टॉप इंडियन फेलोशिप्स: हायर स्टडीज़, अच्छी कमाई और सामाजिक परिवर्तन के लिए स्टूडेंट्स करें अप्लाई

आजकल भी इंडिया में ऐसे कई स्टूडेंट्स हैं जो हायर एजुकेशनल डिग्रीज़ पाना चाहते हैं लेकिन, अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे अपने कॉलेज और/ या यूनिवर्सिटी की बहुत ज्यादा फ़ीस और पढ़ाई से जुड़े अनेक खर्च नहीं उठा पाते और अपनी हायर स्टडीज़ जारी नहीं रख पाते हैं. इसलिए, भारत सरकार ऐसे टैलेंटेड और/ या आर्थिक तौर पर मजबूर इंडियन स्टूडेंट्स को फाइनेंशियल एड देने के लिए यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूशन्स के माध्यम से कई फ़ेलोशिप प्रोग्राम ऑफर करती है. ये फ़ेलोशिप्स हायर एजुकेशनल लेवल पर रिसर्च वर्क के लिए स्टूडेंट्स की आर्थिक मदद करती हैं ताकि स्टूडेंट्स की फाइनेंशियल कंडीशन उनकी हायर एजुकेशन और रिसर्च वर्क में किसी किस्म की रुकावट न बन सके. इस आर्टिकल में हम इंडियन स्टूडेंट्स के लिए भारत में उपलब्ध कुछ टॉप फ़ेलोशिप्स की महत्त्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं. आप भी अगर एक होनहार इंडियन स्टूडेंट हैं तो अपनी एलिजिबिलिटी, टैलेंट और दिलचस्पी के मुताबिक अपने लिए सबसे सूटेबल फ़ेलोशिप के लिए समय रहते जरुर अप्लाई करें और अपना करियर गोल हासिल कर लें. आइये आगे पढ़ें यह आर्टिकल:

 ‘फ़ेलोशिप’ का परिचय

‘फ़ेलोशिप’ का सामान्य अर्थ किसी विशेष फील्ड में रिसर्च वर्क के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है. यह स्टूडेंट के सम्पूर्ण विकास पर बल देती है और इसकी अवधि शॉर्ट ड्यूरेशन की होती है. भारत में कोई सूटेबल फेलोशिप हासिल करने के बाद स्टूडेंट्स एक सब्जेक्ट एक्सपर्ट के तौर पर रिसर्च फील्ड में अपना करियर बना सकते हैं. हमारे देश में फ़ेलोशिप्स की बढ़ती लोकप्रियता का एक बड़ा कारण यह भी  है कि आजकल के यंगस्टर्स अपनी यथास्थिति को बदलने के लिए पूरी तरह तैयार रहते हैं. भारत में विभिन्न फेलोशिप्स के लिए अप्लाई करने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स का लक्ष्य विभिन्न एजुकेशनल और डेवलपमेंटल फ़ील्ड्स में रिसर्च वर्क करना होता है. नए भारत मिशन के तहत इंडियन स्टूडेंट्स ये फेलोशिप्स हासिल करके हायर स्टडीज़ और अच्छी कमाई करने के साथ ही भारत के गावों और दूर-दराज के क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक क्रियाकलापों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाने में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.

भारत में टॉप फेलोशिप्स में से कुछ के नाम हैं - टीच फॉर इंडिया फ़ेलोशिप, लेजिस्लेटिव असिस्टेंट्स टू मेंबर्स टू पार्लियामेंट, यंग इंडिया फ़ेलोशिप, विलियम जे क्लिंटन फ़ेलोशिप और गांधी फ़ेलोशिप. आइये इस आर्टिकल को आगे बड़े ध्यान से पढ़कर इन सभी फेलोशिप्स के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करें.

टीच फॉर इंडिया ग्लोबल नेटवर्क ‘टीच फॉर ऑल’ का एक हिस्सा है. टीच फॉर इंडिया एक दो वर्ष की अवधि का फ़ेलोशिप  प्रोग्राम है जिसके लिए स्टूडेंट्स को अपना पूरा टाइम देना होता है और यह एक ‘पेड फ़ेलोशिप ’ प्रोग्राम है. इस प्रोग्राम में प्रत्येक भागीदार को किसी निम्न आय वाले और कम संसाधनों वाले स्कूल में एक फुल-टाइम टीचर के तौर पर नियुक्त किया जाता है. यह प्रोग्राम अपने स्टूडेंट्स को यह अवसर देता है कि वे अंडर-प्रिविलेज्ड स्टूडेंट्स के जीवन में बदलाव लाने के साथ ही अपनी लीडरशिप स्किल्स को निखार सकें. यह प्रोग्राम काफी कठिन और चुनौतीपूर्ण है इसलिये इस प्रोग्राम में अपना नाम एनरोल करने से पूर्व आप यह सुनिश्चित कर लें कि आप फुल-टाइम कमिटमेंट के लिए तैयार हैं.

