SSC CGL 2017-18: नॉन– वर्बल रीजनिंग के लिए तैयारी टिप्स और विषय

एसएससी सीजीएल ने अपना अंतिम कार्यक्रम जारी कर दिया है. सभी छात्रों ने अपनी कमर कस ली होगी और तैयारी में जुट गए होंगे. इस परीक्षा में सफल होने के लिए छात्र जरूर अलग– अलग प्रकार की रणनीतियां बना रहे होंगे. ज्यादातर छात्र अच्छे अंकों के साथ कटऑफ अंक लाने पर ध्यान लगा रहे होंगे. अब, अच्छे अंक लाने के लिए आपको कठिन और कमजोर विषयों का विश्लेषण जरूर करना चाहिए. एसएससी सीजीएल प्रिलिम्स परीक्षा का पैटर्न यदि हम देखें तो प्रत्येक विषय बराबर रूप से बंटा है. प्रत्येक विषय से 2 अंकों वाले 25 प्रश्न पूछे जाते हैं. सबसे आसान विषय की बात करें तो, वह है जनरल इंटेलिजेंस. इसलिए, अच्छे अंक लाने के लिए आपको उसके सभी विषयों पर पकड़ बनानी चाहिए|

प्रश्नों के वितरण पर गौर करें तो 80% प्रश्न वर्बल रीजनिंग से आते हैं और बाकी के 20% नॉन– वर्बल रीजनिंग से. यदि छात्र वर्बल सेक्शन में 20 में से 18 लाने में सक्षम है तो उसे बाकी के हिस्से को हल करने की कोशिश करनी चाहिए ताकि वह 3 से 4 अंक और प्राप्त कर सके. यहां बीते वर्षों में नॉन– वर्बल सेक्शन में पूछे गए विभिन्न विषयों की तालिका दी जा रही है. इससे आपको इस सेक्शन को अच्छे से समझने में मदद मिलेगी|

नॉन– वर्बल रीजनिंग

विषय

प्रश्नों की संख्या

दर्पण और जल प्रतिबिंब

1

कागज काटना और मोड़ना ( Paper Cutting and Folding)

1

घन और पासा (Cubes and Dices)

1

अंतःस्थापित चित्र (Embedded Figures)

1

मैट्रिक्स आधारित प्रश्न (Matrix based question) 

1

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इस सेक्शन में कुछ विभिन्न प्रकार के विषय भी होते हैं जो सिर्फ चित्र आधारित होते हैं. इन प्रश्नों में बहुत दिमाग लगाने की जरूरत नहीं होती. उन्हें हल करने के लिए सिर्फ अभ्यास और विश्लेषण कौशलों की जरूरत होती है| ऐसे प्रश्नों को हल करने के लिए आपको सिर्फ काल्पनिक विचारों का प्रयोग करना होता है. इस सेक्शन में सफल होने के लिए आईए कुछ टिप्स पर नजर डालते हैं|

  1. अवधारणा की समझ (कॉन्सेप्ट लर्निंग)- प्रत्येक विषय को अच्छी तरह से समझें. स्पष्ट रूप से समझें. दर्पण और जल छवि एवं पेपर कटिंग एंड फोल्डिंग विषयों में– आप वस्तुओं के जरिए प्रयोग कर सकते हैं. इनमें से ज्यादातर प्रश्न सिर्फ विकल्पों को हटा कर उत्तर चुनने की तकनीक से ही हल हो जाते हैं. विकल्पों को हटाना शुरु करें और समझदारी के साथ सही विकल्प चुनें. इसलिए सीखने के लिए प्रत्येक विषय को अलग से पढ़ना सबसे अच्छी तकनीक होगी.
  2. पढ़ने का माध्यम- छवि आधारित प्रश्नों को पढ़ने के लिए, आपके मानसिक– दर्शन शक्ति को अच्छा होना चाहिए. इसके लिए, ऐसे सभी विषयों के वीडियो आपको जरूर देखने चाहिए. इससे आपको प्रत्येक प्रश्न को हल करने का ट्रिक भी पता चल जाएगा.
  3. अभ्यास- अवधारणा को समझने के बाद विषय के आधार पर प्रश्नों को हल करना शुरु करें. इससे आपको अपनी स्पीड बढ़ाने में तो मदद मिलेगी ही साथ ही प्रश्न को देखते ही उसे विश्लेषित करने की आपकी क्षमता में भी सुधार आएगा.
  4. मॉक टेस्ट के जरिए अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन करें– समयबद्ध शेड्यूल में मॉक टेस्ट दें. अपनी खामियों का पता लगाने के लिए प्रदर्शन का विश्लेषण करें. खामियों पर काम करना शुरु करें और अपनी सटीकता बढ़ाएं.
  5. पिछले वर्ष के पेपर को हर करें– बीते वर्ष के पेपर अंतिम पेपर का आभासी प्रतिबिंब होते हैं. एसएससी परीक्षा का पैटर्न लगभग एक जैसा ही रहता है. कई बार तो, वह अपने प्रश्नों को दुहरा देता है. इसलिए, उचित समयसीमा के साथ उन्हें हल करने का प्रयास करना आपके लिए अच्छा साबित होगा.
  6. दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित करें– रीजनिंग विषय एसएससी सीजीएल परीक्षा के सिर्फ टीयर–1 परीक्षा में ही पूछे जाते हैं लेकिन यह सबसे आसान विषयों में से एक है या यूं कह लें कि यह अधिक अंक दिलाने वाला विषय है. और जैसा कि हम सब जानते हैं कि अंकों की अंतिम गणना में प्रीलिम्स के अंक भी जोड़े जाते हैं इसलिए, इस विषय में अच्छे अंक लाकर आप अपने अंकों को बढ़ा सकते हैं और नॉन– वर्बल रीजनिंग का यह सेक्शन इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इसलिए, इसे हल्के में न लें और इसकी तैयारी भी अच्छी तरह से करें|

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परीक्षा की तैयारी में उपर दिए गए सभी ट्रिक्स मददगार हैं. यदि आप इन्हें सावधानी से अपनाएं तो वे आपको 5 में से 5 अंक लाने में मदद करेंगें. हमारी वेबसाइट को देखते रहें और सभी प्रकार की उपयोगी जानकारी प्राप्त करें. एसएससी परीक्षा अब नजदीक आ रही है. इसलिए, अपना कार्यक्रम तैयार करें और अभी से हीं उसकी तैयारी शुरु कर दें. पूर्ण प्रतिबद्धता/ समर्पण निश्चित रूप से सफलता की ओर ले जाएगा. यहां हम कुछ प्रसिद्द प्रकाशकों की किताबों की सूची दे रहें हैं जो रीजनिंग विषय को समझने में आपकी मदद करेंगे–

  1. वर्बल एंड नॉन– वर्बल रीजनिंग (आर एस अग्रवाल)
  2. वर्बल एंड नॉन– वर्बल रीजनिंग हिन्दी (किरण प्रकाशन)
  3. लॉजिकल एंड एनालिटिकल रीजनिंग– अंग्रेजी (ए के गुप्ता)

शुभकामनाएं।

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