भारत में ग्रीन सेक्टर में उपलब्ध हैं ये खास करियर ऑप्शन्स

आजकल हमारा अर्थ प्लेनेट गंभीर एनवायरनमेंटल चुनौतियों से जूझ रहा है और दुनिया-भर के देश अब क्लाइमेट चेंज के साथ-साथ अपने एनवायरनमेंट को सुरक्षित रखने के लिए चिंतित और प्रयासरत हैं. हाल ही में अमरीका के न्यू यॉर्क शहर में यूनाइटेड नेशन्स क्लाइमेट एक्शन समिट में हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, भारत के स्ट्रोंगर क्लाइमेट एक्शन प्लान के एक हिस्से के तौर पर रिन्यूएबल एनर्जी की फील्ड में भारत द्वारा वर्ष 2022 तक 175 गीगा वाट्स का टारगेट हासिल करने की पूरजोर कोशिश की जायेगी. कुछ वर्षों के भीतर ही इस फील्ड में भारत ने कुल 450 गीगा वाट्स का टारगेट हासिल करने निश्चय किया है. प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हमने इंटरनेशनल सोलर अलायन्स भी गठित किया है. हमारे प्रधानमंत्री ने ग्लोबल बिहेवियरल चेंज की आवश्यकता पर भी बल दिया है. उनके मुताबिक, ग्लोबल वार्मिंग में भारत का पर-कैपिटा योगदान काफी कम है लेकिन फिर भी भारत इस दिशा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.

इसी तरह, मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए ग्रेटर नॉएडा, उत्तर प्रदेश में कुछ दिन पूर्व संपन्न हुए कॉप 14 यूनाइटेड नेशन्स कन्वेंशन को संबोधित करते हुए हमारे प्रधानमंत्री ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब देश के 99 फीसदी हिस्से को कवर किया जा रहा है और करोड़ों भारतीय इस मिशन से जुड़े हैं. जहां तक, मरुस्थलीकरण को रोकने की दिशा में भारत में किये जा रहे प्रयासों का मामला है तो वर्ष 2030 तक भारत में 26 मिलियन हेक्टेयर लैंड को फर्टाइल लैंड में बदल दिया जायेगा. सिंगल यूस प्लास्टिक के इस्तेमाल पर इस गांधी जयंती अर्थात 2 अक्टूबर से रोक लगाने का महत्वपूर्ण मिशन भी शुरू किया जायेगा. हमारे प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि ह्यूमन एम्पॉवरमेंट का सीधा संबंध देश-दुनिया में एनवायरनमेंट की स्थित से है. भारत इस फील्ड में दुनिया के अन्य देशों के साथ जरूरी सहयोग करेगा.

इन दोनों हाल ही के सम्मेलनों को ध्यान में रखते हुए इस बात से बिलकुल इंकार नहीं किया जा सकता है कि अब भारत सहित दुनिया के सभी देश एनवायरनमेंट अर्थात ग्रीन सेक्टर से संबंधित कार्यों में काफी दिलचस्पी ले रहे हैं और इस वजह से आजकल एनवायरनमेंट की फील्ड में यंगस्टर्स और पेशेवरों के लिए सुरक्षित करियर शुरू करने के कई अवसर रोज़ाना उपलब्ध हो रहे हैं जैसेकि, एक अनुमान के मुताबक पिछले 10 वर्षों से भारत में हर साल 8 हजार से 10 हजार ग्रीन सेक्टर जॉब्स के लिए भर्ती हो रही है. वर्ष 2025 तक ग्रीन बिल्डिंग्स तैयार करने के लिए 1 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत पड़ेगी और रिन्यूएबल एनर्जी की फील्ड में वर्ष 2020 तक 1.4 करोड़ पेशेवर रोज़गार से जुड़े होंगे.   

भारत में ग्रीन सेक्टर से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण करियर ऑप्शन्स

  • एग्रीकल्चर एक्सपर्ट – ये पेशेवर हमारे देश में फसलों के उत्पादन और एग्रीकल्चर से संबंधित सभी कार्य जैसेकि, मिट्टी का संरक्षण, सिंचाई व्यवस्था और पशुपालन आदि संभालते हैं.
  • एनवायरनमेंट एक्सपर्ट – देश-दुनिया में ये पेशेवर नेचुरल एनवायरनमेंट को कायम रखने के लिए इको-फ्रेंडली टेक्नोलॉजीज़ अपनाने के साथ पोल्यूशन कंट्रोल के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.
  • एनर्जी इंजीनियर – आजकल पूरी दुनिया सहित भारत भी रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा दे रहा है और ये पेशेवर इस फील्ड में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.
  • रिस्क मैनेजमेंट एक्सपर्ट – ये पेशेवर प्रमुख रूप से विभिन्न कंपनियों, उद्योगों और दफ्तरों में रोज़ाना होने वाले काम-काज और प्रोडक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन आदि से जुड़े रिस्क या खतरों से कंपनी और कर्मचारियों की रक्षा करते हैं.
  • कंजरवेशनिस्ट – ये पेशेवर मुख्य रूप से वाटर कंजर्वेशन का कार्य करते हैं और एनवायरनमेंट को सुरक्षित रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.
  • प्रोडक्शन हेड/ मैनेजर – इन पेशेवरों का प्रमुख काम विभिन्न उद्योगों में होने वाले प्रोडक्शन को एनवायरनमेंट के अनुकूल अर्थात इको-फ्रेंडली बनाना है.
  • ग्रीन आर्किटेक्ट – इन पेशेवरों का प्रमुख कार्य ग्रीन स्टैंडर्ड्स के मुताबिक सभी बिल्डिंग्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करवाना होता है.

