SSC CGL पाठ्यक्रम व परीक्षा पैटर्न 2018-19: टीयर -I, II, III और IV

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 4 जून, 2018 तक चलेगी. अत: छात्रों के लिए SSC CGL टियर-१ परीक्षा की तैयारी का समय आ चुका है जो कि संभवत: 25 जुलाई से 20 अगस्त 2018 तक आयोजित होगी।

SSC CGL 2018 परीक्षा के सभी चरणों को पार करने के लिए छात्रों को एक ठोस अध्ययन योजना के साथ तैयारी को शुरू करना चाहिए। एक सक्षम अध्ययन योजना को बनाने के लिए महत्वपूर्ण तत्व हैं:

  • नवीनतम परीक्षा पैटर्न
  • परीक्षा से संबंधित चरणों का विस्तृत पाठ्यक्रम।

अत: हमने SSC CGL 2018 परीक्षा का विस्तृत पाठ्यक्रम संकलित किया है जिसमें टियर-I, II, III व IV का नवीनतम परीक्षा पैटर्न सम्मिलित है. जिससे आपको एक व्यवस्थित तरीके से तैयारी करने में मदद मिलेगी।

SSC CGL टीयर - I, टीयर - II, टीयर - III और टीयर - IV परीक्षा पैटर्न 2018

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा को प्रतिवर्ष चार चरणों में आयोजित किया जाता है, जहां प्रत्येक चरण को उत्तीर्ण करना अलग पदों की न्यूनतम आवश्यकताओं पर निर्भर करता है. SSC CGL 2018 परीक्षा चार स्तरों यानी टीयर - I, टीयर - II, टीयर - III और टीयर - IV में आयोजित किया जाएगा जैसाकि नीचे दी गयी तालिका में दिखाया गया है-

पिछले कुछ वर्षों में, SSC ने परीक्षा पैटर्न में कुछ बदलाव किया है। छात्रों को SSC CGL परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले परीक्षा पैटर्न और सिलेबस में किये गए परिवर्तन को नोट करना चाहिए। उन महत्वपूर्ण बिंदुओं में से कुछ को जिन्हें आपको ध्यान में रखना हैं, नीचे बताया गया है-

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SSC CGL 2018 टीयर - I, टीयर - II, टीयर - III और टीयर – IV का सिलेबस

SSC CGL की परीक्षा पैटर्न का अच्छी तरह से अध्ययन करने के बाद अगला कदम परीक्षा के विभिन्न चरणों के विस्तृत पाठ्यक्रम को समझना है। SSC CGL परीक्षा 4 अलग स्तरों को मिलकर संपन्न होती है अत: प्रत्येक टियर के पाठ्यक्रम को अलग-अलग समझना अत्यंत आवश्यक है।

SSC CGL 2018 टीयर – I: पूर्ण सिलेबस

SSC CGL 2018 टियर-I  परीक्षा एक ऑब्जेक्टिव टाइप परीक्षा है जो ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी है। परीक्षा में 100 प्रश्नों के चार अनुभाग होंगे (प्रत्येक अनुभाग में प्रश्नों के संख्या 25 व अधिकतम अंक 50 होंगे.) और कुल अधिकतम अंक 200 होंगे. टीयर -1 परीक्षा की समय अवधि 60 मिनट होगी।

परीक्षा का अनुभागीय स्तर का विवरण नीचे दी गई सारणी में दिखाया गया है-

याद रखने योग्य बिंदु:

SSC CGL टीयर - I 2018 परीक्षा का विषय-वार विस्तृत पाठ्यक्रम

उपर्युक्त पाठ्यक्रम SSC CGL  टीयर - I परीक्षा का एक संक्षिप्त रूप था। छात्रों को सभी वर्गों के विस्तृत पाठ्यक्रम को गंभीरता से देखकर ही अध्ययन योजना को बनाना चाहिए है जिससे आपको आपके कमज़ोर  विषयों को पहचाननें में और उन पर फोकस करने में सहायता मिलेगी।

आइये- SSC CGL टियर-1 के वर्गों के विस्तृत पाठ्यक्रम पर एक-एक करके नजर डालते हैं:

जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग:इस अनुभाग में उम्मीदवारों की सोचने की क्षमता और समस्या को सुलझाने के कौशल का परीक्षण किया जाता है। इस अनुभाग से पूछे गए सवाल मुख्य रूप से ब्रेन-टीज़र होते हैं और कभी कभी इन प्रश्नों का जवाब देना काफी मुश्किल हो जाता है। प्रश्न निम्नलिखित अध्यायों में से मौखिक और गैर-मौखिक दोनों ही प्रकार हो सकता है-

