सोशल सेक्टर के ये जॉब प्रोफाइल्स देते हैं आपके करियर को खास पहचान

हमारे देश भारत में जब वर्तमान समय में पॉपुलेशन लगभग 1.37 बिलियन है तो ऐसी परिस्थिति में भारत के सोशल सेक्टर के लिए टैलेंटेड प्रोफेशनल्स की मांग कई सोशल सेक्टर फ़ील्ड्स में लगातार बढ़ रही है. भारत के यंगस्टर्स और क्वालिफाइड टैलेंटेड प्रोफेशनल्स के लिए सोशल सेक्टर की विभिन्न फ़ील्ड्स में कई करियर ऑप्शन्स उपलब्ध हैं. अपने समाज के कल्याण के लिए कार्य करने से हमें आत्म-संतोष और सुकून मिलता है. यहां तक कि भारत के बड़े ब्रांड्स और कॉर्पोरेट हाउसेज भी अपनी कंपनी या संगठन में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पोंसिबिलिटी (CSR) के तहत अपने बिजेनस प्रॉफिट का एक हिस्सा समाज कल्याण में लगाते हैं. इसलिए, ऐसे प्रोफेशनल्स जो अच्छी कमाई के अलावा, आजकल अपने लिए एक सार्थक करियर चुनना चाहते हैं, उनके लिए भारत के सोशल सेक्टर में कई करियर ऑप्शन्स और आशाजनक संभावनाएं उपलब्ध हैं जैसेकि:  

भारत में सोशल फील्ड से संबंधित कुछ प्रमुख जॉब प्रोफाइल्स

ये प्रोफेशनल्स हमारे समाज के विभिन्न इश्यूज़ और सोशल प्रॉब्लम्स से निपटने के लिए सामाजिक सन्दर्भों में लगातार रिसर्च करते रहते हैं और इंटेंसिव रिसर्च के आधार पर ही अपने निष्कर्ष सोशियोलॉजिस्ट और सोशल स्कॉलर्स के सामने पेश करते हैं.

विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय और सलाह देना इन प्रोफेशनल्स का काम होता है. विभिन्न सोशल इश्यूज़ को सुलझाने के लिए जरूरत पड़ने पर ये पेशेवर अपनी टेक्निकल ओपिनियन भी पेश करते हैं.

समाज के पिछड़े वर्गों, असहाय और बेरोजगार लोगों, अनाथ बच्चों और बेसहारा महिलाओं को उनकी रूचि और काबिलियत के मुताबिक स्किल्स सिखाने के लिए ये प्रोफेशनल्स विभिन्न एनजीओज़ और सरकारी संगठनों को अपनी सलाह देते हैं.

ये प्रोफेशनल्स प्राइमरी लेवल पर लोगों के बीच जा कर उनकी पारिवारिक, धन संबंधी, हेल्थ और सैनिटेशन आदि प्रॉब्लम्स को सॉल्व करते हैं.

ये प्रोफेशनल्स अपराधियों और अवसाद से पीड़ित लोगों के बिहेवियर को समाज के मुताबिक बदलने के लिए कोशिश करते रहते हैं. ये पेशेवर अपराधियों और मनोरोगियों के बीच में रहकर उनके व्यवहार में सुधार लाने के लिए निरंतर अपने प्रयास जारी रखते हैं.

जी हां! सही सोचा आपने.....अगर आप अपने बात करने के तरीके के डोनेशन और इनवेस्टमेंट को सोशल कॉज के लिए रेज़ कर सकते हैं तो या प्रोफेशन आपके लिए ही है.

समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए कुछ नया शुरू करना इन सोशल मिशन एंटरप्रिन्योर्स का प्रमुख काम होता है.

