इन रूल्स से बनेगा आपका रिज्यूम प्रभावी और जल्दी मिलेगी मनचाही जॉब

भारत में दिसंबर, 2018 में बेरोज़गारी दर 3.53% थी और इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) के मुताबिक साल 2018 - 2019 में हमारे देश में यह दर 3.5% तक रह सकती है. एक अनुमान के मुताबिक, इस समय भारत में लगभग 18.9 मिलियन लोग बेरोज़गार हैं. सेंटर फॉर मोनिटरिंग इंडियन इकॉनमी प्राइवेट लि. (CMIE) के मुताबिक फ़रवरी, 2019 में हमारे देश में लगभग 400 मिलियन लोग  जॉबपेशा थे लेकिन इससे पिछले साल अर्थात फ़रवरी, 2018 में लगभग 406 मिलियन लोग जॉबपेशा थे. यह डाटा हमें वास्तव में हैरान कर देता है. हमारे देश में लगभग 31 मिलियन लोग बेरोजगार हैं और इस वर्ष जॉब मार्केट में उपलब्ध कुल जॉब्स 6 लाख (अनुमानित) रहेंगी. अब, आप खुद ही जॉब मार्केट में रोज़गार के उपलब्ध अवसरों की कमी की गंभीरता का अनुमान लगा सकते हैं. लेकिन आपकी भावी जॉब प्रोफाइल के मुताबिक बना आपका रिज्यूम आपको अपनी ड्रीम जॉब दिलवा सकता है.....बस जरुरी है कि आप अपना रिज्यूम तैयार करते समय कुछ रूल्स को फ़ॉलो करें जैसेकि:

कम लेकिन प्रभावी हो व्यक्तिगत विवरण

अक्सर हम देखते हैं कि उम्मीदवार अपने रिज्यूम की शुरुआत में अपना व्यक्तिगत परिचय बहुत बड़े स्तर पर देते हैं क्योंकि वे ऐसा मानते हैं कि इससे इंटरव्यूअर पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है. लेकिन ध्यान रखिये एम्पलॉयर को आपकी व्यक्तिगत जानकारी से कोई लेना देना नहीं होता है. इसलिए अपने रिज्यूम के शुरू में केवल छोटा और प्रभावशाली तरीके से व्यक्तिगत परिचय ही दें.

पेशेवर उपलब्धियां

आप अपनी दूसरी या तीसरी जॉब में अपनी महत्वपूर्ण पेशेवर उपलब्धियों का समुचित विवरण दे सकते हैं क्योंकि ज्यादातर मामलों में इसी पर आपकी जॉब प्रोफाइल निर्भर करती है. इस कॉलम में आपको अपने वर्तमान या फिर पूर्व संगठनों/ कंपनियों या ऑफिसेज में पूरे किये गए प्रोजेक्ट्स, असाइंमेंट्स और कार्यों के बारे में अ भावी एम्पलॉयर को बताना होता है. इसलिए अपनी पेशेवर उपलब्धियों का सटीक और यथार्थ रूप में वर्णन करें. ध्यान रखिये अधिकतर एम्पलॉयर्स कैंडिडेट्स को भर्ती करने से पहले उनकी पिछली पेशेवर उपलब्धियों को अवश्य देखते हैं.

क्रिएटिविटी

साफ-सुथरा नीट एंड क्लीन रिज्यूम एम्पलॉयर्स पर अपना एक अलग प्रभाव छोड़ता है लेकिन अगर आप में क्रिएटिविटी है तो उसे अपने रिज्यूम में दिखाने की हरसंभव कोशिश कीजिये. अपने रिज्यूम में क्यों न आप कुछ ऐसा शामिल करें कि एम्पलॉयर को लगे कि वास्तव में आप काफी क्रिएटिव हैं और आपका यह गुण उनके संगठन के लिए लाभदायक साबित हो सकता है.

कस्टमाइज्ड रिज्यूम है आज की जरूरत

एक ही रिज्यूम सभी जॉब प्रोफाइल्स के लिए काम नहीं आ सकता है. अगर आप हर संगठन में एक ही जॉब के लिए आवेदन भेज रहे हैं तो भी आपको अपने रिज्यूम में थोड़ा-बहुत परिवर्तन जरुर करना चाहिए. आपको अलग-अलग रिक्रूटर्स द्वारा दिए गए जॉब प्रोफाइल्स के मुताबिक अपने रिज्यूम में बार-बार बदलाव करना होगा. यदि आपका रिज्यूम आपके भावी जॉब प्रोफाइल के मुताबिक नहीं है तो हो सकता है कि वह जॉब आपको न मिले. आपका रिज्यूम भावी एम्पलॉयर्स को यह बताता है कि आप अपने जॉब प्रोफाइल के लिए कैसे एक सूटेबल कैंडिडेट हैं?  रिज्यूम में आप अपनी भावी जॉब प्रोफाइल के मुताबिक सबसे महत्वपूर्ण स्किल्स के डिटेल्स बताएं. इसीलिए जब आप अपने जॉब प्रोफाइल के मुताबिक अपना रिज्यूम लिखना शुरू करें तो उसमें जॉब के लिहाज से सभी सूटेबल स्किल्स और टैलेंट का जिक्र सबसे पहले करें.

