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एथिकल हैकिंग : टॉप कोर्सेज और सर्टिफिकेशन्स

जब आप ‘हैकर’ शब्द सुनते हैं तो सबसे पहले आपके मन में क्या आता है? आइडेंटिफाई थेफ़्ट? साइबर क्राइम? इसमें हैरान होने की बात नहीं है कि अधिकतर लोग हैकिंग से जुड़े ऐसे नेगेटिव विचार रखते हैं क्योंकि आजकल ऐसे अपराध लगातार तेज़ी से बढ़ते ही जा रहे हैं. लेकिन हैकिंग हमेशा नेगेटिव नहीं होती है. जहां एक तरफ ऐसे कई हैकर्स हैं जो इंटरनेट का इस्तेमाल करके महत्वपूर्ण सूचना और जानकारी चुराते हैं वहीं दूसरी तरफ बोर्ड वारियर्स (एथिकल हैकर्स) की एक ऐसी आर्मी भी मौजूद है जो आपको साइबर क्राइम्स से बचाने के लिए दिन-रात काम में जुटी रहती है. ऐसे ही लोगों को ‘एथिकल हैकर्स’ कहा जाता है.

आइये एथिकल हैकिंग में करियर के महत्वपूर्ण पहलुओं की चर्चा करें और समझें कि इस तेज़ी से टेक-डिपेंडेंट होने वाले वर्ल्ड में आप अन्य लोगों को सुरक्षित रखने के लिए कैसे खुद एक एथिकल हैकर बन सकते हैं?

एथिकल हैकिंग क्या है?

आमतौर पर, हैकिंग शब्द का अर्थ हैं – ‘किसी कंप्यूटर सिस्टम में डाटा तक अवैध या अनऑथोराइज्ड तरीके से एक्सेस करने की एक्टिविटी’. जब यह एक्टिविटी उस व्यक्ति की अनुमति और जानकारी से की जाती है, जिस व्यक्ति के डाटा को एक्सेस किया जा रहा है और वह भी लीगल फ्रेमवर्क के तहत, तो इस एक्टिविटी को ही ‘एथिकल हैकिंग’ कहा जाता है. एथिकल हैकिंग विभिन्न कंपनियों, फर्म्स, संगठनों और सरकारी एजेंसियों को अपने कंप्यूटर नेटवर्क सिस्टम्स में कमियों या आसानी से एक्सेस हो सकने वाले प्वाइंट्स की पहचान करके समय रहते इन मुद्दों से निपटने में मदद करती है. बहुत बार, सरकारी एजेंसियां और कॉर्पोरेट फर्म्स अपने नेटवर्क सिस्टम्स में साइबर-क्राइम थ्रेट्स की पहचान करके उनसे निपटने के लिए एथिकल हैकर्स को हायर करती हैं.

एथिकल हैकर्स कौन हैं?

एथिकल हैकर्स, जिन्हें ‘वाइट हेट हैकर्स’ के नाम से भी जाना जाता है, सर्टिफाइड हैकिंग प्रोफेशनल्स होते हैं जो अपने हैकिंग स्किल्स का इस्तेमाल उचित और क़ानूनी तरीके से करता है ताकि किसी कंप्यूटर नेटवर्क में कमियों या समस्याओं का पता लगाकर सुलझाया जा सके. इससे संगठनों को अपने साइबर सिक्यूरिटी सिस्टम्स में हैकर्स द्वारा बताये गए इश्यूज और प्रोब्लम्स के आधार पर सुधार लाने में मदद मिलती है. ईसी – काउंसिल जैसी इंटरनेशनल बॉडीज एथिकल हैकिंग में करियर बनाने के इच्छुक प्रोफेशनल्स को सर्टिफिकेट्स प्रदान करती हैं. 

आप एथिकल हैकिंग का कोर्स क्यों करें?

