कॉलेज के पहले वर्ष का अनुभव और स्टूडेंट्स के जीवन पर उसका प्रभाव

यूं तो प्रत्येक छात्र के जीवन और अध्ययन काल में कॉलेज लाइफ का बड़ा महत्व होता है लेकिन जब बात आती है कॉलेज के प्रथम वर्ष की तो हम सबमें उत्साह काफी बढ़ जाता है. ऐसा क्यों न हो? आखिर कॉलेज के पहले साल में प्रत्येक छात्र अध्ययन के साथ ही अपने जीवन के एक नये चरण की भी एक नई और उमंग भरी शुरुआत जो करता है. कॉलेज में अपने प्रथम वर्ष में प्रत्येक छात्र के मन में जिज्ञासा और आशा के साथ ही कई आशंकाएं और तनाव भी मौजूद रहते हैं जिसका सबसे बड़ा कारण होता है जीवन के इस मोड़ पर मौजूद अनिश्चितता. कॉलेज के पहले साल में छात्र एक नई शुरुआत तो कर देते हैं लेकिन कॉलेज में अपने इस पहले वर्ष के दौरान वे करिकुलम, एक्स्ट्रा करीकुलर एक्टिविटीज, दोस्त, रूममेट्स, कॉलेज परिवेश, सीमित पॉकेट मनी, फैशन और स्टाइल मेंटेन रखने आदि जैसी कई समस्याओं से एक साथ जूझते हैं. तब कहीं जाकर उन्हें मिलता है कॉलेज में अपने पहले साल का यह कीमती अनुभव जो वे अपने से जूनियर छात्रों, भाई या दोस्तों के साथ बांटकर कॉलेज में उनके पहले साल को आसान और खुशनुमा बना सकते हैं.

इस आर्टिकल के माध्यम से हम कुछ ऐसे मानदंड पेश कर रहे हैं जिनकी कसौटी पर आप अपने कॉलेज के पहले साल के अनुभवों का मूल्याकंन कर सकते हैं.

क्लासरूम और करिकुलम

कॉलेज में प्रवेश पाते ही प्रत्येक छात्र के मन में प्रथम वर्ष के शुरू में अपनी क्लास और करिकुलम को लेकर काफी उत्साह और जिज्ञासा होती है. वास्तव में कॉलेज की पढ़ाई हाई स्कूल की पढ़ाई से काफी अलग और ज्यादा विस्तृत होती है. इसलिये अपने कॉलेज का प्रथम वर्ष प्रत्येक छात्र को किसी प्रयोग की भांति प्रतीत होता है. नए विषय और नये करिकुलम के साथ अपने क्लासरूम के नये दोस्त, नये प्रोफेसर और कॉलेज कैंपस का नया परिवेश, सब मिलकर प्रत्येक छात्र को एक नया लेकिन अपने में अलग अनुभव प्रदान करते हैं जो उनके जीवन को एक नई दिशा देता है.

एक्स्ट्रा करिकुलम एक्टिविटीज

प्रत्येक कॉलेज में आजकल पढ़ाई-लिखाई के अलावा कई एक्स्ट्रा करीकुलर एक्टिविटीज जैसे, गीत, संगीत, नाटक, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, चित्रकला, इवेंट्स, फैशन शोज, एग्जीबिशन्स, खेल-कूद के टूर्नामेंट्स आदि भी होते है. छात्र अपनी इच्छा के अनुसार इनमें से किसी एक में या एक से ज्यादा एक्टिविटीज में भी हिस्सा ले सकते हैं और यकीनन कॉलेज के पहले ही साल में ये एक्स्ट्रा करीकुलर एक्टिविटीज उनके अनुभव को काफी समृद्ध करती हैं.

कॉलेज और हॉस्टल के परिवेश के साथ समायोजन

हाई स्कूल और अपने घर-परिवार के सुखद और सुरक्षित माहौल से निकलकर कॉलेज और हॉस्टल के परिवेश के साथ समायोजन करना शुरू में कॉलेज के सभी छात्रों के लिए काफी कष्टकारी और तनावपूर्ण होता है. लेकिन अपने कॉलेज का यह पहला साल ही कॉलेज और हॉस्टल परिवेश में आने वाले वर्षों के लिए आपके जीवन और प्रत्येक गतिविधि को दिशा प्रदान करता है और समय बीतने के साथ आप अपने कॉलेज और हॉस्टल के माहौल के आदी हो जाते हैं.