एजुकेशनल क्वालिफिकेशन

आप अपनी योग्यता के आधार पर ही कोई जॉब हासिल कर सकते हैं तथा अपनी योग्यता के जरिये ही किसी भी कार्य में सफलता पाते हैं और अपने जॉब टारगेट पूरा करने के साथ ही आप अपनी कंपनी को कुछ अन्य बेनिफिट पाने में अपना योगदान देते हैं. योग्यता के आधार पर ही एम्पलॉयर्स यह जानने में सक्षम होता है कि आप किस फील्ड के लिए ज्यादा सूटेबल कैंडिडेट साबित होंगे ? दरअसल आपकी योग्यता में विशेष रूप से आपकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन को शामिल किया जाता है. अपनी योग्यता को दर्शाते समय यह हमेशा ध्यान में रखे कि आपकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन भावी जॉब प्रोफाइल  से कितना मेल खाती है ? एम्पलॉयर्स के लिए कर्मचारियों की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन बहुत मायने रखती है. 

स्किल सेट और जॉब प्रोफाइल

जिस जॉब के लिए आप अप्लाई करने जा रहे हैं उससे अलग अन्य स्किल्स का वर्णन अपने रिज्यूम में ज्यादा न करें. आप जिस जॉब के लिए अप्लाई करने जा रहे हैं उससे जुड़े सभी स्किल्स का अपने रिज्यूम में अच्छी तरह वर्णन करें. स्किल-सेट का स्पष्ट तरीके से और व्यवस्थित रूप से सिलसिलेवार वर्णन आपके रिज्यूम को काफी प्रभावी बना देता है. याद रखिये कि सुनियोजित तरीके से और जॉब प्रोफाइल के मुताबिक बनाये गए रिज्यूम से इंटरव्यू कॉल आने की संभावना अधिकतम होती है.

वर्क एक्सपीरियंस

स्किल-सेट के अलावा सबसे पहले एम्पलॉयर किसी रिज्यूम में वर्क एक्सपीरियंस पर गौर करता है. कम लेकिन प्रभावी शब्दों में अपने वर्क एक्सपीरियंस को भावी जॉब के लिए उपयोगी बताते हुए यह बताएं कि किस तरह आपका अनुभव उस कार्य विशेष के साथ-साथ भावी कंपनी के लिए लाभदायी साबित होगा.

छोटा और सरल बनाएं अपना रिज्यूम

आपका रिज्यूम आमतौर पर 1 या 2 पेज का होना चाहिए. आप 1 या 2 पेजों में ही अपनी सारी जरुरी इनफॉर्मेशन को सीमित करने की कोशिश करें ताकि पूरे पेज को आपके बारे में सारी जरूरी जानकारी से भरा जा सके. यह दिखने में भी अच्छा भी लगेगा और इस रिज्यूम को पढ़ने या स्कैन करने में भी काफी कम समय लगेगा. लेकिन इसका मतलब यह हरगिज नहीं है कि आप अहम जानकारी उसमें ड़ालें ही नहीं. जिनको काटना संभव हो या जिसे कम शब्दों में कहा जा सकता है उन्हें यथा संभव कम से कम शब्दों में लिखें.

कीवर्ड का महत्व

डिजिटल युग में ज्यादातर कंपनियों ने उम्मीदवारों  को शॉर्ट लिस्ट करने के लिए एप्लिकेंट ट्रैकिंग सिस्टम (ATS) को अपनाना  शुरू कर दिया है जोकि रिज्यूम को  शॉर्टलिस्ट करने का सबसे लोकप्रिय तरीका बनते जा रहा है. यह सिस्टम जॉब डिस्क्रिप्शन की 3 लाइन्स के कीवर्ड में से रिज्यूम को शॉर्टलिस्ट करता है. इसलिए, कैंडिडेट्स के लिए यह काफी महत्वपूर्ण है कि वे अपनी जॉब पोस्टिंग पर अप्लाई करने से पहले कीवर्ड्स पर पूरा ध्यान दें.

