UP Board कक्षा 10वीं का गणित सिलेबस 2019-2020

यूपी बोर्ड कक्षा 10 वीं के छात्र 2019-2020 के शैक्षणिक सत्र के लिए गणित विषय के पाठ्यक्रम को यहाँ से प्राप्त करें. इस नवीनतम सिलेबस से आपको गणित विषय के कोर्स स्ट्रक्चर की पूरी जानकारी मिलेगी जिसके अनुसार आप अपनी बोर्ड परीक्षा के लिए बेहतरीन तरीके से तैयारी शुरू कर सकते हैं.

कक्षा- 10 (गणित)

समय- 3 घंटा

इसमें 70 अंक की लिखित परीक्षा एवं 30 अंक का प्रोजेक्ट कार्य होगा. न्यूनतम उत्तीर्नांक 23 एवं 10 कुल – 33 अंक.

इकाई

इकाई का नाम

अंक

1

संख्या पद्धति

05

2

बीजगणित

18

3

निर्देशांक ज्यामित

05

4

ज्यामिति

12

5

त्रिकोणमिति

12

6

मेंसुरेशन

08

7

सांखियकी तथा प्रायिकता

10

 

योग

70

इकाई – 1 : संख्या पद्धित

(1) वास्तविक संख्याएँ

युक्लिड विभाजन प्रमेयिका, अंगणित का आवारभुत प्रमेय – उदाहरण सहित √2, √3, √5 अपरिमेय संख्याओं का सत्यापन, परिमेय संख्याओं का सांत/असांत आवर्ती दशमलव के पदों में निरूपण.

इकाई – 2 : बीजगणित

1. बहुपद- बहुपद के शुन्यांक. द्विघात बहुपदों के गुणांकों और शुन्यांको के मध्य सम्बन्ध. वास्तविक गुणांकों वाले बहुपदो के लिए विभाजन एल्गोरिथम का कथन तथा उस पर सामान्य प्रश्न.

2. दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म –

दो चरों में रैखिक समीकरण युग्म और रैखिक युग्म का ग्राफीय विधि से हल. एक रैखिक समीकरण युग्म को हल करने की बीजगणितीय विधि.

1. प्रतिस्थापन विधि

2. विलोपन विधि

3. वज्रगुणन विधि

दो चरों के रैखिक समीकरणों के युग्म में बदले जा सकने वाले समीकरण.

3. द्विघात समीकरण

मानक द्विघात समीकरण ax2+bx+c=0 (a≠0)  द्विघात समीकरणों (केवल वास्तविक मूल) का द्विघात सूत्रों द्वारा, गुणनखण्ड द्वारा, पूर्ण वर्ग बनाकर हल निकालना. द्विघात समीकरण का विविवतकर और उनके मूलों की प्रकृति के बीच सम्बन्ध. द्विघात समीकरण के दिन-प्रतिदिन के अनप्रयोग तथा इन पर आधारित इबारती प्रश्न.

4. समान्तर श्रेणियाँ

समान्तर श्रेणी के दवें  पद की व्यूत्पत्ति तथा समान्तर श्रेणी के प्रथम दपदों का योग . सामन्य जीवन पर आधारित प्रश्नों को हल करने के लिए इसका अनुप्रोयग.

इकाई – 3 : निर्देशांक ज्यामिति

1. रेखा (दिविमीय)-

निर्देशांक ज्यामिति की अवधारणा, रैखिक समीकरणों के ग्राफ, दुरी सूत्र, विभाजन सूत्र (आंतरिक विभाजन), त्रिभुज के क्षेत्रफल.

UP Board Exam 2019: Check Class 10th Mathematics Question Paper

इकाई – 4 : ज्यामिति

1. त्रिभुज –

समरूप त्रिभुज के परिभाषा, उदाहरण, प्रतिउदाहरण.

(क) त्रिभुज की एक भुजा के समान्तर खीची गयी रेखा त्रिभुज की शेष दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है.

(ख) त्रिभुज की दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करने वाली रेखा, तीसरी भुजा के समान्तर होती है.

(ग) यदि दो त्रिभुजों में संगत – भुजाओं का एक युग्म अनुपातिक हूर अंतरित कोण बराबर हो तो त्रिभुज समरूप होती है.

(घ) यदि दो त्रिभुजों में संगत कोणों का एक युग्म बराबर हो और उनकी संगत भुजाएँ अनुपातिक हो, तो त्रिभुज समरूप होते है.

(ड़) एक त्रिभुज का एक कोण, दुसरे त्रिभुज के संगत कोण के बराबर हो तथा उनकी संगत भुजाएँ अनुपातिक हो तो त्रिभुज समरूप होगा.

(च) यदि समकोण त्रिभुज के समकोण वाले शीर्ष से कर्ण पर लम्ब डाला गया हो, तो लम्ब रेखा के दोनों ओर के त्रिभुज परस्पर और मूल त्रिभुज के समरूप होते हैं.

(छ) समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात संगत भुजाओं के वर्गों के समानुपाती होता है.

(ज) एक समकोण त्रिभुज के कर्ण का वर्ग अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योगफल के बराबर होता है.

(झ) किसी त्रिभुज में यदि एक भुजा का वर्ग अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योगफल के बराबर हो, तो पहली भुजा के सामने का कोण समकोण होता है.

2. वृत्त – वृत्त की स्पर्श रेखा, स्पर्श बिन्दु

(क) वृत्त की स्पर्शरेखा, स्पर्श बिन्दु से होकर जाने वाली त्रिज्या पर लम्ब होती है.

(ख) किसी वाह्य बिन्दु से खिंची गई, दो स्पर्श रेखाओं की ल्म्बाइयां बराबर होती है.