डिजिटल एज की शुरुआत ने हमारे जीवन को काफी आसान बना दिया है, लेकिन ठीक उसी समय, इससे हमें साइबर-क्राइम्स जैसी थ्रेट्स और चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है. इस वजह से कंपनियां, संगठन और सरकारें भी उन क्वालिफाइड और सर्टिफाइड एथिकल  हैकर्स की तलाश करने के लिए बाध्य हैं जो नई एज की इन थ्रेट्स और चुनौतियों का सामना कर सकते हैं. इसके अलावा, देश में आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर के तीव्र विस्तार के साथ ही बड़ी संख्या में लोग डिजिटल सर्विसेज से जुड़ रहे हैं. इससे उन  एथिकल हैकर्स या की बोर्ड वैरियर्स की आवश्यकता और ज्यादा बढ़ जाती है जो लोगों, उनकी इनफॉर्मेशन और डाटा को सुरक्षित रख सकते हैं.  

एथिकल हैकिंग को इसकी लगातार बढ़ती हुई मांग ने ‘कुछ अलग’ लेकिन एक आकर्षक करियर ऑप्शन बना दिया है. विभिन्न संगठनों और फर्म्स में जॉब करने के अलावा, एथिकल हैकर्स क्लाइंट्स से फ्रीलान्स प्रोजेक्ट्स भी प्राप्त कर सकते हैं. इस काम में उन्हें आजादी और अपनी सुविधा के अनुसार काम करने की फैसिलिटी मिलती है जो अन्य करियर ऑप्शन्स ऑफर नहीं करते हैं.

कौन एथिकल हैकर बन सकता है?

यह एक जटिल प्रश्न है क्योंकि भारत सहित इंटरनेशनल लेवल पर भी एक एथिकल  हैकर बनने के लिये कोई विशेष पात्रता मानदंड निर्धारित नहीं हैं. एक नयी फील्ड होने के कारण, एथिकल  हैकिंग प्रोग्राम्स के लिए निर्धारित कोर्सेज और करिकुलम भी भिन्न हैं. वास्तव में अधिकतर मशहूर एथिकल  हैकर्स हैकिंग के टेक्ट्स अक्सर खुद ही सीखते हैं. फिर भी, आमतौर पर, कोई भी ऐसा व्यक्ति जिनको कंप्यूटर प्रोग्राम्स और लैंग्वेजेज की काफी अच्छी जानकारी है, किसी भी आयु में और किसी भी एकेडेमिक क्वालिफिकेशन के होते हुए भी एक एथिकल हैकर बन सकता है. अगर आपने किसी मशहूर इंस्टीट्यूट से एथिकल हैकिंग में कोर्स करके सर्टिफिकेट प्राप्त किया हो तो किसी बड़ी फर्म में एक एथिकल हैकर की जॉब प्राप्त करने के आपके काफी ज्यादा चांसेज होते हैं. इन कोर्सेज या सर्टिफिकेशन प्रोग्राम्स के लिए, हरेक इंस्टीट्यूट में अन्य इंस्टीट्यूट्स की अपेक्षा किसी भी प्रोग्राम के लिए पात्रता मानदंड अलग-अलग हो सकते हैं. इसलिए, आप एथिकल हैकिंग में कोर्स ज्वाइन करने के लिए संबद्ध इंस्टीट्यूट का पात्रता मानदंड जरुर चेक कर लें. अधिकांश मामलों में कंप्यूटर और नेटवर्क सिक्यूरिटी में सर्टिफिकेट लेवल प्रोग्राम्स में एडमिशन लेने के लिए आपके पास कंप्यूटर साइंस, आईटी या कंप्यूटर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट या पोस्टग्रेजुएट की डिग्री होनी चाहिए.  

भारत में कौन से एथिकल हैकिंग कोर्सेज उपलब्ध हैं?

स्टूडेंट्स के लिए एक काफी आकर्षक करियर ऑप्शन होने के बावजूद, भारत में अधिकतर कॉलेज और प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट्स एथिकल  हैकिंग में कोर्सेज ऑफर नहीं करते हैं. इसका सबसे बड़ा कारण हैकिंग के पेशे को लेकर लोगों का नेगेटिव रवैया है. लेकिन धीरे-धीरे किन्तु लगातार यह नेगेटिव रवैया बदल रहा है और कुछ इंस्टीट्यूट्स अब एथिकल हैकिंग में कोर्सेज ऑफर कर रहे हैं या फिर, कुछ इंस्टीट्यूट्स ने अब कंप्यूटर और नेटवर्क सिक्यूरिटी में अपने विस्तृत एकेडेमिक प्रोग्राम के एक हिस्से के तौर पर एथिकल  हैकिंग को भी शामिल कर लिया है. कुछ महत्वपूर्ण इंस्टीट्यूट्स और उनके द्वारा ऑफर किये जा रहे कोर्सेज के नाम आपकी सहूलियत के लिए नीचे दिए जा रहे हैं:

इंस्टीट्यूट का नाम

ऑफर किये जा रहे कोर्सेज के नाम

डीओईएसीसी, कालीकट

इनफॉर्मेशन सिक्यूरिटी और सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन में पीजी डिप्लोमा

रिलायंस वर्ल्ड आउटलेट्स

अंकित फडिया सर्टिफाइड एथिकल  हैकर कोर्स

इंस्टीट्यूट ऑफ़ इनफॉर्मेशन सिक्यूरिटी

सीआईएसएसपी ट्रेनिंग

सर्टिफाइड प्रोफेशनल फोरेंसिक कंसलटेंट्स

सर्टिफाइड इनफॉर्मेशन सिक्यूरिटी कंसलटेंट

सर्टिफाइड प्रोफेशनल हैकर

मद्रास विश्वविद्यालय

साइबर फोरेंसिक और इनफॉर्मेशन सिक्यूरिटी में एमएससी

इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी

कंप्यूटर साइंस और इनफॉर्मेशन सिक्यूरिटी में एमटेक

एसआरएम विश्वविद्यालय

इनफॉर्मेशन  सिक्यूरिटी और कंप्यूटर फोरेंसिक में एमटेक

कलासलिंगम विश्वविद्यालय

इनफॉर्मेशन अश्योरेंस एंड सिक्यूरिटी में एमटेक

इंटरनेशनल लेवल पर कुछ लोकप्रिय सर्टिफिकेशन्स:

• सर्टिफाइड एथिकल  हैकर (ईसी-काउंसिल)

• सर्टिफाइड हैकिंग फोरेंसिक इन्वेस्टिगेटर (ईसी-काउंसिल)

• एसएएन और जीआईएसी द्वारा जीआईएसी सर्टिफाइड पेनेट्रेशन टेस्टर (जीपीईएन)

• सर्टिफाइड इंट्रूजन एनालिस्ट (जीसीआईए) जॉब प्रोस्पेक्टस को और बेहतर कर सकता है.

एथिकल हैकिंग – स्पेशलाइजेशन ऑप्शन्स

यद्यपि अभी भारत में एथिकल  हैकिंग की फील्ड काफी नई है, लेकिन जिस गति से कंप्यूटर सिस्टम्स की सिक्यूरिटी थ्रेट्स बढ़ रही हैं, उस वजह से कई स्पेशलाइजेशन ऑप्शन्स को पहले ही बढ़ावा मिल चूका है. कुछ महत्वपूर्ण स्पेशलाइजेशन्स निम्नलिखित हैं:

सिक्योर कोडिंग - ऐसे प्रोग्राम्स तैयार करना जो साइबर सुरक्षा खतरों के प्रति संवेदनशील नहीं हैं.

मैलवेयर एनालिसिस - सुरक्षा खतरों को एनालाइज करना और उन पर काबू पाने के लिए काउंटर मेजर्स  तैयार करना.

नेटवर्क सिक्यूरिटी - खतरों और कमियों के खिलाफ नेटवर्क सिस्टम को सुदृढ़ बनाना.

क्रिप्टोग्राफी - महत्वपूर्ण डाटा और इनफॉर्मेशन की सुरक्षा के लिए क्रैक-प्रूफ सिक्यूरिटी सिस्टम्स तैयार करना.

एक एथिकल हैकर के तौर पर काम करना किसी पेशे से ज्यादा एक पैशन है. किसी डिजिटल डोमेन में सिक्यूरिटी मेजर्स कभी भी पूर्ण या फुल-प्रूफ नहीं हो सकते हैं. इसलिए एथिकल हैकर्स को हमेशा कंप्यूटर और नेटवर्क की फील्ड में होने वाली लेटेस्ट डेवलपमेंट्स से अपडेटेड रहना पड़ता है. अगर आप वास्तव में कंप्यूटर टेक्नोलॉजी में इंटरेस्टेड हैं और डिजिटल वर्ल्ड को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो आपके लिए एथिकल हैकिंग का पेशा एक बहुत आदर्श करियर ऑप्शन साबित हो सकता है.

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