पहली बार UP बोर्ड दिखायेगा टोपर्स के आंसर-शीट लेकिन नहीं दर्शाएंगे अंक

कक्षा 10वीं तथा 12वीं परीक्षा का परिणाम घोषित करने के बाद UP बोर्ड के अफसरों ने टॉप टेन स्टूडेंट्स की कॉपी वेबसाइट पर अपलोड करने की तैयारी शुरू कर दी है. बोर्ड मुख्यालय ने क्षेत्रीय कार्यालयों से टॉपरों की कॉपियां मंगवाई है और अब उन सभी कॉपीयों को स्कैन कर के अपलोड करने का काम भी शुरू हो चूका है. किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए अधिकारी कॉपी पर मिले नंबर दिखाने के पक्ष में नहीं है.

दरअसल इसके पीछे कई वजह की आशंका मानी जा सकती है. जिनमें विवाद का कारण यह भी बन सकता है कि कॉपी पर छात्र ने जितने अंकों के प्रश्न हल किए हैं वास्तव में उससे कहीं अधिक अंक उन्हें मिले हैं तथा इस परिस्तिथि में प्रत्येक विषय में मिले नंबर को लेकर विवाद की स्थिति पैदा होने की संभावना हो सकती है. दूसरा कारण शिक्षकों के मूल्यांकन का तौर-तरीका भी माना जा सकता है.

इसके अलावा परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स की कॉपी का कवर पेज बदलकर दूसरे की कॉपी पर लगाना या अधिक सवाल हल करने के बावजूद कम नंबर देने की शिकायत बोर्ड न्यूज़ में मिलती रहती है. ऐसे में बोर्ड के अधिकारी बीच का रास्ता निकाल रहे हैं ताकि शिक्षा मंत्री के निर्देश का पालन भी हो जाए और UP बोर्ड कॉपीयों को अपलोड करने के बाद विवादों से भी बचा जा सके.

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होने वाले सभी विवादों से बचने के लिए कॉपीयों का नंबर नहीं दिखाना ही सबसे बढ़िया उपाय है. दरअसल UP बोर्ड में पहली बार बोर्ड के टॉपरों की कॉपियां अपलोड होने जा रही है. यह निर्णय भी उपमुख्यमंत्री और माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के निर्देश पर लिया गया था.

इस प्रक्रिया में 10वीं तथा 12वीं के एक-एक छात्र की पांच-पांच कॉपियां स्कैन कराने के बाद अपलोड होंगी. UP Board कक्षा 12वीं की एक कॉपी में 28 तथा कक्षा 10वीं की एक कॉपी में 14 पेज होते हैं.

इस लिहाज से 12वीं के एक छात्र की पांच कॉपियों के कम से कम 140 पेज और कक्षा 10वीं के एक छात्र की पांच कॉपियों के 70 पेज स्कैन होंगे. अर्थात UP बोर्ड टॉप 10 टोप्पर्स की कॉपियों के दो हजार से अधिक पेज स्कैन होंगे. बोर्ड सूत्रों के अनुसार 10 मई के बाद ही कॉपियां अपलोड हो सकेंगी.

इस बार बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं/ कॉपिया बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करने का उद्देश्य यह है कि छात्र उन्हें देखकर प्रेरणा लें और अपनी तैयारी उसके अनुसार अच्छी तरह कर पाएं. दरअसल कई छात्रों को उत्तर लिखने का सही तरीका नहीं पता होता है जैसे लघु-उत्तरीय प्रश्न का उत्तर कितने शब्दों में करना चाहिए या किस प्रकार तथा इसी प्रकार अन्य प्रश्नों में भी छात्रों को दुविधा बनी रहती हैं. वेबसाइट पर उपलब्ध कापियों की मदद से छात्र आसानी से उत्तर लिखने का तरीका तथा अन्य जानकारियों का सही तरीके से आकलन करने में समक्ष होंगे.

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