ये हैं साल 2019 के टॉप 5 करियर स्किल्स

जब रोजगार क्षमता की बात आती है तो आजकल के दफ्तरों और कार्यस्थलों में गतिशील परिवर्तन देखा जा सकता है. आजकल एम्पलॉयर्स और इंडस्ट्रीज़ ऐसे स्किल्स की तलाश में हैं जो किसी एम्पलॉई को निरंतर बदलते हुए कार्य परिवेश के साथ कदम मिलाकर चलने में सक्षम बना सकें. एम्पलॉईज़ के पास ऐसे विशेष स्किल्स होने चाहिए जो उन्हें इंडस्ट्री की बदलती हुई मांगों के अनुरूप खुद को ढालने में सहायक हों. चूंकि अब हम इस साल के समापन की ओर बढ़ रहे हैं, जागरण जोश आपके लिए साल 2019 में सबसे महत्वपूर्ण टॉप 5 करियर स्किल्स की जानकारी पेश कर रहा है:

  • आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग

अगर हम एम्पलॉयेबिल्टी की बात करें तो बीते वर्षों में, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (एआई) एंड मशीन लर्निंग की सबसे अधिक मांग रही है और ये स्किल्स साल 2019 के टॉप 5 करियर स्किल्स भी रहे हैं. रिक्रूटर्स ने और/ या मशीन लर्निंग स्किल्स वाले लोगों को नौकरी दी या नौकरी देने में दिलचस्पी दिखाई जिससे इस स्किल की मौजूदा जॉब सिनारियो में सबसे अधिक मांग रही है.

मशीन लर्निंग में डाटा साइंस को शामिल किया जाता है जिसके तहत कई किस्म के अन्य स्किल्स आते हैं जैसेकि – पाइथन, स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोबैबिलिटी, डाटा मॉडलिंग और वेलिडेशन टेक्निक्स में महारत, मशीन लर्निंग लाइब्रेरीज़ और अल्गोरिथ्म्स आदि को लागू करना आदि. HBR असेंड द्वारा किये गए एक  सर्वे से पता चला है कि ‘मिलेनियल्स’ भावी काम पर टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन का प्रभाव अच्छी तरह समझते हैं. फोर्ब्स जॉब्स द्वारा शेयर किये गये डाटा ने दिखाया है कि मशीन लर्निंग स्किल्स से संबंधित जॉब में एवरेज $114,000 का भुगतान किया जा रहा है.

सॉफ्ट स्किल्स जिनकी कॉर्पोरेट वर्ल्ड में लगातार बढ़ रही है मांग

आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस ने डिजिटल इंडस्ट्री में जबरदस्त बदलाव किया है और मनुष्यों के द्वारा डिजिटल इंटरफ़ेसेस के इस्तेमाल के तरीके में बदलाव कर दिया है. साल 2019 में यह एक ऐसा प्रमुख इंडस्ट्री स्किल रहा जिसे एम्पलॉयर्स ने वरीयता दी. ऐसा माना जा रहा है कि साल 2020 तक एआई लगभग 2.3 मिलियन जॉब्स मुहैया करवाएगा. साल 2019 में मशीन लर्निंग स्किल्स रखने वाले कैंडिडेट्स की एआई पोजीशन्स में काफी मांग रही और उनकी जबरदस्त करियर ग्रोथ हुई.

  • मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपमेंट

आजकल सभी कंपनियां मोबाइल-फर्स्ट प्लेटफॉर्म्स तैयार करने की लगातार कोशिश कर रही हैं. ऐसे में, साल 2019 में मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपमेंट टॉप 5 करियर स्किल्स में से एक रहा है जिसने रिक्रूटर्स का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. नई डिवाइसेस लॉन्च होने और नियमित तौर पर प्लेटफॉर्म्स अपडेटेड होने के साथ-साथ मोबाइल एप्लीकेशन्स में लगातार विकास देखा गया है. मोबाइल एप्लीकेशन्स डेवलपर्स टेक्नोलॉजिकल पर्सपेक्टिव से मार्केट ट्रेंड्स को फ़ॉलो करने के द्वारा एसोसिएट अपडेट हासिल करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं. स्टैटिस्टिक्स दर्शाते हैं कि क्रॉस-प्लेटफॉर्म एप डेवलपमेंट और मोबाइल यूआई डिजाइनिंग में स्किल्ड कैंडिडेट्स को साल 2019 में रिक्रूटर्स ने जॉब्स के लिए वरीयता दी जिससे अब यह आईटी सेक्टर में एक बहुत जरुरी स्किल बन गया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2018 में कुल 194 बिलियन एप्स डाउनलोड किये गए थे, जो साल 2017 के रिकॉर्ड फिगर 178 बिलियन से निश्चित तौर पर अधिक थे. इसी तरह,  देश में साल 2018 में कुल 337 स्मार्टफोन यूजर्स थे जिनकी संख्या साल 2019 के अंत तक 600 मिलियन से अधिक होने की संभावना है. इसलिए, बेशक यह सच है कि मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपमेंट इंडस्ट्री ने साल 2019 में जबरदस्त उछाल देखा है जिस वजह से इस स्किल में माहिर लोगों को रिक्रूटर्स ने काफी जॉब्स ऑफर की हैं.

