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जर्नलिज्म बनाम मास कम्युनिकेशन : कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए कौन-सा कोर्स है बेहतर?

क्या आप मीडिया के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं? लेकिन, ढेरों कोर्सेज उपलब्ध होने के कारण आप अक्सर कन्फ्यूज रहते हैं कि आप कौन-सा कोर्स करें? अच्छा, चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि आपके जैसे कई स्टूडेंट्स इस मुश्किल में फंसे हैं. मीडिया क्षेत्र में कई महत्वाकांक्षी छात्र ऐसे हैं, जिन्हें यह समझ नहीं आता है कि वे मीडिया के क्षेत्र में आखिर कौन-सा कोर्स करें? इसके अलावा, अधिकांश छात्र दो प्रसिद्ध और पसंदीदा कोर्सेज, जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में से अपने लिए कोई एक कोर्स चुनने के बारे में अक्सर कंफ्यूज रहते हैं. हालांकि, ये दोनों ही कोर्स आपस में काफी संबद्ध हैं लेकिन, इनसे संबद्ध करियर काफी भिन्न हैं. इन दोनों कोर्सेज में से अपने लिए कोई कोर्स चुनने से पहले आपके लिए यह समझना काफी महत्वपूर्ण है कि इनमें से कौन-सा कोर्स आपके करियर ऑप्शन के लिए ज्यादा अनुकूल है.

जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में अंतर

जर्नलिज्म व्यापक रूप से न्यूज़ रिपोर्टिंग के साथ संबद्ध है जबकि मास कम्युनिकेशन में मीडिया के विभिन्न किस्म आते हैं ताकि मेसेज, सूचना आदि का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही लोगों का मनोरंजन और ज्ञान वर्धन किया जाए. जर्नलिज्म के तहत न्यूज़पेपर्स, मैगजीन्स, टीवी, रेडियो या डिजिटल मीडियम में न्यूज़ रिपोर्टिंग शामिल होती है. इसी तरह, विभिन्न मीडियम्स के आधार पर, जर्नलिज्म को मुख्य रूप से 3 बड़े भागों में बांटा जा सकता है जैसे: प्रिंट (अर्थात न्यूज़पेपर्स और मैगजीन्स), इलेक्ट्रॉनिक (अर्थात टीवी और रेडियो) और ऑनलाइन जर्नलिज्म. इसलिये, आप अपनी रूचि के अनुसार इन मीडियम्स से संबद्ध कोई कोर्स कर सकते हैं.

मास कम्युनिकेशन के लिए, आप यह कह सकते हैं कि मीडिया के कई क्षेत्रों जैसेकि, थिएटर, रेडियो, टीवी, फिल्म निर्माण, जर्नलिज्म, एडवरटाइजिंग, पब्लिक रिलेशन्स और अन्य संबद्ध मीडिया क्षेत्रों के लिए व्यापक तौर पर एक ही शब्द ‘मास कम्युनिकेशन’ का इस्तेमाल किया जाता है. संक्षेप में, मास कम्युनिकेशन व्यापक रूप से मीडिया को कवर करता है जबकि, जर्नलिज्म में केवल न्यूज़ और उससे संबद्ध कार्य शामिल होते हैं.

 

वाइल्ड लाइफ जर्नलिज्म में सुनहरे करियर के आसार

सामान्य मानदंडों के आधार पर उक्त दोनों क्षेत्रों में मुख्य अंतर आगे प्रस्तुत हैं: 

कोर्स की विषयवस्तु

जर्नलिज्म की विषयवस्तु में मुख्य रूप से पोलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स, कम्युनिकेशन थ्योरी, जर्नलिज्म हिस्ट्री और रिसर्च मेथोडोलॉजी विषय शामिल हैं. इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक फैक्ट्स, सैद्धांतिक ढांचे के साथ ही एक मध्यस्थ एजेंसी के तौर पर मीडिया की भूमिका से छात्रों को परिचित करवाना होता है. लेकिन, मास कम्युनिकेशन में वे मुद्दे शामिल होते हैं जिनका सामाजिक सरोकार और सामाजिक प्रभाव काफी व्यापक होता है इसमें जर्नलिस्ट्स और राइटर्स द्वारा प्रस्तुत राय और महत्वपूर्ण आर्टिकल शामिल होते हैं.

कंटेंट टाइप

जर्नलिज्म अपने पाठकों या दर्शकों को घटनाओं का सटीक विवरण देने के साथ ही वास्तविक फैक्ट्स का विवरण मुहैया करवाता है लेकिन, मास कम्युनिकेशन में स्थानीय, राष्ट्रीय या अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर लोगों को जानकारी दी जाती है. इसके लिए मल्टीमीडिया प्लेटफॉर्म्स की सहायता ली जाती है और जरुरी नहीं इस जानकारी या सूचना का कोई विशेष आशय हो.  

रचनात्मक आजादी की गुंजाइश

इस संबंध में जर्नलिज्म का दायरा कुछ ज्यादा सीमित है और इसमें ऐसे पेशेवरों की जरूरत रहती है जो अपनी राय देने के बजाय फैक्ट्स बतायें. उन्हें सिर्फ यह बताना होता है कि कब, कहां, किस समय, क्या हुआ है? ........और घटना का हूबहू विवरण देना होता है. मास कम्युनिकेशन का दायरा इससे काफी व्यापक होता है और इसमें राइटर्स के पास ज्यादा विकल्प होते हैं. 

कोर्स ऑफरिंग्स

ग्रेजुएशन लेवल पर जर्नलिज्म में अक्सर प्रिंट, डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक मीडियम्स शामिल होते हैं और पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए आप उक्त में से कोई एक मीडियम चुन सकते हैं. जबकि मास कम्युनिकेशन में आप विभिन्न न्यूज़ मीडियाज के लिये न्यूज़ या करेंट अफेयर्स के बारे में लिखते हैं. अगर आप मास कम्युनिकेशन को एक विषय के रूप में पढ़ते हैं तो आपको मास मीडिया के क्षेत्र में संचालित ह्यूमन कम्युनिकेशन की विभिन्न प्रक्रियाओं और बारीकियों के बारे में भी जानकारी हासिल करनी होगी. इसमें  आप ह्यूमन कम्युनिकेशन का अध्ययन करेंगे और यह जानकारी हासिल करेंगे कि लोगों की विशाल संख्या तक कोई सूचना या जानकारी फ़ैलाने के लिए आप ह्यूमन कम्युनिकेशन का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं?

कौन-कौन से कोर्स किये जाते हैं ऑफर?

आजकल, जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन के क्षेत्र में छात्रों को ढेरों कोर्सेज ऑफर किये जाते हैं क्योंकि अबतक, इन दोनों ही कोर्सेज के तहत ढेरों विषय समाविष्ट किये जा चुके हैं. कुछ प्रमुख विषय या कोर्सेज इस प्रकार हैं: बैचलर्स इन जर्नलिज़म, बैचलर्स इन जर्नलिज़म एंड मास कम्युनिकेशन, बैचलर्स इन मास मीडिया एंड मास कम्युनिकेशन तथा बैचलर्स इन कम्युनिकेशन स्टडीज और क