प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना सहित ये हैं भारत की प्रमुख स्किल डेवलपमेंट स्कीम्स

हमारे देश में हर साल लाखों यंगस्टर्स अपनी ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करके या फिर कोई टेक्निकल या प्रोफेशनल कोर्स करने के बाद अपने लिए कोई सूटेबल जॉब तलाश करते हैं या फिर अपनी स्पेशलाइज्ड प्रोफेशनल फील्ड में अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं. हमारे देश के इन लाखों यंगस्टर्स के सामने दिक्कत तो तब आती है जब विभिन्न पारिवारिक, सामाजिक या आर्थिक कारणों से ये लोग कोई एजुकेशनल डिग्री, डिप्लोमा या प्रोफेशनल कोर्स सर्टिफिकेट हासिल नहीं कर पाते हैं और फिर, उन्हें न तो कोई सूटेबल जॉब मिलती है और न ही वे किसी स्किल एरिया में अपना पेशा या कारोबार शुरू कर पाते हैं.

पिछले साल जून, 2018 को भारत में लगभग 6.6 मिलियन लोग बेरोजगार थे. ऐसी हरेक स्थिति से अच्छी तरह निपटने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ़ स्किल डेवलपमेंट एंड इंटरप्रेन्योरशिप (MSDE), भारत सरकार ने आपके लिए कई स्किल डेवलपमेंट स्कीम्स शुरू की हैं. अब आप इन स्किल डेवलपमेंट स्कीम्स के माध्यम से अपने  स्किल सेट को बढ़ा सकते हैं. भारत में इन स्किल डेवलपमेंट स्कीम्स का मुख्य उद्देश्य बड़ी संख्या में भारत के युवाओं को इंडस्ट्री-रेलिवेंट स्किल ट्रेनिंग मुहिया करवाना है ताकि ये यंगस्टर्स अपनी आजीविका कमा सकें. आइये भारत की कुछ प्रमुख स्किल डेवलपमेंट स्किल्स के बारे में जानकारी हासिल करें:

मिनिस्ट्री ऑफ़ स्किल डेवलपमेंट एंड इंटरप्रेन्योरशिप, भारत सरकार की प्रमुख स्किल डेवलपमेंट स्कीम्स

मिनिस्ट्री ऑफ़ स्किल डेवलपमेंट एंड इंटरप्रेन्योरशिप पूरे भारत में स्किल डेवलपमेंट के सभी किस्म के प्रयासों के बीच समुचित कोआर्डिनेशन करने के लिए जिम्मेदार है. यह मिनिस्ट्री स्किल्ड मैनपावर कि डिमांड और सप्लाई के बीच संतुलन कायम रखने का प्रमुख कार्य करती है. अपने ‘स्किल इंडिया’ मिशन को ध्यान में रखते हुए इस मिनिस्ट्री का लक्ष्य देश में बड़े पैमाने पर स्किल डेवलपमेंट के हाई स्टैंडर्ड्स को बनाये रखना है. देश की 3 प्रमुख एजेंसियां – नेशनल स्किल डेवलपमेंट एजेंसी (NSDA), नेशनल स्किल डेवलपमेंट फंड (NSDF) और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) और 33 सेक्टर स्किल काउंसिल्स (SSCs) इस काम में मिनिस्ट्री ऑफ़ स्किल डेवलपमेंट एंड इंटरप्रेन्योरशिप से सहयोग करते हैं. इसके अलावा, NSDC के साथ रजिस्टर्ड 187 ट्रेनिंग पार्टनर्स भी पूरे भारत में ‘स्किल्ड इंडिया  मिशन’ को कामयाब बनाने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.