सरल स्टाइल और फॉन्ट

भले ही आपने कितना अच्छा रिज्यूम बनाया हो लेकिन अगर आपका रिज्यूम पढ़ने में आसान नहीं है, तो एम्पलॉयर्स इसे पढ़ने में अपना टाइम खराब नही करेंगे. उनके पास पहले से ही बहुत सारे रिज्यूम होते हैं. इसलिए आपको अपना रिज्यूम स्टाइल और फॉन्ट के मुताबिक रीडेबल बनाना चाहिए.

सही और आकर्षक भाषा का इस्तेमाल

अपना रिज्यूम बनाते समय हमेशा अपनी भाषा सरल और आकर्षक रखें. भूलकर भी गलत भाषा का इस्तेमाल न करें. रिज्यूम में लिखी गई आपकी भाषा यह बताती है कि भाषा पर आपकी कितनी पकड़ है और आपकी भाषा किस हद तक लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर सकती है.

बढ़ा-चढ़ा कर न करें वर्णन  

बहुत से जॉब सीकर्स अक्सर अपने रिज्यूम्स में अपने बारे में काफी बढ़ा-चढ़ा कर वर्णन करने की गलती कर देते हैं. भले ही ऐसा करने से आपके रिज्यूम पर रिक्रूटर्स का ध्यान आसानी से चला जाता है और आपको इंटरव्यू के लिए भी बुला लिया जाता है. लेकिन, यह अच्छा तरीका नहीं है क्योंकि रिक्रूटर्स हमेशा अपने उन सभी नए कर्मचारियों और की बैकग्राउंड की भी जांच करते हैं, जिन्हें वे हायर करते हैं. वे सोशल मीडिया पर भी अपने कैंडिडेट्स को ट्रैक करते हैं और अगर कैंडिडेट के रिज्यूम में किये गए दावों की तुलना में उनके प्रोफ़ाइल में कोई भी असमानता मिलती है तो ऐसे कैंडिडेट्स की जॉब अक्सर खतरे में पड़ जाती है. इसलिए, अपने रिज्यूम्स में अपने बारे में कोई झूठ न लिखें या अपने बारे में बढ़ा-चढ़ा कर वर्णन न करें.

दूसरों की नकल न करें

अपना रिज्यूम बनाते समय किसी दूसरे के रिज्यूम की नकल बिलकुल भी नहीं करें. उसे अपनी  एजुकेशनल क्वालिफिकेशन्स और वर्क-एक्सपीरियंस को क्रम से लिखते हुए सिंपल और प्रभावशाली बनाने की कोशिश कीजिये. आपका रिज्यूम आपकी जॉब प्रोफाइल के मुताबिक होना चाहिए.

एडिटिंग भी है जरुरी

अपना रिज्यूम अच्छी तरह तैयार कर लेने के बाद आखिर में एक बार फिर से रिज्यूम को पूरा पढ़ लें और अगर कोई छोटी-सी भी गलती दिखे तो उसे तुरंत ठीक कर लें क्योंकि ये रिज्यूम आपका करियर बना सकता है, आपको अपनी ड्रीम जॉब दिलवा सकता है.....तो रिज्यूम तैयार करते समय बिल्कुल भी लापरवाही ना बरतें.

रिज्यूम के साथ लगायें सभी सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स

आप अपने रिज्यूम में दिए गए डिटेल्स की सपोर्ट में सभी जरुरी सर्टिफिकेट्स और डॉक्यूमेंट्स जरुर अपने रिज्यूम के साथ अटैच करें ताकि आपकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन्स, एक्स्ट्रा करीकुलर एक्टिविटीज, वर्क एक्सपीरियंस आदि को आपके भावी रिक्रूटर्स तुरंत वेरीफाई कर सकें.

ये लेटेस्ट रूल्स आपको अपना बढ़िया रिज्यूम तैयार करने में मदद करेंगे. इससे एचआर डिपार्टमेंट केवल 1 मिनट के भीतर ही आपके रिज्यूम को स्कैन करके आपको इंटरव्यू कॉल अवश्य करेगा. इससे यह भी पता चलेगा कि एचआर डिपार्टमेंट ने आपके स्किल्स और पोटेंशियल को समझ लिया है और इससे आपको अपने स्किल-सेट के मुताबिक ड्रीम जॉब मिलने की संभावना बढ़ जाएगी और आप अपना पसंदीदा करियर बना लेंगे.

जॉब, करियर, इंटरव्यू, एजुकेशनल कोर्सेज, कॉलेज और यूनिवर्सिटी, के बारे में लेटेस्ट अपडेट्स के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर नियमित तौर पर विजिट करते रहें.   

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