बोर्ड व इंजीनियरिंग परीक्षा में कैसे करें लॉग टेबल का प्रयोग? ये videos करेंगी आपकी मदद

क्या है लघुगणक (Logarithm)?

स्कॉटलैंड के महान गणितज्ञ बैरन जॉन नेपियर ने सन् 1614 में लघुगणक यानि Logarithm की खोज की जिसका प्रयोग संख्यात्मक अभिकलनों (Numerical calculations) से संबंधित जटिल समस्सयाओं को आसानी से हल करने में किया जा सकेl

यह 7 ट्रिक्स अपनाने से कोई भी बन सकता हैं गणित में ज़ीरो से हीरो

परिभाषा:

यदि a एक धनात्मक संख्या है, a > 0 तथा a≠1 के लिए ax = m हो, तो हम कहते हैं कि आधार a पर m का लघुगणक x है, जिसे इस प्रकार लिखा जाता है:

ax = m ↔ logam = x,

यहाँ:

  • log लघुगणक यानि logarithm का संक्षिप्त रूप हैl
  • a को लघुगणक का आधार कहा जाता है.

उदहारण:

(i) 102 = 100↔ log10100 = 2

(ii) 34 = 81 ↔ log381 = 4          

नीचे लघुगणक के कुछ विशेष फ़ॉर्मूले दिए गए हैं:

महत्व:

लघुगणक के प्रयोग से गुणा और भाग जैसी जटिल प्रक्रियाओं को जोड़ और घटाने जैसी अपेक्षाकृत सरल क्रियाओं में बदल दिया जाता है। 

इन आठ फ़ार्मूलों को जानने के बाद आपको Algebra लगेगा बेहद आसान

टिप्पणी:

CBSE कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में अक्सर पूछे जाते हैं ये कुछ सवाल... आपके लिए जानना है ज़रूरी

लघुगणक सारणी (Logarithm table) व उसका प्रयोग:

किसी भी संख्या का लघुगणक ज्ञात अकरने के लिए लघुगणक सारणी का उपयोग किया जाता हैl अधिक्तर बच्चों को लघुगणक सारणी का प्रयोग करने में मुश्किल आती है अतः लघुगणक जैसा सरल विषय उनके लिए बेहद मुश्किल साबित होता हैl

आज इस लेख में हम आपको विडियो की मदद से क्रमवार तरीके से लघुगणक सारणी का प्रयोग कर किसी संख्या का लघुगणक ज्ञात करना सिखायेंगेl

नीचे दी गयी वीडियोस को देखें:

विडियो 1. लघुगणक सारणी का प्रयोग: मौलिक ज्ञान

विडियो 2. लघुगणक सारणी का प्रयोग: प्रशन हल करना

विडियो 3. लघुगणक सारणी का प्रयोग: प्रशन हल करना

विडियो 4. लघुगणक सारणी का प्रयोग: प्रशन हल करना

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