यहां हम आपके लिए कुछ ऐसी प्रमुख स्किल डेवलपमेंट स्कीम्स की जानकारी पेश कर रहे हैं जो मिनिस्ट्री ऑफ़ स्किल डेवलपमेंट एंड इंटरप्रेन्योरशिप, भारत सरकार ने ‘स्किल्ड इंडिया मिशन’ को ध्यान में रखकर शुरू की हैं. कुछ प्रमुख स्किल डेवलपमेंट स्कीम्स निम्न प्रस्तुत हैं:

  • प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

यह स्किल डेवलपमेंट स्कीम मिनिस्ट्री ऑफ़ स्किल डेवलपमेंट एंड इंटरप्रेन्योरशिप, भारत सरकार की एक फ्लैगशिप स्कीम है जिसे नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा वर्ष 2015 में देश के सभी राज्यों में शुरू किया गया है. इस स्कीम के लिए 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है और 10 मिलियन इंडियन यूथ वर्ष 2020 तक इस स्कीम से लाभान्वित होंगे. इस स्कीम के तहत शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग कोर्सेज करवाए जाते हैं. ट्रेनिंग की अवधि आमतौर पर 150 – 300 घंटे तक होती है. इस स्कीम के तहत पहले से अनुभवी या स्किल्ड पर्सन्स को रिकॉग्निशन ऑफ़ प्रायर लर्निंग (RPL) सर्टिफिकेट दिया जाता है. इस स्कीम के तहत हरेक 6 महीनों के बाद कौशल और रोज़गार मेले आयोजित करके स्किल्ड पर्सन्स को रोज़गार के अवसर दिये जाते हैं. यहां से सर्टिफाइड पेशेवर नेशनल करियर सर्विस मेलों में भी हिस्सा लेते हैं. 

  • संकल्प

यह योजना भी MSDE, भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण स्किल डेवलपमेंट स्कीम है जिसका फोकस डिस्ट्रिक लेवल पर कोआर्डिनेशन के माध्यम से स्किल इकोसिस्टम का विकास करना है. भारत के स्किल डाटा को मेन्टेन करने के लिए इस स्कीम के तहत ‘स्किल इंडिया पोर्टल’ के नाम से एक मजबूत IT सिस्टम तैयार किया गया है. इस स्कीम के तहत इंडियन यूथ के स्किल-सेट को इम्प्रूव करने पर ध्यान देने के लिए डिसेंट्रलाइज्ड प्लानिंग और क्वालिटी इम्प्रूवमेंट पर विशेष रूप से फोकस किया जाता है. इस स्कीम के तहत सेंटर और स्टेट लेवल की संबंधित एजेंसीज़ को शामिल किया गया है.  

  • उड़ान

यह स्कीम मुख्य रूप से जम्मू और कश्मीर के बेरोजगार युवाओं को रोज़गार के लायक टैलेंट और स्किल सेट प्राप्त करने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा 10 जुलाई, 2015 को शुरू की गई है. इस स्कीम के लिए 750 करोड़ रुपये का बजट निश्चित है और 40 हजार युवाओं को 5 साल के भीतर इस स्कीम के तहत स्किल्ड प्रोफेशनल बनाने का लक्ष्य है.

  • स्टार

यह स्कीम सबसे पहले 16 अगस्त, 2013 में शुरू की गई थी. इस स्कीम का प्रमुख उद्देश्य इंडियन यूथ के स्किल डेवेलपमेंट को ट्रेनिंग, मॉनिटरी रिवार्ड्स और सर्टिफिकेट्स के माध्यम से प्रोत्साहित करना है. इस स्कीम के तहत हरेक कैंडिडेट को सफल होने पर एवरेज 10 हजार रुपये का मॉनिटरी रिवार्ड दिया जाता है.

  • पॉलिटेक्निक स्कीम्स

इस स्कीम के तहत पूरे भारत में 300 नए पॉलिटेक्निक्स खोले जा रहे हैं और मौजूदा पॉलिटेक्निक्स को मॉडिफाई भी किया जा रहा है. हरेक नए पॉलिटेक्निक को तैयार करने के लिए भारत सरकार ने 12.3 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है. इन पॉलिटेक्निक्स में भारत के यंगस्टर्स मनचाहे पेशों के लिए प्रोफेशनल ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट या डिप्लोमा हासिल कर सकेंगे.

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