UP Board ने कमज़ोर छात्रों के लिए स्पेशल क्लास की करी व्यवस्था

UP Board के स्कूलों में अब कमज़ोर छात्रों के लिए नए सत्र से स्पेशल क्लासेज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. बोर्ड ने शैक्षिक कैलेंडर में इस संबंध में सभी स्कूलों को विशेष निर्देश भी दिए हैं. छात्रों को गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषय में विशेष रूप से एक्स्ट्रा क्लासेज उपलब्ध कराने का निर्देश है. क्यूंकि आम तौर पर किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए इन तीनो ही विषय में छात्रों का परिपुन होना अति आवश्यक है.

साथ ही साथ शिक्षकों को भी बीच-बीच में ट्रेनिंग देकर आधुनिक शैक्षिक पद्धतियों से रूबरू कराया जाएगा. अक्सर देखा गया है कि कुछ छात्रों तथा शिक्षकों के बीच शैक्षिक स्तर पर सही तरीके से संवाद स्थापित नहीं हो पाता है लेकिन इस बार इन बातों पर भी विशेष रूप से निर्देश दिए गए हैं.

डीआईओएस ने बुधवार को इस संबंध में बिशप मण्डल इंटर कालेज में बैठक भी बुलाई है. जिसके अन्तर्गत सुबह 11 से 1 बजे तक समस्त राजकीय व अशासकीय माध्यमिक स्कूलों की बैठक होगी तथा 1 बजे से 3 बजे तक वित्तविहीन प्रधानाचार्यों के साथ बैठक का समय दिया गया है. अर्थात इन बैठकों में इस वर्ष के शैक्षिक कैलेंडर को साझा किया जाएगा.

UP Board द्वारा चलाए गए इस अभयान के अंतर्गत जहाँ छात्रों को नए सत्र में उनके शैक्षिक स्तर पर काफी लाभ होगा वहीँ दूसरी ओर शिक्षकों को भी आधुनिक तरीके से अपने शैक्षिक कौशल को सुधारने का एक नया मौक़ा मिलेगा.

UP Board में हुए इस सत्र के नए बदलाव से अब कमज़ोर छात्रों को भी शैक्षिक स्तर पर आगे बढ़ने का एक अच्छा मौक़ा मिलेगा जो की काफी सराहनीय है.

UP Board द्वारा चलाए इस अभयान के कुछ प्रमुख लाभ निम्नवत हैं:

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1. इस अभयान के अंतर्गत अब कमज़ोर छात्रों को भी अपनी कमियों को सुधार कर आगे बढ़ने का मौका दिया जायेगा. दरअसल इस प्रकार की पद्धति कई अच्छे स्कूलों, संस्थानों तथा कोचिंग इंस्टिट्यूटस में भी चलाई जाती है. जिसके अंतर्गत कमज़ोर छात्रों का एक बैच बना कर उन्हें अलग से विषयों को समझाया जाता है. ताकि उनका कांसेप्ट अच्छी तरह उन विषयों पर क्लियर हो जाए.

 

2. इस अभयान के अन्तर्गत अब शिक्षकों को भी आधुनिक तरीके से पढ़ाने की ट्रेनिंग समय-समय पर दी जाएगी. इससे शिक्षकों के लिए भी छात्रों को किसी भी टॉपिक को समझाना और आसान होता जायेगा. क्यूंकि UP Board में कई सालों से लगभग शिक्षकों के पढ़ाने का तरीका समान ही रहा है अर्थात जिस तरह वह छात्रों को को सालों साल पढ़ाते आ रहें थे उनमें कोई ख़ास बदलाव नहीं आया था, इस अभयान से आधुनिक शैक्षिक पद्धति का भी शिक्षकों में बदलाव दिखेगा जोकि छात्रों के हित में लाभप्रद रहेगा.

3. इस निर्देश का तीसरा तथा आखरी बदलाव यह है कि शिक्षकों तथा छात्रों के बीच जो कम्युनिकेशन गैप था उसपर भी अब ध्यान दिया जायेगा.

दरअसल कई छात्र कक्षा में जब शिक्षक पढ़ा रहे होते हैं तो सभी टॉपिक एक बार में समझ नहीं पाते हैं. तथा पूरे कक्षा में उन्हें सबके सामने उसपर प्रश्न पूछने में भी हिचकिचाहट होती है या कई बार जब शिक्षक कक्षा में पढ़ा रहे होते हैं तो साथ-साथ टॉपिक को समझना और उसके महत्वपूर्ण बिन्दुओं को याद रखना कुछ छात्रों के लिए आसान नहीं होता है. जिसे बाद में बहुत से छात्र अपने सहपाठियों से समझ कर या शिक्षकों से दुबारा समझ लेते हैं और कुछ छात्र संकोच के कारण यह प्रयत्न भी नहीं कर पाते हैं जिस कारण उनका वह टॉपिक अधुरा रह जाता है तथा आगे उससे जुड़े अन्य टॉपिक्स को समझना भी उसके लिए कठिन होता जाता है.

इन्हीं बातों को मद्देनज़र रखते हुए UP बोर्ड ने नए सत्र में इस बात पर भी ख़ास ध्यान दिया है.

आशा है कि छात्रों को UP Board के इस बदलाव से अधिक से अधिक लाभ मिलें तथा वह अपने करियर में उन्नति के अच्छे मार्ग बना पाएं.

शुभकामनायें!!

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