ये हैं भारत में एग्रीकल्चर से जुड़े खास करियर्स

हमारे देश को एक कृषि प्रधान देश कहा जाता है. भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मुताबिक भारत की आत्मा इसके गावों में बसती है. हजारों वर्षों से हमारे देश भारत में गावों की इनकम का सबसे बड़ा साधन कृषि ही रही है. कृषि या एग्रीकल्चर में ऐसी सभी एक्टिविटीज़ और तरीकों को शामिल किया जा सकता है जोकि प्लांट्स, एनिमल्स, फंगी, मेडिसिनल प्लांट्स और अन्य संबंधित प्रोडक्ट्स की फार्मिंग और कल्टीवेशन से संबंधित हैं और इन सभी एक्टिविटीज़ का सबसे बड़ा उद्देश्य ह्यूमन लाइफ को कायम रखने के लिए 3 बेसिक नीड्स – फ़ूड, क्लोथ्स एंड शेल्टर मुहैया करवाना है.

इंडियन इकॉनमी में एग्रीकल्चरल शेयर

अगर हम भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि अर्थात इंडियन एग्रीकल्चर के योगदान को देखें तो ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) में लगभग 20% हिस्सा इंडियन एग्रीकल्चर का है और देश की 60% से अधिक जनसंख्या को इंडियन एग्रीकल्चर ही एम्पलॉयमेंट के डायरेक्ट या इन-डायरेक्ट अवसर उपलब्ध करवाती है. वास्तव में सैंकड़ों सालों से इंडियन एग्रीकल्चर इंडियन इकॉनमी का प्रमुख आधार है. यह हमारे देश की अति-विशाल जनसंख्या को भोजन उपलब्ध करवाने के साथ ही देश की कई छोटी-बड़ी इंडस्ट्रीज़ को रॉ मटीरियल भी उपलब्ध करवाती है.

एग्रीकल्चरल फील्ड में करियर की संभावनाएं

अगर आप एक प्रकृति प्रेमी हैं और भारत को हरा-भरा रखने के साथ ही आप इंडियन एग्रीकल्चर में गहरी दिलचस्पी रखते हैं तो आपके लिए इस फील्ड में करियर के कई बेहतरीन ऑप्शन्स मौजूद हैं. एग्रीकल्चर की किसी भी फील्ड में अपना करियर शुरू करके आप अच्छी कमाई करने के साथ ही देश की इकॉनमी और डेवलपमेंट में भी अपना योगदान दे सकते हैं. आइये भारत में एग्रीकल्चर की फील्ड से जुड़े कुछ प्रमुख करियर ऑप्शन्स की चर्चा करें:

क्या है एग्रीकल्चरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी ?    

एग्रीकल्चर की स्टडी को एग्रीकल्चरल साइंस या एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी के नाम से जाना जाता है. एग्रीकल्चरल साइंस में ग्रेजुएशन/ पोस्ट ग्रेजुएशन या डॉक्टोरल डिग्री हासिल कर लेने के बाद आप एग्रीबिजनेस, आर एंड डी संगठनों, पब्लिक और प्राइवेट एजेंसियों, सरकार की पॉलिसी मेकिंग एजेंसियों, और प्राइवेट कंसल्टिंग कंपनियों में इस फील्ड से जुड़े विभिन्न करियर्स में से अपने लिए कोई सूटेबल करियर चुन सकते हैं. एग्रीकल्चरल साइंस के तहत 4 प्रमुख स्टडी ऑप्शन्स हैं – फ़ूड साइंस, प्लांट साइंस, सॉयल साइंस और एनिमल साइंस.

एजुकेशनल साइंस से संबंधित एजुकेशनल क्वालिफिकेशन्स

एग्रीकल्चरल साइंस और टेक्नोलॉजी की फ़ील्ड से संबंधित विभिन्न कोर्सेज करने के लिए स्टूडेंट्स ने किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से अपनी 12वीं क्लास फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) सब्जेक्ट्स के साथ पास की हो. ऐसे स्टूडेंट्स एग्रीकल्चरल साइंस, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी, फ़ूड साइंस, फ़ूड साइंस एंड एग्रीकल्चर, बायोटेक्नोलॉजी, एनवायर्नमेंटल साइंस, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और बॉटनी आदि स्ब्जेंक्ट्स में 3 – 4 वर्ष की अवधि का कोई अंडरग्रेजुएट कोर्स कर सकते हैं. इसके बाद स्टूडेंट्स एग्रीकल्चर की संबद्ध फील्ड जैसेकि, MBA – एग्री-बिजनेस, डाटा एनालिटिक्स, बिजनेस एनालिटिक्स, फाइनेंस या मार्केटिंग में पोस्टग्रेजुएशन और फिर, एग्रीकल्चर, एग्रीकल्चर बायोटेक्नोलॉजी, या एग्रीकल्चरल एंटोमोलॉजी में डॉक्टोरल डिग्री हासिल कर सकते हैं.

एग्रीकल्चरल साइंस में हैं कई बेहतरीन करियर्स   

एग्रीकल्चरल साइंस और टेक्नोलॉजी में हायर एजुकेशनल डिग्री हासिल करने के बाद स्टूडेंट्स प्लांट बायोलॉजिस्ट, हॉर्टिकल्चरल एक्सपर्ट, फ्लोरीकल्चर एक्सपर्ट, एग्रीकल्चरल साइंटिस्ट, एग्रीकल्चरल इंजीनियर, एग्रीकल्चरल कंसलटेंट एंड डाटा साइंटिस्ट, प्लांट बायोटेक्नोलॉजिस्ट, फ़ूड साइंटिस्ट, सॉयल साइंटिस्ट, फॉरेस्ट्री एंड वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट, वेटरनरी साइंटिस्ट, एनिमल हसबैंडरी एक्सपर्ट, एकेडेमिक रिसर्च एंड टीचिंग फैकल्टी, एग्रीकल्चरल फाइनेंस एंड एकाउंटिंग ऑफिसर, एग्रीकल्चरल बिजनेस मैनेजर, एग्रीकल्चरल इकोनॉमिस्ट, एग्रीकल्चरल इंस्पेक्शन एंड क्वालिटी अश्योरेंस ऑफिसर, एग्रीकल्चरल सेल्स एंड मार्केटिंग मैनेजर, सॉयल सर्वेयर, फार्म मैनेजर, क्रॉप स्पेशलिस्ट आदि के तौर पर अपना करियर शुरू कर सकते हैं.

भारत में विभिन्न एग्रीकल्चरल कोर्सेज करवाने वाले प्रमुख इंस्टीट्यूट्स और यूनिवर्सिटीज़

भारत में एग्रीकल्चरल फील्ड में मिलता है ये सैलरी पैकेज

इस फील्ड में शुरू में बीएससी – एग्रीकल्चर ग्रेजुएट को आमतौर पर शुरू में 3 – 4 लाख रुपये सालाना मिलते हैं और मास्टर डिग्री होल्डर कैंडिडेट्स को शुरू में एवरेज 3.6 – 4.5 लाख रुपये सालाना का सैलरी पैकेज मिलता है. कैंडिडेट्स को कुछ वर्षों के अनुभव के बाद उनकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन्स के आधार पर 6 – 10 लाख रुपये सालाना तक का सैलरी पैकेज मिलता है. रिसर्च प्रोफेशनल्स को इस फील्ड में 55 हजार – 80 हजार रुपये प्रति माह तक मिलते हैं.   

भारत में एग्रीकल्चरल फील्ड के कुछ प्रमुख कोर्सेज और उनसे संबंधित खास करियर ऑप्शन्स

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