समाज के कल्याण के लिए विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में ये पेशेवर विभिन्न सोशल प्रोजेक्ट्स और सोशल मिशनों को तैयार करने और पूरा करने के लिए काम करते हैं. आजकल बड़े लेवल के एनजीओज़ भी अपने बड़े सोशल प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए इन पेशेवरों की सेवायें लेते हैं

ये प्रोफेशनल्स प्रमुख रूप से विभिन्न सरकारी विभागों के लिए पॉलिसीज़ और प्लानिंग करते हैं. हमारे देश में मिनिस्ट्री ऑफ़ सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट, भारत सरकार का प्रमुख कार्य राष्ट्रीय स्तर पर समाज के सभी वर्गों और विशेष रूप से पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए पॉलिसीज़ और सोशल प्लानिंग करना है.

ये प्रोफेशनल्स सामाजिक स्तर पर हेल्थ इश्यूज़ का समुचित समाधान पेश करते हैं. देश और समाज को बीमारियों और महामारियों की चपेट से बचाना इनका सबसे पहला काम होता है.

समाज के कल्याण के लिए साफ़ और पीने लायक पानी तथा सैनिटेशन की व्यवस्था करना इन प्रोफेशनल्स का मुख्य जिम्मा होता है.

समाज के पिछड़े इलाकों में गरीबों और बच्चों को कुपोषण से बचाने में ये लोग अपना योगदान देते हैं ताकि कुपोषण से पैदा होने वाली बीमारियों से लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके.  

देश – दुनिया में ये प्रोफेशनल्स बड़े ब्रांड्स, कॉर्पोरेट हाउसेज़ और एमएनसीज़ की तरफ से सोशल रिस्पोंसिबिलिटी को पूरा करने के लिए विभिन्न सोशल प्रोजेक्ट्स चलाते हैं. भूकंप और बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के लिए अस्थाई आश्रय स्थल, भोजन और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं जुटाने में ये लोग केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और एनजीओज़ के साथ मिलकर काम करते हैं.

ये प्रोफेशनल्स समाज के विभिन्न वर्गों, सरकारी विभागों और एनजीओज़ के बीच कन्ड्यूसिव कम्युनिकेशन डेवलप करने के लिए अपना योगदान देते हैं.

ये प्रोफेशनल्स विभिन्न सरकारी सोशल प्रोजेक्ट्स को संचालित करने के लिए अपना कीमती योगदान देते हैं.

भारत में सोशल सेक्टर से जुड़े हैं ये प्रमुख वर्क एरियाज़

भारत में कार्यरत प्रमुख सोशल सेक्टर चैरिटेबल इंस्टीट्यूशंस

भारत में सोशल सेक्टर की फील्ड में मिलने वाला सैलरी पैकेज

हमारे देश सहित दुनिया-भर में सोशल सेक्टर से जुड़े लोग हायर सैलरी पैकेज पाने के लिए ही काम नहीं करते हैं बल्कि उन्हें अपने काम से आत्म-संतोष मिलता है. सोशल सेक्टर की फील्ड में आमतौर पर लोगों को केवल गुजारा-भत्ता ही दिया जाता है जैसेकि, इस फील्ड में किसी फ्रेशर को केवल 4 हजार - 5 हजार रुपये मासिक मिलते हैं. टीचिंग की फील्ड में 7 हजार - 8 हजार रुपये मासिक और किसी सरकारी प्रोजेक्ट से जुड़े सोशल अधिकारी को केवल 8 – 10 हजार रुपये तक मासिक मिलते हैं. लेकिन एक अनुभवी और काबिल कॉर्पोरेट सोशल रिस्पोंसिबिलिटी मैनेजर को एवरेज 8 लाख – 18 लाख तक का सालाना सैलरी पैकेज मिल सकता है. सोशल सेक्टर से संबंधित किसी असिस्टेंट मैनेजर को आमतौर पर 2.5 लाख – 4 लाख रुपये का सालाना सैलरी पैकेज मिलता है. दरअसल, सोशल सेक्टर में मिलने वाला सैलरी पैकेज संबंधित कंपनी या संगठन के कारोबार और फाइनेंशियल स्टेटस पर भी काफी हद तक निर्भर करता है. इसी तरह, सरकारी और गैर सरकारी संगठनों में इन पेशेवरों को अलग-अलग सैलरी मिलती है.

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