इंडियन फाइनेंस इंडस्ट्री में सफल करियर के लिए कर लें ये विशेष कोर्सेज

भारत में 1990 के दशक में हुए इकनोमिक लिबरलाइजेशन ने भारत की इकनोमिक कंडीशन को एक नई दिशा प्रदान की और फिर देश-दुनिया में इंडस्ट्रियलाइजेशन, ग्लोबलाइजेशन के साथ-साथ पिछले कुछ वर्षों से भारत सरकार की इकनोमिक और फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट की फ़ील्ड्स में लिबरल पॉलिसीज़ के कारण नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर सभी किस्म के कारोबारों और छोटी-बड़ी कंपनियों की जहां एक ओर फाइनेंशियल और इकनोमिक ग्रोथ लगातार हो रही है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न कारोबारों और छोटी-बड़ी कंपनियों के बीच इकनोमिक और फाइनेंशियल फ़ील्ड्स में काफी टफ कॉम्पीटीशन देखने को मिल रहा है. अब इस टफ कॉम्पीटीशन के दौर में अधिकतम लाभ हासिल करने के लिए और अपना अस्तित्व कायम रखने के लिए इन छोटी-बड़ी कंपनियों को अपनी बिजनेस कॉस्ट कम रखने के साथ अपने कस्टमर्स को अट्रेक्ट करने के लिए और इन्वेस्टर्स को अधिकतम लाभांश देने जैसे सभी जरुरी कारोबारी उद्देश्य हासिल करने के लिए प्रॉपर फाइनेंस मैनेजमेंट की जरूरत साल-दर-साल पड़ती है. पहले जहां यह काम कंपनी का मुनीम या अकाउंटेंट अकेले हैंडल कर लेते थे, आजकल इसी काम को संभालने के लिए पूरा एकाउंट्स डिपार्टमेंट और कंपनी की संबद्ध फ़ील्ड्स के मैनेजर्स एकजुट हो कर पूरा प्रयास कर रहे हैं ताकि कंपनी को लगातार बिजनेस प्रॉफिट होता रहे और कंपनी अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पोंसिबिलिटी (CSR) कार्य भी बखूबी निभा सके. ऐसे में, हरेक कंपनी के लिए फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का जॉब प्रोफाइल काफी महत्वपूर्ण बन जाता है जिसे कोई भी कंपनी आज के इस मार्केट-ओरिएंटेड दौर में बिलकुल भी नजरअंदाज नहीं कर सकती है.

भारत में विभिन्न एजुकेशनल/ मैनेजमेंट एंड बिजनेस इंस्टीट्यूट्स करवाते हैं ये प्रमुख कोर्सेज

हमारे देश में अनेक एजुकेशनल, मैनेजमेंट एंड बिजनेस इंस्टीट्यूट्स इकनोमिक और फाइनेंशियल फ़ील्ड्स में कई किस्म के एजुकेशनल, मैनेजमेंट और बिजनेस से संबंधित कोर्सेज करवाते हैं और हम इन सभी कोर्सेज को कुछ खास श्रेणियों में बांट सकते हैं जैसेकि –