 

  • डाटा एनालिसिस

आजकल उद्योगजगत में डिजिटल होते कारोबारों के साथ काफी बदलाव आ रहा है. इस वजह से बड़ी मात्रा में डाटा को हैंडल और एनालाइज करने की आवश्यकता है. PWC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “साल 2018 में भारत द्वारा किया गया यूएस डॉलर 87 बिलियन का बड़े पैमाने का आईटी खर्च प्राइवेट और पब्लिक ऑर्गनाइजेशन्स में होने वाली डिजिटल बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन की पहल से प्रेरित था. इसी तरह, भारत में मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने नई टेक्नोलॉजीज के इनोवेशन और विकास में अपनी इन्वेस्टमेंट बढ़ाई. PWC के इंडिया मैन्युफैक्चरिंग बैरोमीटर 2019 के मुताबिक, 58 फीसदी प्रतियोगी कंपनियों ने रिसर्च एंड डेवलपमेंट, इनोवेशन और प्रोसेसेस में टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन को बढ़ावा दिया.”  

मैथमेटिक्स और स्टैटिस्टिक्स विषय में माहिर कैंडिडेट्स यूज़ेबल चार्ट्स और इनसाइट्स, SQL और विजूअलाइज़ेशन में डाटा को कन्वर्ट करने की जानकारी के साथ-साथ डाटाबेस और क्वेरीज़ को हैंडल करने के काबिल होते हैं जिस कारण इन स्किल्स वाले पेशेवरों को एम्पलॉयर्स ने जॉब देते वक्त वरीयता दी. इसलिए, साल 2019 में डाटा एनालिसिस टॉप 5 करियर स्किल्स में से एक रहा है.

  • डिजिटल मार्केटिंग

आजकल की कंपनियां और कारोबार अपने प्रोडक्ट्स को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर एडवरटाइज़ और मार्केट करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स अपना रहे हैं. डिजिटल मार्केटिंग के इस्तेमाल के माध्यम से, ब्रांड्स और कैम्पेन्स ऐसा डिजिटल कंटेंट तैयार करने और प्रमोट करने की कोशिश करते हैं जोकि  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से एक्सपीरियंस और एंगेजमेंट पर अधिक फोकस्ड है. इंटरनेट अब हमारे दैनिक जीवन का के हिस्सा बन चुका है और आजकल कारोबार कंज्यूमर्स तक अपनी पहुंच बनाने के साथ-साथ यूजर्स के साथ भावनात्मक रूप से जुड़कर नए अनुभव प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं.

स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक, साल 2020 के अंत तक, डिजिटल मार्केटिंग प्रत्येक वर्ष 20 लाख से अधिक जॉब्स मुहैया करवाएगी. डिजिटल मार्केटिंग स्किल्स में माहिर पेशेवरों के करियर में तेज़ी देखी गई. डेंटसु एजिस नेटवर्क की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “भारत की एडवरटाइजिंग इंडस्ट्री का कारोबार लगभग 8,202 करोड़ रुपये है जो 2020 तक 18,986 करोड़ रुपये तक बढ़कर 32 फीसदी CAGR की वृद्धि दर्शायेगा. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि, इस समय डिजिटल मीडिया खर्च कुल एडवरटाइजिंग का तकरीबन 15 फीसदी है जो निश्चित रूप से साल 2020 तक कुल ऑनलाइन मार्केट का 24 फीसदी होगा.” इस वजह से डिजिटल मार्केटिंग स्ट्रेटेजीज़ के लिए मांग बढ़ गई और यह साल 2019 के टॉप 5 करियर स्किल्स में से एक स्किल रहा.   

  • सेल्स एंड कस्टमर स्किल्स

रिक्रूटर्स द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला एक प्रमुख करियर स्किल सेल्स को बढ़ाने और कस्टमर बेस तैयार करने की काबिलियत है. किसी खास प्रोडक्ट के लिए कस्टमर यूसेज पर ध्यान देने  वाले और उससे संबद्ध चुनौतियों से निपटने में सहायक सेल्स लीडर्स की लगातार बढ़ती हुई मांग के साथ, सेल्स और कस्टमर स्किल्स साल 2019 में टॉप करियर स्किल्स में शामिल है. B2B माइक्रो-इन्फ्लुएंसर्स और इंडस्ट्री-स्पेसिफिक ट्रस्टेड एडवाइजर्स के आगमन के साथ पिछले वर्षों में डिजिटल सेल्स में अपेक्षाकृत मांग बढ़ी है. रिक्रूटर्स डिजिटल सेल्स के मुताबिक कस्टमर स्किल्स में माहिर कैंडिडेट्स की तलाश कर रहे हैं. पिछले वर्षों के साथ इस साल भी भारत में ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म्स के साथ-साथ सेल्स और कस्टमर स्किल्स में जबरदस्त विकास देखा गया है.

स्टैटिसटिका के मुताबिक, “ वर्ष 2019 से 2023 तक कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट के साथ B2C ई-कॉमर्स डेवलपमेंट में भारत पहले से ही फर्स्ट रैंक पर है. पिछले कुछ वर्षों में, अमेज़न, फ्लिपकार्ट और मिन्त्रा जैसी B2B और B2C कंपनियों ने देश में ऑनलाइन शॉपिंग मार्केट में जबरदस्त बढ़ोतरी की है और सिर्फ वित्त वर्ष 2017 में ही इन B2B और B2C कंपनियों का कलेक्टिव ऑनलाइन मार्केटिंग कारोबार 1.45 बिलियन यूएस डॉलर से अधिक था.  ई-कॉमर्स इंडस्ट्री में इस जबरदस्त विकास ट्रेंड ने देश के माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज पर सीधा असर डाला और तकनीकी विकास के साथ देश के छोटे और मझोले कारोबारों को नए मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स उपलब्ध करवाए.”

करियर में कामयाबी के लिए ग्रेजुएट्स जरुर सीखें ये स्किल्स

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