भारत में ग्रीन सेक्टर से संबंधित ये हैं कुछ अन्य खास जॉब प्रोफाइल्स/ करियर ऑप्शन्स:

यहां कुछ अन्य महत्वपूर्ण करियर ऑप्शन्स या जॉब प्रोफाइल्स की भी चर्चा की जा रही है जो भारत के एनवायरनमेंट को हेल्दी रखने में अपना काफी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं जैसेकि:

• रिसर्चर 
• फ़ॉरेस्ट एंड वाइल्डलाइफ मैनेजर
• लैब टेक्नीशियन 
• नेचर कंजरवेशन ऑफिसर
• रीसाइक्लिंग ऑफिसर
• वेस्ट मैनेजमेंट ऑफिसर
• प्लांट ऑपरेटर
• हाइड्रोलॉजिस्ट

भारत में ग्रीन सेक्टर या एनवायरनमेंट की फील्ड से संबंधित प्रमुख एजुकेशनल कोर्सेज:

हमारे देश में स्टूडेंट्स ने ग्रीन सेक्टर या एनवायरनमेंट की फील्ड से संबंधित कोई एजुकेशनल कोर्स करने के लिए किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से अपनी 12वीं क्लास साइंस स्ट्रीम में पास की हो.

  • बीएससी/ बीई/ बीटेक – एनवायरनमेंटल साइंस -  स्टूडेंट्स ने किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से अपनी 12वीं क्लास साइंस स्ट्रीम में पास की हो. इन कोर्सेज की अवधि 3 वर्ष है. इसी तरह, इस फील्ड में सर्टिफिकेट कोर्सेज की अवधि 6 महीने से 1 वर्ष तक हो सकती है.
  • एमएससी/ एमई/ एमटेक एनवायरनमेंटल साइंस – स्टूडेंट्स ने किसी मान्यताप्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से साइंस स्ट्रीम में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की हो. इन कोर्सेज की अवधि 2 वर्ष है.
  • एमफिल एनवायरनमेंटल साइंस स्टूडेंट्स के पास किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी या कॉलेज से साइंस की स्ट्रीम में पोस्टग्रेजुएशन की डिग्री हो. इस कोर्स की अवधि 2 वर्ष है.
  • पीएचडी एनवायरनमेंटल साइंस स्टूडेंट्स के पास एमफिल की डिग्री हो और इस कोर्स की अवधि 3 – 5 वर्ष है.

भारत में ग्रीन सेक्टर या एनवायरनमेंट की फील्ड से संबंधित कुछ MBA स्पेशलाइजेशन कोर्सेज:

नीचे पेश हैं ऐसे कुछ खास MBA कोर्सेज जिन्हें पूरा करने के बाद कैंडिडेट्स ग्रीन सेक्टर की फील्ड में हायर लेवल पर अपना करियर शुरू कर सकते हैं:

• MBA – एनर्जी मैनेजमेंट 
• MBA – ऑयल एंड गैस मैनेजमेंट 
• MBA – फ़ॉरेस्ट रिसोर्स मैनेजमेंट 
• MBA – डेरी मैनेजमेंट 
• MBA – एग्रीकल्चर बिजनेस मैनेजमेंट 
• MBA – कॉर्पोरेट सोशल रिस्पोंसिब्लिटी 

भारत में ग्रीन सेक्टर या एनवायरनमेंट की फील्ड से संबंधित कोर्सेज करवाने वाले टॉप इंस्टीट्यूट्स

हमारे देश में निम्नलिखित एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स से आप ग्रीन सेक्टर या एनवायरनमेंट की फील्ड से संबंधित एजुकेशनल कोर्सेज/ MBA कोर्सेज कर सकते हैं:

• दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली 
• इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली 
• जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली 
• टेरी स्कूल ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीज़, नई दिल्ली 
• इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली  
• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंसेज, बैंगलोर
• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, मुंबई/ खड़गपुर
• वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया, उत्तरांचल
• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, लखनऊ/ मुंबई/ खड़गपुर/ दिल्ली/ रुड़की/ कलकत्ता/ बैंगलोर  

भारत में ग्रीन सेक्टर या एनवायरनमेंट की फील्ड में पेशेवरों को मिलती है ये सैलरी

भारत में इस फील्ड में काम करने वाले पेशेवरों के सैलरी पैकेज पर उनकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन्स, वर्क एक्सपीरियंस और वर्किंग लोकेशन का असर पड़ता है. किसी फ्रेशर को अपने करियर की शुरुआत में इस फील्ड में एवरेज 3-4 लाख रुपये सालाना मिलते हैं और कुछ वर्षों के अनुभव के बाद ये पेशेवर एवरेज 6-8 लाख रुपये सालाना तक कमा सकते हैं. इसी तरह, हमारे देश में ग्रीन सेक्टर से संबंधित MBA प्रोफेशनल्स को शुरू में ही किसी बड़े कॉर्पोरेट हाउस या MNC में एवरेज 8-10 लाख सालाना का सैलरी पैकेज मिल जाता है. यहां बड़ी नेशनल और इंटरनेशनल कंपनियों के साथ ही विभिन्न इंस्टीट्यूशन्स में इन पेशेवरों को अपने टैलेंट और एजुकेशनल स्किल्स के मुताबिक बेहतरीन सैलरी पैकेज मिलता है.

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