सामान्य जागरूकता:इस अनुभाग को SSC CGL परीक्षा के उच्च स्कोरिंग अनुभागों में से एक माना जाता है। यह उम्मीदवार की उसके चारों ओर के पर्यावरण के बारे में सामान्य जागरूकता और समाज में उनके अनुप्रयोगों की एबिलिटी का परिक्षण करता है. दुनिया भर में और भारत में हो रहे मौजूदा मामलों से भी प्रश्नों को इस खंड में पूछा जाएगा। सामान्य जागरूकता अनुभाग के तहत SSC CGL टियर-1 परीक्षा में निम्नलिखित विषयों को शामिल किया गया हैं-

क्वांटिटेटिव एपटीत्युड:इस अनुभाग में उम्मीदवारों के गणितीय कौशल का परीक्षण किया जाता है और यह देखा जाता है कि वह गणना करने में कितना सक्षम है। इस खंड में प्रवीण होने के लिए, उम्मीदवारों को सामान्य गणितीय अवधारणाओं, मेथड्स और उनके अनुप्रयोगों पर अच्छी पकड़ बनाने की आवश्यकता हैं। सवालों को उम्मीदवार की संख्यात्मक अनुप्रयोग व गणित में संख्या से सम्बंधित अनुभवों को जांचने पर आधारित करके डिज़ाइन किया गया है। SSC CGL टियर-1 परीक्षा के क्वांटिटेटिव एपटीत्युड अनुभाग में सम्मिलित  विषयों का विवरण कुछ इस प्रकार से है-

इस खंड में एक अच्छा स्कोर प्राप्त करने के लिए सभी सूत्रों के गहन ज्ञान और सवालों के पैटर्न की जानकारी होना आवश्यक है। इसलिए, इस खंड का कठोर अभ्यास ज़रूरी है। यह अनुभाग SSC CGL 2018 परीक्षा के प्रथम स्तर और द्वितीय स्तर दोनों में महत्वपूर्ण है।

इंग्लिश लैंग्वेज व कॉम्प्रिहेंशन: इस अनुभाग में उम्मीदवारों की सही व्याकरण के उपयोग, शब्दावली के उपयोग और बुनियादी कॉम्प्रिहेंशन को समझने की क्षमता का परीक्षण किया जाता है।

SSC CGL टियर-1 परीक्षा के इंग्लिश लैंग्वेज और कॉम्प्रिहेंशन अनुभाग में शामिल विषयों की सूची निम्न है-

आम तौर पर, इस खंड से पूछे जाने वाले प्रश्न डायरेक्ट और काफी आसान होते है। इसलिए, उम्मीदवार इस खंड में अच्छा स्कोर कर सकते हैं। यह अनुभाग SSC CGL 2018 परीक्षाके दोनों स्तरों टियर-1 व टियर-2 में महत्वपूर्ण है.

SSC CGL टीयर – II 2018 का पूर्ण सिलेबस

SSC CGL 2018 टीयर – II परीक्षा एक ओब्जेक्टिव टाइप परीक्षा है जो ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। परीक्षा में चार पेपर्स हैं जिनमें क्वांटिटेटिव एपटीत्युड, इंग्लिश लैंग्वेज व कॉम्प्रिहेंशन, सांख्यिकी और सामान्य अध्ययन (वित्त और अर्थशास्त्र) सम्मिलित है. प्रत्येक पेपर के लिए समय अवधि 2 घंटे की होगी।

परीक्षा का सेक्शन-आधारित विवरण नीचे दी गई सारणी में देखा जा सकता है-

याद रखने योग्य बिंदु:

SSC CGL टीयर - II 2018 परीक्षा का विषय-वार विस्तृत पाठ्यक्रम

उपर्युक्त पाठ्यक्रम SSC CGL टीयर – II परीक्षा का सिर्फ एक संक्षिप्त रूप था। छात्रों को सभी पेपर्स के विस्तृत पाठ्यक्रम के माध्यम से जाना चाहिए और संबंधित विषयों में अच्छी तरह से स्कोर करने के लिए एक उचित नीति का निर्माण करना चाहिए।

आइये- SSC CGL टियर-II के पेपर्स के विस्तृत पाठ्यक्रम को एक-एक करके देखते हैं-

पेपर-I: क्वांटिटेटिव एपटीत्युड

इस पेपर का पाठ्यक्रम  पहले बताये गए SSC CGL टीयर -1 परीक्षा के क्वांटिटेटिव एपटीत्युड के सिलेबस के ही अनुरूप है।

SSC CGL टियर-2 परीक्षा में पेपर-1: क्वांटिटेटिव एबीलीटीज़ के प्रमुख टॉपिक्स नीचे बताये गए हैं-

पेपर - 2: इंग्लिश लैंग्वेज एंड कॉम्प्रिहेंशन

इस फेज में प्रश्नों को उम्मीदवार की इंग्लिश लैंग्वेज एंड कॉम्प्रिहेंशन के ज्ञान का परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

SSC CGL टियर-2 परीक्षा में पेपर-2: इंग्लिश लैंग्वेज एंड कॉम्प्रिहेंशन के प्रमुख टॉपिक्स नीचे बताये गए हैं-

पेपर-3: सांख्यिकी (जूनियर सांख्यिकीय अधिकारी के लिए)

पेपर-III केवल उन्हीं उम्मीदवारों के लिए है जिन्होंने जूनियर सांख्यिकीय अधिकारी (JSO) के पद के लिए आवेदन किया है और जो इस पद के लिए टियर-1 से शोर्टलिस्ट हुए है.

