UPSC की सिफारिश: इंटरव्यू में क्वालीफाई करने में असमर्थ उम्मीदवार हों अन्य जगह नियुक्त

UPSC सिविल सेवा परीक्षा को देश में सबसे कठिन परीक्षा में से एक माना जाता है। हर साल, लगभग 11 लाख उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं। प्रीलिम्स परीक्षा में, लगभग 5.5 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं और मुख्य परीक्षा में, उम्मीदवारों की संख्या और भी कम हो जाती है और इंटरव्यू समाप्त होने के बाद लगभग 600 उम्मीदवारों का चयन होता है। इतनी मेहनत के बाद भी कई उम्मीदवार खाली हाथ रह जाते हैं। हालांकि, अगर चीजें ठीक-ठाक रही तो यह परिदृश्य बदल सकता है।

UPSC ने केंद्र सरकार और उससे संबंधित मंत्रालयों को अपनी सिफारिश भेजी है कि इंटरव्यू में पहुंचने वाले ऐसे उम्मीदवार जो इंटरव्यू में सफल नहीं हो पाते हैं उन उम्मीदवारों को किसी अन्य सरकारी नौकरी में चयन के लिए योग्य समझा जाए। इंटरव्यू तक पहुंचने वाले उम्मीदवारों ने बहुत ही कठिन प्रतियोगिता का सामना किया है और बहुत ज्यादा अध्ययन भी किया है। केवल इंटरव्यू में क्वालीफाई ना कर पाने का मतलब यह नहीं है कि वे अन्य सरकारी नौकरियों में में चयन के लिए उपयुक्त नहीं हैं।

UPSC के अध्यक्ष अरविंद सक्सेना ने केंद्र सरकार और उसके संबंधित मंत्रालयों को इंटरव्यू में असफल उम्मीदवारों से अन्य सरकारी नौकरियों में भर्ती करने का प्रस्ताव दिया है। सरकार UPSC इंटरव्यू में असफल उम्मीदवारों की सूची से अन्य सरकारी नौकरियों में भर्ती करने पर विचार कर सकती है जो कठिन चयन प्रक्रिया से गुजरे और केवल अंतिम चरण में असफल रहे। यदि यह सुझाव स्वीकृत हो जाता है तो इससे अभ्यर्थियों में परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।

यह सिफारिश वास्तव में उम्मीदवारों के अनुकूल है। प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए कई साल तक अध्ययन करने वाले उम्मीदवारों पर तनाव कम होगा और अंतिम चरण में असफल रहने वाले उम्मीदवारों को अन्य सरकारी नौकरियों में योग्य समझा जाएगा जिससे उनका मनोबल बरकरार रहेगा। UPSC अध्यक्ष ने आगे यह भी कहा कि जब कोई उम्मीदवार परीक्षा के लिए आवेदन करता है तो आवेदन के लिए एक पंजीकरण संख्या जेनेरेट होगी। उम्मीदवारों को स्टेप डाउन का विकल्प दिया जाएगा और आगे इससे कोई समस्या नहीं होगी। यह सब स्वैच्छिक आधार पर किया जाएगा और किसी भी छात्र के लिए कोई मजबूरी नहीं होगी।

केंद्र सरकार देश के सभी परीक्षाओं को उम्मीदवारों के अनुकूल बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। हर साल सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, यह लगभग अपरिहार्य हो गया है। अगर इस सिफ़ारिश को मंजूरी मिल जाती है तो यह मील का पत्थर साबित होगी। मेधावी उम्मीदवारों को सरकारी क्षेत्र में नौकरी पाने का एक और मौका मिलेगा। इससे देश में कुशल और रोजगार योग्य उम्मीदवारों की समस्या को सुलझाने में भी मदद मिलेगी। आशा है कि इस सिफारिश को सरकार से मंजूरी मिल जाएगी।

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