ये हैं भारत के सबसे अधिक शिक्षित पॉलिटिशियन्स

यह ‘लोकसभा चुनाव 2019’ वर्ष है और इस समय हमारे चारों तरफ राजनीतिक सरगर्मियां काफी बढ़  गई हैं. ऐसे में, हम भारत के नागरिक अपने वोट डालने के अधिकार का एक बार फिर इस्तेमाल करके अपने देश में एक अच्छी और मज़बूत सरकार बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए उत्सुक हैं और अपने देश के नेताओं के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल करना चाहते हैं ताकि हम किसी योग्य उम्मीदवार को अपना वोट देकर भारत की संसद में पहुंचा सकें. इस चुनावी माहौल में हमारे लिए अपने देश के सबसे अधिक शिक्षित पॉलिटिशियन्स के बारे में जानकारी प्राप्त करना काफी अच्छा रहेगा ताकि हम अपने काबिल लीडर्स के हाथों में अगले 5 वर्षों के लिए शासन की बागडोर थमा सकें. ऐसा कहा गया है कि शिक्षा हमारे समाज का आईना होती है और किसी भी देश को अपने समस्त विकास के लिए सुशिक्षित नागरिकों की जरूरत होती है. भारत के लीडर्स भी इसका अपवाद नहीं हैं. आपको यह जान कर बहुत प्रसन्नता होगी कि भारत की मौजूदा लोक सभा में चुने गए 75% संसद सदस्यों के पास कम से कम ग्रेजुएशन की डिग्री तो जरुर है. इस समय लोक सभा के 6% सदस्यों के पास डॉक्टोरल डिग्री है. आइये इस आर्टिकल में भारत के कुछ प्रमुख सबसे अधिक शिक्षित पॉलिटिशियन्स के बारे में चर्चा करते हैं.

वैसे तो भारत की संसद के लिए चुने जाने के लिए भारत के संविधान में किसी विशेष एजुकेशनल क्वालिफिकेशन का विवरण नहीं दिया गया है अर्थात हमारे देश में एक एमपी, एमएलए या मंत्री बनने के लिए औपचारिक तौर पर किसी एजुकेशनल सर्टिफिकेट या डिग्री की जरूरत नहीं है. फिर भी, अब ज़माना काफी बदल गया है क्योंकि मौजूदा समय में हमारे देश के कई पॉलिटिशियन्स काफी पढ़े-लिखे हैं और यह फैक्ट युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है. मौजूदा मोदी सरकार में भी काफी एमपी और मिनिस्टर्स हाइली एजुकेटेड हैं जैसेकि, हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एमए (पोलिटिकल साइंस) किया है. इसी तरह, कुछ प्रमुख मंत्री और नेता राजनाथ सिंह – एमएससी (फिजिक्स), अरुण जेटली – बीकॉम, एलएलबी, सुषमा स्वराज – बीए, एलएलबी, नितिन गडकरी – एलएलबी, हर्ष वर्धन – एमबीबीएस, एमएस और निर्मला सीतारमण – एमए, एमफिल और पीएचडी डिग्री होल्डर्स हैं.

इस समय भारत की राजनीति में सक्रिय कुछ प्रमुख सबसे अधिक शिक्षित लीडर्स हैं:

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पंजाब यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की है और सेंट जॉन कॉलेज, कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से अपना इकोनॉमिक्स ट्रिपोस पूरा किया और वर्ष 1960 में इन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से डॉक्टोरल डिग्री (डी.फिल) हासिल की.

भारत सरकार के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री - साइंस एंड टेक्नोलॉजी, अर्थ साइंसेज, डॉ. हर्ष वर्धन ने वर्ष 1979 में गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, कानपुर से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की और वर्ष 1983 में मास्टर ऑफ़ सर्जरी (एमएस) की डिग्री हासिल की.

इन्होंने सेंट स्टीफन कॉलेज, दिल्ली से हिस्ट्री में ग्रेजुएशन और फ्लेचर स्कूल ऑफ़ लॉ एंड डिप्लोमेसी, टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से एमए तथा एमएएलडी की डिग्री हासिल की है. इन्होंने 22 वर्ष की आयु में अपनी पीएचडी की डिग्री हासिल कर ली थी. 

भारत सरकार के पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने प्रेसीडेंसी कॉलेज, चेन्नई से स्टैटिसटिक्स में बीएससी की डिग्री प्राप्त की है और मद्रास लॉ कॉलेज से लॉ में ग्रेजुएशन करने के साथ ही लोयोला कॉलेज, चेन्नई से मास्टर डिग्री और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एमबीए की डिग्री हासिल की है.

इन्होंने हिंदू कॉलेज से मैथमेटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की है और इंडियन स्टैटिसटिक्स इंस्टीट्यूट, कोलकाता से स्टैटिसटिक्स में मास्टर डिग्री के साथ ही हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में पीएचडी की डिग्री हासिल की है.

पूर्व कानून एवं न्याय मंत्री ने वर्ष 1977 में हार्वर्ड लॉ स्कूल से एलएलएम की डिग्री प्राप्त की और दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमए – हिस्ट्री के साथ एलएलबी की डिग्री प्राप्त की है.

भारतीय जनता पार्टी की पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व मिनिस्टर ऑफ़ माइनॉरिटी अफेयर्स, भारत सरकार नजमा हेपतुल्ला ने विक्रम यूनिवर्सिटी, उज्जैन से जूलॉजी में एमएससी और कार्डियक एनाटोमी में पीएचडी की डिग्री हासिल की है.

इन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी मास्टर डिग्री प्राप्त की और सेंट स्टीफन कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी से अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की.

भारतीय जनता पार्टी के अनुभवी नेता और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संध के प्रचारक मुरली मनोहर जोशी ने मेरट कॉलेज से बीएससी और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से एमएससी की डिग्री हासिल करने के साथ ही इलाहबाद यूनिवर्सिटी से अपनी डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की है.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के वर्तमान प्रेजिडेंट अखिलेश यादव ने सिडनी यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया से एनवायरनमेंट इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की है.

कांग्रेस पार्टी के प्रमुख लीडर ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से वर्ष 1993 में इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की और वर्ष 2001 में स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ़ बिजेनस से एमबीए की डिग्री हासिल की.

राजस्थान के डिप्टी चीफ मिनिस्टर और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रेजिडेंट सचिन पायलट ने सेंट स्टीफन कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की और इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से मार्केटिंग में डिप्लोमा प्राप्त किया है. इन्होंने वारटन स्कूल, पेनसिलवेनिया यूनिवर्सिटी, फ़िलेडैल्फ़िया, अमरीका से एमबीए की डिग्री भी प्राप्त की है.

हालांकि हमारे देश की राजनीति केवल डिग्री की मुहताज कभी नहीं रही फिर भी, एजुकेशनल क्वालिफिकेशन्स का हरेक व्यक्ति के काम करने के तरीके पर सीधा असर पड़ता है और वास्तव में हमारे लीडर्स और पॉलिटिशियन्स भी इस सच्चाई का अपवाद नहीं हैं. इसलिए आजकल हमारे देश में भी उच्च शिक्षा प्राप्त लीडर्स और पॉलिटिशियन्स समय-समय पर होने वाले विभिन्न चुनाव जीतकर देश की राजनीति, सरकार और विपक्षी दल के लीडर्स के तौर पर अपना सक्रिय योगदान दे रहे हैं.

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