SSC CGL टियर-2 परीक्षा में पेपर-3: सांख्यिकी के प्रमुख टॉपिक्स नीचे बताये गए हैं-

पेपर-IV: जनरल स्टडीज-वित्त और अर्थशास्त्र (सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी / सहायक लेखा अधिकारी)

पेपर-IV केवल उन्हीं उम्मीदवारों के लिए जिन्होंने पेपर-IV के लिए टियर-I को उत्तीर्ण किया हैं व यह पेपर केवल सहायक लेखापरीक्षा अधिकारी / सहायक लेखा अधिकारी के लिए ही आयोजित किया जाता है।

आइये- पेपर-I: सामान्य अध्ययन (वित्त और अर्थशास्त्र)के पाठ्यक्रम के बारे में विस्तार से जानें -

भाग ए: वित्त एवं लेखा (Finance & Accounts)- (80 अंक):

Fundamental principles and basic concept of Accounting:

भाग बी: अर्थशास्त्र और गवर्नेंस (Economics and Governance) - (120 अंक)

  1. Nature of the Indian Economy Role of different sectors - Role of Agriculture, Industry and Services-their problems and growth;
  2. National Income of India - Concepts of national income, Different methods of measuring national income
  3. Population - Its size, rate of growth and its implication on economic growth
  4. Poverty and unemployment - Absolute and relative poverty, types, causes and incidence of unemployment
  5. Infrastructure - Energy, Transportation, Communication
  1. Monetary/ Fiscal policy - Role and functions of Reserve Bank of India; functions of commercial Banks/ RRB/ Payment Banks
  2. Budget and Fiscal deficits and Balance of payments
  3. Fiscal Responsibility and Budget Management Act, 2003

SSC CGL टीयर - III परीक्षा का पूर्ण सिलेबस

SSC CGL टीयर - III परीक्षा एक वर्णनात्मक पेपर है जो पेन और पेपर मोड पर ऑफ़लाइन कराया जाता है। इस परीक्षा में, उम्मीदवारों की लैंग्वेज प्रोफिसीयेनसी, व्याकरण ज्ञान, शब्दावली का उपयोग और लेखन कौशल का अंग्रेजी / हिन्दी में परीक्षण किया जाता है। उम्मीदवारों को निबंध, संक्षिप्त आवेदन, पत्र आदि लिखने के लिए 60 मिनट का समय दिया जाता हैं।

याद रखने योग्य बिंदु:

इस चरण की तैयारी करने का सबसे अच्छा तरीका है कि विभिन्न समाचार पत्रों से विभिन्न आर्टिकल्स को पढ़ें। इसके अलावा, आपको पत्र और आवेदन के पैटर्न से अच्छी तरह परिचित होना चाहिए।

SSC CGL टीयर – IV परीक्षा का पूर्ण सिलेबस

SSC CGL टीयर - IV परीक्षा में कुछ कौशल परीक्षण है जिनकी आवश्यकता सरकारी पदों और दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया के लिए आवश्यक हैं:

DEST (डाटा एंट्री स्पीड टेस्ट):

सी०पी०टी० (कम्प्यूटर प्रोफीसीयेनसी टेस्ट):

दस्तावेज़ सत्यापन:

अंतिम चयन के लिए परीक्षा का अंतिम चरण  दस्तावेज सत्यापन है। इसके तहत उम्मीदवारों को विभिन्न दस्तावेजों जैसे मैट्रिक प्रमाण पत्र, अन्य शैक्षिक योग्यता का प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण पत्र, प्रासंगिक दस्तावेज़ की कॉपी इत्यादि को प्रस्तुत करना होता है व दस्तावेज़ सत्यापन के समय उम्मीदवारों को सभी दस्तावेज की मूल प्रति को भी साथ लेकर जाना होगा।

ऊपर उल्लेखित SSC CGL 2018 परीक्षा के विस्तृत पाठ्यक्रम का अध्ययन करने के बाद, अगला चरण एक अध्ययन की योजना को बनाना और उस पर अमल करना है। उदाहरण के लिए, पिछले वर्ष के कुछ प्रश्न पत्र को हल करके आप अभ्यास शुरू कर सकते है और अपने मजबूत और कमजोर क्षेत्रों का विश्लेषण कर सकते है. नियमित अभ्यास से परीक्षा में सटीकता और उच्च स्कोर को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

यदि आपने ‘SSC CGL पाठ्यक्रम व परीक्षा पैटर्न 2018: टीयर -I, II, III और IVपर जानकारी को उपयोगी पाया है तो SSC CGL परीक्षा के बारे में इस तरह की अधिक जानकारी के लिए www.jagranjosh.com/staff-selection-commission-ssc पर आते रहें.

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