आकर्षक एंटरप्रेन्योरियल पर्सनालिटी विकसित करने के सरल टिप्स

अगर आप अपने जीवन में एक सफल एंटरप्रेन्योर बनना चाहते हैं तो आपकी सोच तथा आपके काम करने का तरीका भी आम आदमी से थोड़ा अलग होना चाहिए. बिजनेस आपके जुनून में होना चाहिए.

एंटरप्रेन्योर शब्द फ्रेंच और अंग्रेजी के क्रमशः दो शब्दों एंट्रेपेंड्रे तथा एंटरप्राइज से मिलकर बना है जिसका अर्थ होता है किसी भी प्रकार के बिजनेस को करने की क्षमता. एक सफल बिजनेस मैन या एंटरप्रेन्योर बनने के लिए कुछ जरुरी गुणों के साथ साथ एक आकर्षक पर्सनालिटी का धनी होना भी जरुरी है.आइये यह जानने की कोशिश करते हैं कि एक आकर्षक और सफल पर्सनालिटी वाले एंटरप्रेन्योर बनने के लिए व्यक्ति में किन किन गुणों का होना बहुत जरूरी है ?

1. बड़े सपने देखने का साहस

यह बात बिलकुल सही है कि सिर्फ सपने देखने से काम नहीं चलता है, उन सपनों को साकार करने के लिए दिन रात एक करना होता है कड़ी मेहनत करनी होती है लेकिन यह भी सच है कि अगर सपने ही नहीं देखें तो फिर उसे साकार करने के विषय में सोचेंगे कैसे ? इसलिए बड़ा आदमी बनने के लिए बड़े सपने देखने का साहस भी होना चाहिए. अगर कोई एक सफल एंटरप्रेन्योर बनने का सपना देखता है तो स्वाभाविक है कि वह अपने सपनों को पूरा करने कि दिशा में अवश्य ही प्रयास करेगा. प्रयास की इस स्थिति में उसका व्यक्तित्व दिन ब दिन खुद निखरता चला जायेगा.

2. खुद का मूल्यांकन करना 

जीवन के किसी भी फील्ड में मनोवांछित रिजल्ट प्राप्त करने के लिए अपना मूल्यांकन करना बहुत जरुरी होता है. अपने गुणों, कमजोरियों, समाज में मिलने वाले अवसरों तथा कार्य करते समय मार्ग में आने वाले अवरोधों के विषय में जानकर उनका सही मूल्यांकन करते हुए एक सही निर्णय लेना बहुत जरुरी होता है.इसके साथ ही व्यक्ति को यह भी जानने का प्रयत्न करना चाहिए कि आखिर वह जीवन में करना क्या चाहता है ? जब उसे यह वास्तविक रूप में पता चल जाता है कि उसका मन यही करना चाहता है तो उस दिशा में वह एक पॉजिटिव एनर्जी के साथ काम करता है और 99 प्रतिशत मामलों में सफलता भी प्राप्त करता है. अपने उद्देश्य को प्राप्त करने की दिशा में वह जो प्रयास करता है उस प्रयास के वनिस्पत उसके व्यक्तित्व में निखार आता है और उसकी पर्सनालिटी स्वाभाविक रूप से आकर्षक बन जाती है. ऐसी स्थिति में व्यक्ति दूसरों द्वारा बताये गए रास्तों की जगह खुद का एक नया रास्ता तैयार कर उसपर चलते हुए सफलता प्राप्त करता है.

3. अन्तर्विवेक के अनुरूप कार्य करना

किसी भी समाज में उस व्यक्ति को ज्यादा महत्व दिया जाता है जो अपनी दूरदर्शिता का प्रयोग कर अन्तर्विवेक के आधार पर काम करता है.ऐसे लोग जीवन में सफल तो होते ही हैं वे एक आकर्षक व्यक्तित्व के धनी भी होते हैं. लोग उनका अनुगमन अनायास ही करते हैं. इसके लिए उनको विशेष मेहनत करने की जरुरत नहीं पड़ती है.अतः एक एंटरप्रेन्योर को अन्तर्विवेक के आधार पर बहुत अधिक मंथन और चिंतन करने वाला व्यक्ति विशेष होना चाहिए तभी वह अपने बिजनेस के साथ साथ व्यक्तिगत जीवन के हर मोर्चे पर सफल हो सकता है.

