंदी ट्रांसलेटर, सीनियर-जूनियर हिंदी टाइपिस्ट, हिंदी स्टेनोग्राफर, हिंदी असिस्टेंट, दुभाषिया/ इंटरप्रेटर, एडवरटाइजमेंट राइटर, स्लोगन राइटर/ कॉपी राइटर, पू्रफ रीडर, रेडियो जॉकी, एंकर, कॉरेस्पॉन्डेंस, एडिटर, प्ले राइटर और हिंदी खेल कमेंटेटर सहित हिंदी लैंग्वेज से संबद्ध अन्य कई जॉब/ करियर ऑप्शन्स.

हिंदी लैंग्वेज से संबद्ध सैलरी पैकेजेज

हमारे देश में हिंदी ट्रांसलेटर लगभग 4.5 लाख रुपये सालाना कमा लेता है. इसी तरह, हिंदी लैंग्वेज की टीचिंग में जहां हिंदी टीचर्स को लगभग 4 – 5 लाख रु. सालाना मिलते हैं, वहीं कॉलेज के लेक्चरर्स और प्रोफेसर्स 75 हजार रुपये से 1.25 लाख रुपये प्रति माह कमा लेते हैं. विभिन्न दूतावासों में भी सैलरी पैकेज काफी अच्छे होते हैं. हिंदी टाइपिस्ट और हिंदी स्टेनो आमतौर पर एवरेज 3 लाख रुपये सालाना कमाता है.

जॉब, इंटरव्यू, करियर, कॉलेज, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स, एकेडेमिक और पेशेवर कोर्सेज के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने और लेटेस्ट आर्टिकल पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर विजिट कर सकते हैं.

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