SSC preparation Tips: कला पृष्ठभूमि के छात्र क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड की तैयारी कैसे करे

यदि आप एसएससी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो आपका उस दुनिया में स्वागत हैं, जहां आप स्कूल स्तर में छोड़ने वाले सभी गणितीय अध्यायों को फिर से पढना/ दोहराना होता है। इसका मतलब यह है कि जिन विद्यार्थियों ने केवल गणित की जटिलता से बचने के लिए ग्रेजुएशन में आर्ट्स को लिया है, उन्हें एसएससी परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए फिर से इस क्षेत्र का सामना करना होगा। एसएससी सीजीएल टियर- II परीक्षा में विशेष रूप से कठिन और समय लेने वाली गणित अनुभाग को देखते हुए यह आर्ट्स के विद्यार्थियों बहुत कठिन है। हालांकि, इस नौकरी को पाने के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक है और यही कारण है कि आपको इस अनुभाग में उच्च अंक स्कोर करने के लिए गणित अनुभाग को विशेषत: तैयार करना होगा।

एसएससी क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड: इसमें कुशल कैसे बने?

भले ही आप आर्ट्स की पृष्ठभूमि से संबंधित हो, लेकिन आपमें एक अच्छी विश्लेषण करने की क्षमता के साथ-साथ प्रश्नों को कम समय में हल करने की क्षमता भी होगी। कला के छात्रों में डेटा को लम्बे समय तक याद रखने की क्षमता भी बहुत अच्छी होती है। इस संबंध में, यहां सुझाव दिए गए हैं जो आपको कला स्नातक होने के बावजूद गणित अनुभाग में अच्छे अंक स्कोर करने में आपकी मदद करेंगे।

१.      सबसे पहले पाठ्यक्रम/सिलेबस को पूरा करे: पहली महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको कम से कम एक बार पूरे पाठ्यक्रम को ध्यान से पढना व ख़तम करना चाहिए| यह आपको उन अध्यायों के बारे में एक विचार देगा जिसमें आप बहुत अच्छे हैं और जिनमे से मुश्किल से मुश्किल सवालों को आप हल कर सकते हैं। यह स्टेज SWOT विश्लेषण के लिए ही है यह आवश्यक है क्योंकि आप लंबे समय के बाद गणित के साथ रूबरू हो रहे हैं।

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२.      उन अध्यायों की पहचान करें जिनमें आप अच्छे हैं: पूरे पाठ्यक्रम को अंकगणित, बीजगणित, त्रिकोणमिति, ज्यामिति और मेन्सूरेशन में विभाजित किया जा सकता है। एसएससी का फोकस ज्यामिति और मेन्सूरेशन पर रहा है, हालांकि अन्य वर्गों के प्रश्न भी शामिल होते हैं। इस संबंध में, आपको ज्यामिति के सभी प्रमेय और उसके बाद मेन्सूरेशन को भी मज़बूत करना होगा। प्रश्नों की विश्लेषण प्रकृति के कारण यह आपके लिए आसान होगा। अधिकांश प्रश्नों को हल करने के मामलों में, आपको पहले आरेख/चित्र बनाना होगा तभी आप आगे बढ़ सकते हैं। इससे आपके लिए समस्या आसान हो जाएंगी| अत: इन दो क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दें, क्योंकि आपको इन दोनों क्षेत्रों से बहुत सारे प्रश्न मिलेगे।

३.      पिछले साल के पेपर्स को हल करें: एसएससी एक ऐसा संगठन है जो पिछले वर्षों के सवालों को दोहराने में प्रसिद्ध है। इस संबंध में, आपके लिए सभी अध्यायों के पिछले वर्ष के प्रश्नों को हल या दोहराना आवश्यक हो जाता है। यह आपकी दो तरीकों से मदद करता है: आपको प्रश्न के पैटर्न और स्तर के बारे में एक विचार मिलता है और दूसरी ओर, आप निश्चित रूप से इन प्रश्न-पत्रों से सवाल प्राप्त करने जा रहे हैं।