  • पर्सनल फाइनेंस से संबद्ध कोर्सेज – ये कोर्सेज क्लाइंट ओरिएंटेड होते हैं जो संबद्ध क्लाइंट्स के फाइनेंशियल इश्यूज़ सॉल्व करते हैं. चार्टर्ड वेल्थ मैनेजर और सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर पर्सनल फाइनेंस से संबंधित कोर्स हैं.
  • कॉर्पोरेट फाइनेंस से संबद्ध कोर्सेज – देश-विदेश में स्थित कॉर्पोरेट हाउसेस और बड़ी ब्रांड कंपनियों के फाइनेंशियल मैटर्स को डील करने से ये कोर्सेज संबंधित हैं. बैंकिंग/ एनालिटिकल/ फाइनेंशियल मॉडलिंग और फाइनेंशियल मैनेजमेंट से संबंधित कोर्सेज इस श्रेणी के प्रमुख कोर्सेज हैं.
  • इंटरनेशनल फाइनेंस – ये कोर्सेज मल्टी-नेशनल कंपनियों के फाइनेंस इश्यूज़ के साथ महत्वपूर्ण इंटरनेशनल फाइनेंस मैटर्स के बारे में अच्छी जानकारी देते हैं. इंटरनेशनल फाइनेंस सर्टिफिकेशन कोर्स इस श्रेणी का बढ़िया कोर्स है.
  • फाइनेंशियल मैनेजमेंट से संबद्ध कोर्सेज – इनमें सभी किस्म के फाइनेंस को मैनेज करना सिखाया जाता है. MBA फाइनेंस इस श्रेणी का बेहतरीन कोर्स है.
  • स्पेशलाइज्ड कोर्सेज – फाइनेंस और इकॉनमी की विभिन्न फ़ील्ड्स से संबंधित ये कोर्सेज प्रोफेशनल्स को संबद्ध फील्ड में स्पेशलाइज्ड बना देते हैं. मर्जर्स एंड एक्वीज़ीशन्स, ट्रस्ट एंड एस्टेट प्लानिंग इस फील्ड के प्रमुख कोर्सेज हैं.

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इसी तरह, हमारे देश में फाइनेंस की फील्ड से संबंधित विभिन्न पेशों से संबंधित प्रमुख कोर्सेज निम्नलिखित हैं:

  • चार्टर्ड अकाउंटेंसी
  • MBA – मास्टर ऑफ़ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (फाइनेंस)
  • कॉस्ट अकाउंटेंट – स्टडी कोर्स
  • सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट – कोर्स
  • कंपनी सेक्रेटरी – कोर्स
  • एक्चुअरी – कोर्स
  • चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट – डिग्री कोर्स
  • चार्टर्ड वेल्थ मैनेजर – शॉर्ट टर्म कोर्स
  • सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर
  • MA/ MSc – इकोनॉमिक्स
  • स्टेटिस्टिक्स – स्टडी कोर्स
  • चार्टर्ड अल्टरनेट इन्वेस्मेंट एनालिस्ट – कोर्स
  • फाइनेंशियल मॉडलिंग एंड इन्वेस्टमेंट बैंकिंग प्रोग्राम्स
  • फाइनेंशियल रिस्क मैनेजमेंट कोर्स
  • फाइनेंशियल डाटा प्रोफेशनल – कोर्स

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आइये भारत में उपलब्ध कुछ प्रमुख फाइनेंशियल कोर्सेज की एक महत्वपूर्ण चर्चा करें:

  • मास्टर ऑफ़ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) कोर्स:आजकल भारत में कई कॉलेज, यूनिवर्सिटीज, बिजनेस स्कूल्स और मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट्स विभिन्न MBA कोर्सेज करवाते हैं. इनमें भारत के कुछ प्रमुख बिजनेस स्कूल्स हैं: IIM बैंगलोर, कलकत्ता, अहमदाबाद, इंदौर, कोज़िकोड, लखनऊ, शिलॉंग और कई नए IIMs. आमतौर पर इस कोर्स की अवधि 2 वर्ष होती है और भारत के विभिन्न IIMs द्वारा पेश किये जा रहे MBA प्रोग्राम्स में एडमिशन लेने के लिए कैंडिडेट्स के लिए MBA एंट्रेंस टेस्ट अर्थात कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) पास करना जरुरी है. इसी तरह, कई बिजनेस स्कूल्स XAT, SNAP, MAT, ATMA, GMAT और NMAT जैसे एंट्रेंस टेस्ट लेने के बाद ही सफल कैंडिडेट्स को अपने इंस्टीट्यूट में विभिन्न MBA कोर्सेज में एडमिशन देते हैं. यह कोर्स करने वाले स्टूडेंट्स को प्रति वर्ष कई लाख रूपये के सैलरी पैकेज वाले जॉब ऑफर्स मिलते हैं.
  • चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) कोर्स:यह कोर्स करने वाले पेशेवर किसी भी कंपनी या दफ्तर के सभी किस्म के फाइनेंशियल कामकाज के लिए जिम्मेदार होते हैं और फाइनेंस से संबद्ध सभी मामले संभालते हैं. अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद स्टूडेंट्स को 2 वर्ष का चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रोग्राम अवश्य पास करना होता है. एक बार CA एग्जाम पास कर लेने के बाद इन पेशेवरों को  विभिन्न कंपनियों और ऑफिसेस में काफी बढ़िया सैलरी पैकेज वाले जॉब प्रोफाइल्स मिलते हैं. ये पेशेवर फाइनेंशियल कंसलटेंट या CA के तौर पर अपना काम भी शुरू कर सकते हैं. किसी टैलेंटेड CA को 35 लाख रु. तक सालाना अधिकतम सैलरी मिल सकती है.
  • कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट (CMA): इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट मैनेजमेंट एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAMAI) तीन लेवल्स पर कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट कोर्स करवाता है यानी CAMA फाउंडेशन, CAMA इंटरमीडिएट और CAMA फाइनल कोर्स.
  • कंपनी सेक्रेटरी (CS): आजकल हमारे देश में कंपनी सेक्रेटरी पेशे से संबंधित कोर्स की डिमांड बहुत बढ़ गयी है. हमारे देश में इस कोर्स की शुरुआत कंपनी सेक्रेटरीज़ एक्ट 1980 के आधार पर की गई. कंपनी सेक्रेटरी कोर्स के तीन लेवल्स हैं- फाउंडेशन (8 महीने), एग्जिक्यूटिव और प्रोफेशनल. ग्रेजुएट स्टूडेंट्स को 8 महीने का फाउंडेशन कोर्स करने से छूट मिल जाती है और उन्हें सीधे दूसरे लेवल में एडमिशन मिल जाता है. इन पेशेवरों के लिए एग्जिक्यूटिव और प्रोफेशनल कोर्स पूरा करने के बाद किसी कंपनी या पेशेवर कंपनी सेक्रेटरी के साथ 16 महीने की ट्रेनिंग पूरी करना जरूरी होता है.
  • सर्टिफाइड फायनेंशियल एनालिस्ट (CAFA):CAFA एजुकेशनल प्रोग्राम कोर्स ऐसे स्टूडेंट्स के लिए ज्यादा फायदेमंद रहता है जिन्हें फायनेंशियल सिस्टम एवं इन्वेस्टमेंट की फ़ील्ड्स में काफी दिलचस्पी हो. CAFA कोर्स में स्टूडेंट्स को बेसिक एकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स, विभिन्न बिजनेस प्रैक्टिसेज, इकनोमिक पॉलिसीज़ और शर्तों के बारे में अच्छी जानकारी दी जाती है. इस कोर्स को पूरा करने के बाद स्टूडेंट्स फाइनेंशियल एनालिसिस में एक्सपर्ट हो जाते हैं.

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भारत में विभिन्न फाइनेंशियल कोर्सेज करने के लिए ये हैं प्रमुख एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स

हमारे देश में टॉप IITs और IIMs के अलावा भी स्टूडेंट्स निम्नलिखित एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स से फाइनेंस की फील्ड से संबंधित विभिन्न कोर्सेज करके अपना सफलत करियर बना सकते हैं:

  • श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स, नई दिल्ली
  • सेंट ज़ेवियर कॉलेज, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
  • लोयोलो कॉलेज, चेन्नई, तमिलनाडु
  • हिंदू कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली
  • लेडी श्री राम कॉलेज, नई दिल्ली
  • सेंट ज़ेवियर कॉलेज, मुंबई, महाराष्ट्र
  • क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बैंगलोर, कर्नाटक
  • प्रेसीडेंसी कॉलेज, चेन्नई, तमिलनाडु
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ फाइनेंशियल प्लानिंग, नई दिल्ली
  • बनारस यूनिवर्सिटी, वाराणसी
  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़
  • दिल्ली स्कूल ऑफ़ बिजनेस, नई दिल्ली
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ फाइनेंशियल स्टडीज, दिल्ली यूनिवर्सिटी
  • जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
  • नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज़, मुंबई.

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