रिज्यूम में शामिल न करें ये ख़ास शब्द, बनेगा इम्प्रेसिव रिज्यूम  

आपका इम्प्रेसिव रिज्यूम या करिकुलम विटे (CV) ऐसा डॉक्यूमेंट होता है जो आपको अपनी ड्रीम जॉब दिलवाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण रोल प्ले करता है. इसलिए, अक्सर कैंडिडेट्स अपने रिज्यूम में अपने स्किल्स और उपलब्धियों का बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन कर देते हैं. हालांकि, एक इम्प्रेसिव रिज्यूम आपके व्यक्तित्व के सभी आस्पेक्ट्स की सटीक और महत्त्वपूर्ण जानकारी पेश करता है.

अब, एक और ख़ास बात यह है कि, रिक्रूटर्स और/ या इंटरव्यूर्स हर रोज़ अनेक रिज्यूम्स देखते हैं और वे आपकी शेखी को तुरंत पहचान लेते हैं. दरअसल, आपको बड़ी सावधानी से यह निर्धारित करना चाहिए कि आप अपने रिज्यूम में क्या लिखें और क्या न लिखें?

यहां हम कुछ ऐसे शब्दों की लिस्ट पेश कर रहे हैं जो आपको अपने रिज्यूम में शामिल नहीं करने चाहिए. इन शब्दों को अपने रिज्यूम में शामिल न करने से इंटरव्यूअर के सामने आपकी पॉजिटिव इमेज बनेगी और फिर, आपको अपनी ड्रीम जॉब जरुर मिलेगी. आइये आगे पढ़ें यह आर्टिकल:

ऑब्जेक्टिव

अगर आप किसी भी रिक्रूटर से पूछें, ऐसा कौन-सा प्वाइंट है जो आप किसी रिज्यूम में सबसे पहले देखते हैं?.....और उनका जवाब निश्चित रूप से ‘ऑब्जेक्टिव’ ही होगा. अक्सर जॉब इंटरव्यू देते समय कैंडिडेट्स का एकमात्र ऑब्जेक्टिव जॉब प्राप्त करना होता है जिसके बारे में रिज्यूम में लिखना बिलकुल भी जरुरी नहीं है. इसी तरह, अधिकांश कैंडिडेट्स ‘ऑब्जेक्टिव’ हेडिंग के तहत अपनी करियर समरी लिख देते हैं, जोकि गलत है. इसलिए, आप अपने रिज्यूम के एक हिस्से के तौर पर ऑब्जेक्टिव हेडिंग लिखने से तब तक बचें जब तक कि आपने अपने करियर और गोल के बारे में निश्चित तौर पर कुछ निर्णय न लिया हो और आप उस निर्णय को इंटरव्यूअर के सामने पेश न करना चाहें.

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पीपल पर्सन

‘पीपल पर्सन’ एक घिसापिटा फ्रेज है जो रिक्रूटर्स और इंटरव्यूर्स पसंद नहीं करते हैं. पीपल पर्सन होना एक क्वालिटी या स्किल नहीं है जो आपका ऑब्जेक्टिव हो, यह तकरीबन हरेक जॉब की आवश्यकता है फिर चाहे आप किसी भी जॉब के बारे में सोचें. इसके अलावा, केवल अपने रिज्यूम में पीपल पर्सन लिख देने से ही इंटरव्यूअर अन्य वर्कर्स/ लोगों के साथ जुड़ने और सहयोग करने की आपकी क्षमता के बारे में यकीन नहीं कर लेते हैं और आप अपनी इस क्षमता का कोई विशेष सबूत भी नहीं दे सकते हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि, किसी जॉब की तलाश करने वाले अधिकांश यंगस्टर्स के सीवी में यह फ्रेज अक्सर नजर आता है और अधिकतर इंटरव्यूर्स और रिक्रूटर्स इसे आपके रिज्यूम में एक फिलर की तरह देखते हैं और इसे आपका स्किल या क्वालिटी नहीं मानते हैं.

टीम प्लेयर

यह एक अन्य वाक्यांश/ फ्रेज है जो इंटरव्यू देने वाले कैंडिडेट्स अपने रिज्यूम या सीवी में यूं ही लिख देते हैं, जबकि उन्हें वास्तव में इसके अर्थ या आवश्यकता के बारे में सही समझ नहीं होती है. तकरीबन हरेक जॉब, जिसके लिए आप अप्लाई करते हैं, उसमें आपसी सहयोग और तालमेल जरुरी होता है. इसलिए, एक टीम प्लेयर के तौर पर यह टीमवर्क या सहयोग आपकी पहली आवश्यकता है लेकिन ऐसी क्वालिटी बिलकुल नहीं है जिसकी जरूरत किसी संगठन को हो.

