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UP बोर्ड के छात्र भी अब सीख सकेंगे फॉरेन लैंग्वेज

हिंदी और इंग्लिश भाषा के ज्ञान तक सीमित रहने वाले UP बोर्ड के स्टूडेंट्स के `पर्सनालिटी डेवलपमेंट`को शासन ने और बेहतर करने की योजना कर ली है.

NCERT की किताबें लागू कर खुद को CBSE के समकक्ष खड़ा करने के बाद UP बोर्ड ने अब अगला कदम उठाया है. जिसके अन्तर्गत फ्रेंच, जापानी, स्पेनिश और जर्मन भाषा को लागू कर UP बोर्ड के स्टूडेंट्स के लिए भविष्य में रोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा दिया गया है.

इन विदेशी भाषाओं को आधुनिक दौर में छात्रों के लिए जानना उनके करियर के मार्ग को और सरल बनाने में कारगर माना गया है, इससे स्टूडेंट्स को भविष्य में अन्य देशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आसानी होगी और अच्छे रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे. डीआइओएस रविन्द्र सिंह ने बताया कि विदेशी भाषाओं के अध्ययन की व्यवस्था राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत पहली बार लागू की गई है, जोकि छात्रों के हित में काफी सराहनीय पहल मानी जाएगी.

UP बोर्ड माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निर्देशक द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं, तथा उनके निर्देशानुसार जिले के सभी राजकीय और माध्यमिक सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों के प्रिंसिपलस को पत्र लिखकर जर्मन, फ्रेंच, जापानी तथा स्पेनिश भाषा पढ़ाने के योग्य शिक्षकों की सूचि भी देना का आदेश मिला है. ये शिक्षक स्कूल अवधि खत्म होने के बाद विदेशी भाषाओं को सीखने के इच्छुक स्टूडेंट्स को अलग से इन भाषाओँ पढ़ाया करेंगे.

विदेशी भाषाओं की भी होगी परीक्षा: 
स्टूडेंट्स को जो विदेशी भाषाएं सिखाई जाएंगी, उनकी परीक्षा भी स्टूडेंट्स को देना अनिवार्य होगा. बता दें, कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को यह भाषाएं सिखाई जाएंगी. हालाकी अभी तक माध्यमिक शिक्षा परिषद के पाठ्यक्रम में उड़िया, गुजराती, मराठी, कन्नड़ आदि अन्य तमाम भाषाओं की पढ़ाई कराई जाती थी.

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