४.      यदि आप तर्क करना नहीं जानते, तो सिद्धांत और सूत्र को समझे: ध्यान रखें कि एसएससी हमेशा सिद्धांतो के अनुप्रयोग और उनसे सम्बंधित जटिलता के प्रश्नों को नहीं पूछता| कभी कभी आपको जवाब पाने के लिए फार्मूलों को सीधे ही अप्लाई करना होता है। यह सूत्रों के संपूर्ण अनुप्रयोगों का पता करने के लिए होता है, भले ही आपको प्रश्न में तर्क नहीं मिल रहा हो। जैसे कि आप आर्ट बैकग्राउंड से हैं, तो आपको अध्ययन और नियमित पुनरावृति करना जरूरी है।

५.      जितना संभव हो अभ्यास करें: एसएससी परीक्षा में उच्च अंक अर्जित करने के इच्छुक उम्मीदवारो के लिए यह अतिआवश्यक है। लेकिन एक आर्ट्स छात्र के रूप में आप एक अलग पृष्ठभूमि से संबंधित है, आपको इस अनुभाग में अधिक समय समर्पित करना होगा। पहले कॉन्सेप्ट्स को समाप्त करें और उसके बाद उस विशेष अध्याय पर आधारित समस्याओं के लिए जाएं। एक बार जब आप विषयवार अभ्यास पूरा कर लेंगे, तो बाजार में उपलब्ध विवरणआत्मक स्टडी नोट्स के लिए जाएं।

६.      अंकगणित प्रश्नों को कम समय दे: यह खंड आपके लिए बहुत मुश्किल नहीं है क्योंकि ज्यादातर अवधारणाएं दैनिक जीवन में व्यावहारिक रूप से लागू होती हैं। आप आसानी से उससे संबंधित प्रश्नों को कर सकते हैं इसमें लाभ और हानि, समय और दूरी, समय और काम, पाइप और टाउन, औसत, अवरोध और मिश्रण आदि क्षेत्रों से सम्बंधित समस्यायें पूछी जाती है|

७.      हमेशा शॉर्टकट पर निर्भर न रहें: परीक्षा में, आप अनुभव कर सकते हैं कि समय कम है और आपको बहुत प्रश्नों को हल करना है। लेकिन एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि आप बहुत सारे सिद्धांतों से पहले ही भरे हुए हैं और यदि आप प्रत्येक प्रश्न के लिए शॉर्टकट ट्रिक्स याद रखना चाहते हैं, तो आप इसे आसान नहीं खोज पाएंगे। इसके बजाए, आपके दिमाग में जितना संभव हो उतनी गणना करने की आदत डालें। यह बहुत समय बचाएगा| अगर आपको बहुत अधिक तनाव के बिना शॉर्टकट्स का उपयोग करने के लिए पर्याप्त विश्वास है, तो निश्चित रूप से इसके लिए जाएं|

८.      चयनित पुस्तकों के लिए जाएं: सबसे पहले सर्वेश शर्मा द्वारा क्वांटम कैट जोकि गणित की बाइबल की तरह है, को नियमित पढ़े| इसके साथ, यदि आपने कभी एसएससी सीजीएल २०१६ टीयर II के गणित के पेपर को पढ़ा हो, तो आपको सवालों के वास्तविक स्तर का एक बेसिक अनुमान मिल जाएगा। इस पुस्तक में बताये गए हर सिद्धांत और समस्या को पढ़े व बार-बार दोहराए| निश्चित रूप से आप इस विषय में अच्छी पकड़ बना लेंगे। अधिक अभ्यास के लिए पिछले साल के पेपर्स को किरण पब्लिकेशन की बुक को पढ़े। सिलेक्शन के लिए, गणित अनुभाग में अच्छा कौशल विकसित करने की बाध्यता हैं।

९.      शॉर्टकट को शुरुआत से ही प्राथमिकता न दे: कुछ ऑनलाइन वेबसाइटें और ब्लॉग हैं जो आपको थोड़ी थोड़ी जानकारी दे-दे कर आपमें अधिक तर्क वाले प्रश्नों को हल करने की जिज्ञासा को बढ़ाते है। यह आपके लिए हानिकारक है क्योंकि एसएससी अधिकांश प्रश्नों में आपकी समझ का परीक्षण करता है। आपसे न केवल कांसेप्ट सीखने की उम्मीद है बल्कि उनके अनुप्रयोगों की तकनीक भी आवश्यक है| इस संबंध में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको एक उचित स्टैण्डर्ड पुस्तक से शुरू करना चाहिए और पहले इसे पूरा करना चाहिए।