4. असाधारण परिस्थितियों से निबटने का साहस

बिजनेस एक ऐसा फील्ड है जिसमें कुछ भी निश्चित नहीं होता. कभी भी कुछ भी हो सकता है.हो सकता है कभी करोड़ों का मुनाफा हो जाय या फिर आप रातो रात कंगाल हो जाय. इन सभी परिस्थितियों से धैर्य पूर्वक निबटने की कला एक एंटरप्रेन्योर में अवश्य होनी चाहिए. अगर उसमें ऐसा गुण होगा तो वह स्वाभाविक रूप से सहज और सयंत प्रकृति का होगा जिससे उसकी पर्सनालिटी खुद ब खुद आकर्षित दिखेगी.

5. आत्म नियंत्रित

आत्म नियन्त्रण एक ऐसा यंत्र है जिसकी जरुरत जीवन के हरेक मोड़ पर पड़ती है. एक आत्म नियंत्रित व्यक्ति ही बहुत लोगों की टीम को अपने नियन्त्रण में रखकर उससे अपने मनोनुकूल कार्य करवा सकता है.आत्म नियंत्रित व्यक्ति अपरिहार्य से अपरिहार्य परिस्थिति में अपनी लिमिट को क्रॉस नहीं करता है तथा अनुशासन बनाये रखता है.साथ ही एक आत्मनियंत्रित व्यक्ति को लोग स्वाभाविक रूप से फ़ॉलो करते हैं तथा उसके कथनों के अनुरूप चलने को विवश होते हैं.  वह यह जानते हुए भी कि कुछ चीजें नियति द्वारा निर्धारित होती हैं, अपने कर्मपथ पर निरंतर प्रगतिशील रहता है. 

6.काम के प्रति लगन तथा निरन्तरता की प्रवृति                                      

किसी काम के विषय में सोचकर लगन पूर्वक निरंतर उस कार्य को करने का गुण एक एंटरप्रेन्योर में अवश्य होनी चाहिए.उसे अपने काम को तब तक करते रहना चाहिए जब तक कि उसे वांछित रिजल्ट न मिल जाये. इससे उसमें दृढ आत्मविश्वास की प्रवृति का विकास होता है और किसी भी बिजनेस में सफलता के लिए आत्मविश्वास का होना बहुत जरुरी है.आत्म विश्वास, सही निर्णय तथा उचित कदम से कोई भी एंटरप्रेन्योर मार्केट में अपनी एक विश्वसनीय छवि बनाने में सक्षम होता है. 

7. मानवीय गुणों से भरपूर

विनम्रता, कृतज्ञता, परोपकार, करुणा आदि ऐसे मानवीय गुण हैं जो किसी व्यक्ति को महान बनाते हैं. विश्व में जीतने भी धर्मगुरु तथा महान पुरुष हुए उन सब में आप इन गुणों को स्वाभाविक रूप से पाएंगे. इन सभी गुणों से व्यक्ति का व्यक्तित्व स्वतः ही प्रभावशाली बन जाता है. ऐसे गुणों से सम्पन्न व्यक्ति हर काम दिल से मन लगाकर करता है और आप सभी को पता है कि दिल से और जुनून पूर्वक किया गया काम हमेशा सकारात्मक परिणाम देता है. अतः एक एंटरप्रेन्योर को अपनी पर्सनालिटी को आकर्षक बनाने के लिए अपने अन्दर विनम्रता, कृतज्ञता, परोपकार, करुणा आदि गुणों को समाहित करने का यथासंभव कोशिश करनी चाहिए.

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