आर्थिक मोर्चा और आप

कॉलेज में आने से पहले आप धन, बजट और पॉकेट मनी को लेकर बिलकुल बेफिक्र रहते हैं क्योंकि आपकी फीस भरने के साथ ही अन्य सभी खर्च आपके पेरेंट्स की जिम्मेदारी और फ़िक्र का विषय होते हैं. लेकिन जैसे ही आप किसी अन्य शहर में कॉलेज में एडमिशन लेते हैं और किसी PG या हॉस्टल में रहना शुरू कर देते हैं तो अपनी फीस के साथ रहने, खाने, कपड़े-लते आदि अन्य सभी व्ययों की व्यवस्था आपको केवल अपने पेरेंट्स द्वारा दिए गए मासिक खर्च या फिर किसी पार्ट टाइम जॉब या फ्रीलांसिंग से प्राप्त आय से करनी होती है. अब, क्योंकि यह कॉलेज में आपका पहला ही साल होता है इसलिये; आपका अपने इस आर्थिक मोर्चे को लेकर चिंता करना तो लाजिमी है. लेकिन अगर आप कॉलेज के पहले साल में अपना वित्त अच्छी तरह संभाल लेते हैं तो फिर आप ताउम्र अपने धन, बजट या रुपये-पैसे की व्यवस्था को लेकर निश्चिंत रह सकते हैं. आर्थिक मोर्चे को लेकर आपके कॉलेज के पहले साल की यह विजय आपके लिए मील का पत्थर साबित होती है.

दोस्त और रूममेट्स 

अक्सर कॉलेज की पहले साल की दोस्ती सारी उम्र कायम रहती है. आप जब अपने घर-परिवार और हाई स्कूल के दोस्तों से दूर किसी नये और अनजान शहर में आकर कॉलेज के प्रथम वर्ष में अपने नये दोस्त बनाते हैं और किस्मत से आपके नये रूममेट्स भी अच्छे होते हैं तो फिर समझो आपको सारी उम्र के लिए दोस्त मिल गए. आने वाले 3-4 वर्षों में आपकी यह पहले साल की दोस्ती कई किस्म में उतार-चढ़ावों से गुजर कर समय की कसौटी पर खरी उतरती है जो आपके लिए एक विशेष अनुभव होता है.

कॉलेज में मौजमस्ती

कॉलेज के हर पल को पूरी तरह से एंज्वॉय करने का मतलब ही अपनी पढ़ाई और एक्स्ट्रा करीकुलर एक्टिविटीज के साथ-साथ अपने रूममेट्स और दोस्तों के साथ खाली समय में मौजमस्ती करना भी होता है. फिर चाहे किसी दोस्त का जन्मदिन सेलिब्रेट करना हो, देर रात तक चलने वाली पार्टीज हों या किसी लोकल मार्केट या मॉल में मटरगश्ती करना ही क्यों न हो?... कॉलेज के पहले ही साल में ये सभी एक्टिविटीज आपको काफी नये-नये अनुभव प्रदान करती हैं.

सेमेस्टर एग्जाम्स और रिजल्ट

आजकल सेमेस्टर एग्जाम्स प्रणाली और रिजल्ट प्रत्येक कॉलेज छात्र को उनकी पढ़ाई से संबंधित योग्यता से हर छमाही में उन्हें अवगत करवाते रहते हैं और छात्र इसका लाभ उठा कर समय रहते ज्यादा मेहनत करके अपने स्कोर सुधार सकते हैं. दूसरे शब्दों में, अपने कॉलेज के पहले ही साल में छात्रों को अपनी पढ़ाई के स्तर का सही अनुमान लगाकर और अधिक बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिलता है. कॉलेज में प्रथम वर्ष के रिजल्ट का दिन भी बहुत सुबह से ही अपने आप में एक ख़ास अनुभव कराता है.   

नये आयाम

कॉलेज में प्रत्येक छात्र को अपने पहले साल में करिकुलम, एक्स्ट्रा करीकुलर एक्टिविटीज, कॉलेज और हॉस्टल परिवेश, आर्थिक मोर्चा, दोस्त और रूममेट्स के साथ मौजमस्ती और विशेषकर सेमेस्टर एग्जाम्स और रिजल्ट के संबंध में जो भी अच्छे-बुरे अनुभव प्राप्त होते हैं; वे सभी अपने में ख़ुशी और दुःख समेटे रखने के साथ ही प्रत्येक छात्र के भावी जीवन को नये आयाम और दिशा प्रदान करते हैं. प्रत्येक छात्र अपनी कॉलेज लाइफ और खासकर अपने कॉलेज के पहले साल के उक्त अनुभवों को हमेशा अपनी यादों में संजो कर रखता है.

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