इसलिए, खुद को केवल एक टीम प्लेयर के तौर पर जाहिर करने के बजाए आप यह बताएं कि किस तरह आपने अपनी पूर्व जॉब/ जॉब्स या कॉलेज के दिनों में अन्य कलीग्स के साथ सहयोग किया था? आप यह भी बता सकते हैं कि, एक टीम प्लेयर के तौर पर आपके एफर्ट्स से संगठन को अपने टारगेट्स प्राप्त करने में कैसे सहायता मिली या फिर, कंपनी की लागत में कमी आई या कंपनी को सामान्य रूप से कोई फायदा हुआ. ये कुछ ऐसे प्वाइंट्स हैं जिनपर इंटरव्यूअर का ध्यान तुरंत जाता है.   

रिक्वेस्ट पर रेफेरेंसेज

एक और अन्य रीसेंट ट्रेंड जो इंटरव्यू देने वाले कैंडिडेट्स के बीच अक्सर देखा जाता है, वह यह है कि उनके रिज्यूम के अंत में ‘रिक्वेस्ट पर रेफेरेंसेज उपलब्ध’ लिखा होता है. इस फ्रेज को अपने रिज्यूम में लिखना अब आवश्यक नहीं रहा है क्योंकि कोई भी संगठन या इंटरव्यूअर आपकी प्रोफाइल को क्रॉस वेरीफाई करने के लिए ही रेफ़रेंस मांगेंगे. अगर उन्हें आपसे रेफ़रेंस चाहिए होंगे तो वे आपसे स्पष्ट तौर पर इस बारे में कहेंगे.

सबसे खास बात तो यह है कि अगर आपके पास कोई उपयुक्त रेफ़रेंस है जिससे इंटरव्यूअर कॉन्टेक्ट कर सकें तो आप उन रेफ़रेंसेज को सीक्रेट रखने के बजाय अपने रिज्यूम के शुरू में ही उन्हें मेंशन करें. अपने रिज्यूम के सबसे निचले हिस्से में ‘रिक्वेस्ट पर रेफेरेंसेज उपलब्ध’ लिखना आपके डॉक्यूमेंट में किसी अन्य काफी महत्वपूर्ण लाइन को छोड़ देने का कारण बन जाएगा. इसलिए, जहां तक संभव हो इस फ्रेज को अपने रिज्यूम में शामिल करने से बचें.

नेगोशिएबल सैलरी

आजकल की बहुत ज्यादा कॉम्पीटीटिव जॉब मार्केट में, इस बात की काफी ज्यादा संभावना है कि कैंडिडेट केवल इस वजह से ही किसी मनचाही जॉब को प्राप्त करने के सुनहरा मौका खो दें कि उनकी सैलरी नॉन-नेगोशिएबल है. इसलिए, रिज्यूम जैसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट में अपनी सैलरी को नेगोशिएबल के तौर पर उल्लिखित करना केवल एक औपचारिकता ही है. इसके साथ ही ‘सैलरी नेगोशिएबल’ का यह भी मतलब है कि, आपके पास अपने रिज्यूम में कुछ ज्यादा महत्वपूर्ण बताने के लिए नहीं है और आप अपने रिज्यूम में सिंपल फैक्ट्स को मेंशन कर रहे हैं. इसलिए, इस प्वाइंट को भी अपने रिज्यूम में लिखने से बचें.

यहां हमने आपकी सहूलियत के लिए 5 बहुत आसान और स्पष्ट प्वाइंट्स दिए हैं जिन्हें आपके रिज्यूम में देखना इंटरव्यूर्स बिलकुल पसंद नहीं करते हैं. इसलिए आप उक्त प्वाइंट्स को अपने रिज्यूम में शामिल करने से जरुर बचें. अगर आपको ऐसे ही किसी अन्य घिसेपिटे फ्रेज या शब्द के बारे में पता है जो आपको अपने रिज्यूम में कभी नहीं मेंशन करने चाहिए, तो नीचे कमेंट देकर हमें इस बारे में अवश्य बताएं.

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