१०.  त्रिकोणमिति, ज्यामिति और मेन्सूरेशन कला छात्रों के लिए एक चुनौती: इसका कारण यह है कि इन क्षेत्रों में आपको प्रश्नों को हल करने के आरेखो को बनाने और सूत्रों को लागू करने की आवश्यकता होती है। बिना किसी समस्या के इसको सिखने में, आपको इस विषय का तर्कसंगत मूलभूत जानकारी का होना अतिआवश्यक है। इसके लिए, सर्वेश शर्मा की बुक के अध्यायों को पूरा करें और फिर दोहराए। ध्यान रखें कि ज्यामिति में,  वृत्त सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसलिए, इसे संबंधित सभी प्रमेयों और सूत्रों को याद रखें। मेन्सूरेशन के मामले में, आपका ध्यान तीन आयामी और दो आयामी आधारित प्रश्नों पर होना चाहिए। अत: सूत्रों की सूचि बनाइये और इस खंड पर अच्छी पकड़ रखने के लिए समय-समय पर इसका उपयोग करें। अंत में, त्रिकोणमिति में त्रिकोंमितीय अनुपातों की वैल्यूज और ऊंचाई व दूरी की समस्याओं के बारे में है मूल्य संबंधी प्रश्नों के लिए,  इसे बार-बार याद करें| sin(), cos() और tan() के मूल्यों की एक विस्तृत श्रृंखला को ध्यान में रखने के लिए आपको व्यापक अभ्यास करना होगा। इन वैल्यूज को याद करने से, एक बार जब आप चित्र को सही ढंग से आरेखित कर लेते है तो ऊँचाई और दूरी की समस्याओं का आधा हल हो जाता है यह समस्या को ठीक से समझने और इसके साथ ही सर्वेश शर्मा की किताबों में उदाहरणों को हल करने से जल्दी संभव हो जायेगा। इसके अलावा, नियमित आधार पर अभ्यास इन समस्याओं को डीकोड करने में बहुत उपयोगी होगा। एक बार जब आप ऊंचाई और दूरी के साथ सहज होते हैं, तो आप प्रश्न में उल्लेखित किसी भी स्थिति को दर्शा कर हल सकते हैं।

११.  अधिक अध्ययन से बचें: यह किसी पुस्तक को पढ़ने और दोहराने के बारे में नहीं है, बल्कि मुख्य रूप से कई पुस्तकों को लेना और किसी एक को भी पूरा करने में सक्षम नहीं होने के सम्बन्ध में है। तो अच्छा यह है कि सर्वेश शर्मा को पहले पढ़े| एक बार जब आप इस किताब को एक बार पढ़ या पहली बार दोहरा लेंगे, तो इसके बाद अगली बात एसएससी के पिछले साल के पेपर्स का अध्ययन करना है, जो कि किरण प्रकाशन की पुस्तक में अच्छे से दिया गया है| इसके बाद, यदि आपके पास अधिक समय है, तो आप अधिक अभ्यास के लिए किरण/ अन्य किसी स्टैण्डर्ड प्रकाशन की पुस्तक के लिए जा सकते हैं।

१२.  अंत में, आत्मविश्वासी बने: आप में से अधिकांश गणित से डरते हैं। इसीलिए; आप लोग अक्सर परीक्षा के हॉल में तनाव और नकारात्मकता का शिकार हो जाते हैं ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आप इस विषय के साथ सहज नहीं हैं। यह आत्मविश्वास महीनों के अभ्यास से बनता है|

गणित किसी भी एसएससी परीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण वर्ग इसके साथ जुड़े वेटेज के कारण है इसलिए, आपको इस विषय को बिल्कुल भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। गणित विषय में महारथ हासिल करने का सरल मंत्र- पढना, दोहराना और जितना संभव हो सके उतना अभ्यास करना है। परीक्षा से पहले विषय के बारे में सकारात्मक और आत्मविश्वासी सोच रखें।

शुभकामनाएं!

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