यह प्रोग्राम नौजवान भारतीय नागरिकों को देश के नीति-निर्माताओं के साथ काम करने का मौका देता है. LAMP के तहत स्टूडेंट्स को किसी मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट (MP) के लेजिस्लेटिव असिस्टेंट के तौर पर नियुक्त किया जाता है और वे स्टूडेंट्स अपने संबद्ध मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट के साथ मिलकर काम करते हैं. यह एक पूर्णकालिक 11 महीने की अवधि का फ़ेलोशिप  प्रोग्राम है जो पार्लियामेंट के मानसून सेशन के शुरू होने के साथ स्टार्ट होता है और बजट सेशन की समाप्ति के साथ ही यह फ़ेलोशिप  प्रोग्राम भी समाप्त हो जाता है. इस फ़ेलोशिप  प्रोग्राम के तहत अपने संबद्ध MP के संसदीय कार्य में सहायता देने के लिए स्टूडेंट्स रिसर्च वर्क में पूरी तरह लीन रहते हैं.

यह एक वर्षीय, विविध विषयक पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम है. इसके कोर्स स्ट्रक्चर में कुल 8 टर्म्स होती हैं और प्रत्येक टर्म 6 सप्ताह की होती हैं. इस प्रोग्राम के तहत आने वाले विषयों में आर्ट एप्रिसियेशन, कानून के बुनियादी सिद्धांतों में महिला और जेंडर इश्यू, भारत के विकास में राजनीतिक अर्थव्यवस्था जैसी विविधता देखने को मिलती है. इससे जुड़ा एक और फायदेमंद पहलू यह है कि इन विषयों को पढ़ाने वाले फैकल्टी मेंबर्स अपनी फ़ील्ड्स में माहिर होते हैं. इस फ़ेलोशिप  में ज्यादा फोकस प्रैक्टिकल लर्निंग और रियल-टाइम एप्लीकेशन पर रहता है.

विलियम जे क्लिंटन फ़ेलोशिप  प्रोग्राम भारतीय और अमरीकन स्टूडेंट्स को कई डेवलपमेंटल प्रोजेक्ट्स में कार्य कर रहे यंग प्रोफेशनल्स और मशहूर NGO के साथ काम करने का मौका देता है. स्टूडेंट्स को इस फ़ेलोशिप  प्रोग्राम के तहत मासिक स्टिपेंड या भत्ता मिलता है और उन्हें एजुकेशन, लाइवलीहुड, पब्लिक हेल्थ के साथ ही ऐसे अन्य अनेक क्षेत्रों में हो रहे विकास की सही और सटीक जानकारी प्राप्त करने का सुअवसर भी मिल जाता है. इस फ़ेलोशिप  प्रोग्राम की 10 महीने की अवधि में ही विभिन्न स्टूडेंट्स के बीच आपसी क्रियाकलापों और संपर्क से डीप नॉलेज और स्किल्स प्राप्त करने में उन्हें मदद मिलती है. इस फ़ेलोशिप  प्रोग्राम के जरिये दुनिया को नये नजरिये से देखने के कई नये तरीकों के साथ ही स्टूडेंट्स को अपने उत्साह और समर्पण की गहराई का भी पता चल जाता है. 

पिछले 12 वर्षों से गांधी फैलोशिप एक गहन ग्रामीण आवासीय कार्यक्रम है. इस फ़ेलोशिप के लिए चुने हुए स्टूडेंट्स भारत में सामाजिक बदलाव लाने के लिए जिम्मेदार होते हैं इसलिए किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन करने वाले स्टूडेंट्स इस फेलोशिप के लिए अप्लाई कर सकते हैं. एप्लिकेंट की उम्र कम से कम 26 वर्ष होनी चाहिए. इस फेलोशिप के तहत स्टूडेंट्स को 14 हजार रुपये मासिक अनुदान के साथ 600 रुपये फ़ोन खर्च और निशुल्क आवास दिया जाता है. इसी के साथ कुछ अन्य भत्ते और मेडिकल बीमा भी इस फेलोशिप के तहत स्टूडेंट्स को प्रदान किये जाते हैं ताकि वे एक दो वर्षीय ट्रेनिंग लेकर सामाजिक बदलाव लाने के लिए एक सामाजिक नेता के तौर पर निरंतर काम कर सकें.

कुछ अन्य टॉप इंडियन फ़ेलोशिप्स की लिस्ट  

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