3. रचनाएँ –

(क) दिए हुए रेखाखण्ड का दिये हुए अनुपात में विभाजित करना (आन्तरिक).

(ख) एक वृत्त के बाहर स्थित एक बिन्दु से उस पर स्पर्श रेखाओं की रचना करना.

(ग) एक दिए गये त्रिभुज के समरूप एक त्रिभुज की रचना करना.

इकाई – 5 : त्रिकोणमिति

1. त्रिकोणमिति का परिचय –

समकोण तिभुज के न्यूनकोणों के त्रिकोणमितिय अनुपात 0 और 90 के त्रिकोणमिति अनुपात, त्रिकोणमितिय अनुपातों के मान (300,450,600,00,900). उनके बीच सम्बन्ध.

2. त्रिकोणमितिय सर्वसामिकाएँ –

सर्वसमिका Sin2 A+Cos2A=1 को स्थापित करना तथा इकसा अनुप्रयोग. पूरक कोणों के त्रिकोणमितिय अनुपात.

3. ऊँचाई और दुरी –

उन्नयन कोण, अवनमन कोण, ऊंचाई और दुरी पर साधारण प्रश्न (प्रश्न दो समकोण त्रिभुज से अधिक नहीं होना चाहिए) उन्नयन / अवनमन कोण केवल 300, 450 तथा 600 होने चाहिए.

इकाई – 6 : मेन्सुरेशन

1. वृत्तो से सम्बन्धित क्षेत्रफल –

वृत्त का क्षेत्रफल, वृत्त के त्रिज्यखंड तथा वृत्तखण्ड के क्षेत्रफल उपर्युक्त समतल आकृतियों के संयोजनों के क्षेत्रफल (प्रश्न केवल केन्द्रीय कोण 600, 900 तथा 1200 को हों.)

2. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन –

(क) निम्नाकित किन्हीं दो द्वारा संयोजित समतल आकृतियों का पृष्ठीय क्षेत्रफल तह आयतन – घन, घनाभ, गोला, अर्द्धगोला, और ल्म्ब्वृत्तीय, बेलन / शंकु / शंकु चिन्न्क.

(ख) एक तरह के धात्विक ठोस का दुसरे में परिवर्तित करने से सम्बन्धित प्रश्न तथा दुसरे मिश्रित प्रश्न. दो भिन्न तरह के ठोसों का संयोजन से सम्बन्धित प्रश्न,इससे अधिक नहीं)

इकाई – 7 : सांखियकी तथा प्रायिकता

1. सांखियकी – वर्गीकृत आंकड़ों का माध्य, माधिय्का तथा बहुलक. संचयी बारम्बारता ग्राफ.

2. प्रायिकता – प्रायिकता की सैद्धांतिक परीभाषा, एकल घटना पर आधारित सामान्य प्रश्न.

प्रोजेक्ट कार्य 

अंक विभाजन    -    15 अंक

(क) आन्तरिक मूल्यांकन -

(भारत का परम्परागत गणित ज्ञान कक्षा- 10 नामक पुस्तिका से भी प्रश्न पूछे जाएँ)

(ख) प्रोजेक्ट कार्य   -   15 अंक

कुल   -  30 अंक  

नोट – निम्नलिखित में से कोई तीन प्रोजेक्ट प्रत्येक छात्र से तैयार करायें. अध्यापक विषय से सम्बन्धित अन्य प्रोजेक्ट अपने स्तर से भी दे सकते हैं.

(1) पाइथागोरस प्रमेय का सत्यापन गत्ता या चार्ट पर त्रिभुज एवं वर्ग को बनाकर करना.

(2) जनसंख्या अध्ययन में सांखियकी की उपयोगिता.

(3) विभिन्न ज्यामितीय आकृतियों की वास्तुकला एवं निर्माण में भूमिका का अध्ययन करना.

(4) त्रिकोणमिति अनुपातों के चिन्हों का ज्ञान चार्ट के माध्यम से करना . कोण के पूरक (Complementary angle) सम्पूरक कोण (Supplementary angle) आदि कोणों के त्रिकोणमितिय अनुपात कोणों के संगत अनुपात में चित्र के माध्यम से व्यक्त करना.

(5) उत्तर मध्यकाल के किसी एक भारतीय गणितज्ञय (रामानुजन, नारायण पण्डित आदि) का व्यक्तित्व् एवं गणित में योगदान.

(6) 24 X 42 सेमीo माप के दो कागज लेकर लम्बाई एवं चौड़ाई की दिशा में मोड़कर दो अलग – अलग बेलन बनाइए. दोनों में किसका वक्रपृष्ठ एवं आयतन अधिक होगा.

(7) सरकार द्वारा लगाये जाने वाले विभिन्न प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर का अध्ययन करना.

(8) वृत्त के केन्द्र पर बना कोण शेष परिधि पर बने कोण का दूना होता है का क्रियात्मक निरूपण करना.

(9) दुरी मापने का यन्त्र (Sextant) बनाना और प्रयोग करना.

(10) गणित के सिद्धान्तों की चित्रकला में उपयोगगिता.

(11) एक कार / घर खरीदने के लिए बैंक से लोन लेने के विभिन्न चरणों का ब्योरा प्रस्तुत कीजिए.

(12) संस्तुत पुस्तक भारत का परम्परिक गणित ज्ञान के निम्नांकित तीन खंडों में से सुविधानुसार कोई एक प्रोजेक्ट –

खण्ड क – भारत में गणित की उज्जवल परम्परा.

खण्ड ख – गणना की परम्परागत विधियां.

खण्ड ग – भारत के प्रमुख गणिताचार्य

 

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