SSC ऑनलाइन परीक्षाओं में विफलता से आप क्या सीख सकते हैं?

SSC परीक्षाओं में, विफल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या, सफल होने वालों उम्मीदवारों की तुलना में काफी अधिक है। अब, एक सवाल उठता है कि क्यों अधिकांश उम्मीदवार SSC परीक्षा में विफल हो जाते हैं। इसका उत्तर - सफल उम्मीदवारों का विश्लेषण करने के बजाय असफल उम्मीदवारों की गलतियों का विश्लेषण करने में मिल सकता है।

SSC- SSC CGL , SSC CHSL, SSC JE, SSC GD कांस्टेबल, SSC CPO SI/ ASI  और अन्य परीक्षाओं के माध्यम से सरकारी विभागों और मंत्रालयों में विभिन्न पदों के लिए पूरे भारत में परीक्षा आयोजित करता है। इन परीक्षाओं में प्रतिस्पर्धा का स्तर बहुत कड़ा और कठिन होता है। यहां तक कि एक गलती भी इन परीक्षाओं में चयन की संभावनाओं को कम कर सकती है। ज्यादातर उम्मीदवार साधारण गलतियों के कारण असफल हो जाते हैं और ये गलतियां बहुत मूर्खतापूर्ण होती हैं। इसके अलावा, यह आपकी रणनीति पर भी निर्भर करता है. जो आपको विफलता की ओर ले जाती है। यदि आप एक दोषरहित रणनीति अपनाते हैं, तो आपको इच्छित परिणाम मिलेगा और इसके विपरीत दोषपूर्ण नीति से आप परीक्षा में विफल हो सकते हैं।

इस लेख में, हम कई उम्मीदवारों द्वारा अपनाई गई तैयारी की रणनीति में त्रुटियों और SSC परीक्षाओं में विफलताओं से क्या सीखा जा सकता है, पर चर्चा करेंगे. आइए- इन तथ्यों पर एक नज़र डालते हैं-

परीक्षा पैटर्न को समझें

ऐसे कई उम्मीदवार हैं, जो परीक्षा के दिन भी परीक्षा पैटर्न के बारे में पूरी तरह से अवगत नहीं होते हैं। इस समस्या का मुख्य कारण- परीक्षा का नोटिफिकेशन न पढ़ना है। ऐसे कई उम्मीदवार हैं, जो नोटिफिकेशन पढ़ना जरूरी नहीं मानते हैं।

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जैसा कि हम जानते हैं कि ज्यादातर उम्मीदवारों को परीक्षा में नकारात्मक अंकन और आवंटित समय अवधि के बारे में भी जानकारी नहीं होती है। ऐसे कई उम्मीदवार हैं, जो किसी विशेष प्रश्न को हल करने में काफी समय व्यतीत करते हैं जिससे अंत में हल किये गए प्रश्नों की संख्या काफी कम होती है। इसके अलावा, ऐसे कई उम्मीदवार हैं, जो पूछे जाने वाले प्रश्नों के उचित उत्तर के अंतर्ज्ञान के बिना भी प्रश्नों को ज्यादा से ज्यादा हल करते हैं।

अधिक अध्ययन सामग्री से बचें

अधिकांश उम्मीदवार जरूरी पुस्तकों के अलावा, 3-4 किताबों से अध्ययन करते हैं। ऐसी कई किताबें और अन्य अध्ययन सामग्री, आप बाजार से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, इन सभी सामग्रियों का अध्ययन करना भी संभव नहीं हैं और जहाँ तक हैं यह आवश्यक भी नहीं है। आपको हमेशा विश्वसनीय और स्टैण्डर्ड किताबों को ही रेफ़र करना चाहिए, जिन्हें विशेष रूप से SSC परीक्षाओं के लिए ही डिज़ाइन किया जाता है। विभिन्न लेखकों की पुस्तकों को पढ़ने से आपको कभी भी SSC परीक्षाओं में सफलता हांसिल करने में मदद नहीं मिलेगी। इससे समय और धन की बर्बादी के अलावा कुछ भी प्राप्त नहीं होता है।

इसके साथ, हमने यह देखा है कि उम्मीदवार एक टॉपिक चुनते हैं और इसे फिर 3-4 किताबों से तैयार करते हैं। यह भी एक प्रकार से समय की बर्बादी है।

अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं को कम महत्व दें

SSC परीक्षाओं में उपस्थित होने वाले उम्मीदवार आम तौर पर, एक से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अध्ययन करते हैं। वे मानते हैं कि अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों का परीक्षा पैटर्न और कठिनाई का स्तर काफी समान होता है और यह सत्य नहीं है। एक साथ कई परीक्षाओं की तैयारी इन परीक्षाओं के महत्व और प्राथमिकताओं को कम कर सकती है। इस तरह की मल्टीटास्किंग, इन परीक्षाओं के अलावा जीवन के विभिन्न पहलुओं में भी विफलता का मुख्य कारण होती है। अधिकांश उम्मीदवार ओवर स्मार्ट बनते हैं और अंत में उन्हें निराशा प्राप्त होती हैं। मल्टीटास्किंग एक मिथक है।

मल्टीटास्किंग के दौरान हकीकत में, आप अपने बहुमूल्य समय को अधिक तनाव और अस्तव्यस्तता के साथ बिताएंगे। इसलिए, सबसे पहले, आपको अपनी वरीयताओं को सीमित करना होगा। याद रखें कि कुछ परीक्षाएं समय-विशिष्ट होती हैं, जबकि अन्य परीक्षाएं प्रासंगिक सामग्री के बारे में आपके ज्ञान का परीक्षण करती हैं। अत: अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर जोर न दें।

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ऑफलाइन तैयारी से ही शुरू करें

प्रारंभ में कुछ अच्छी किताबों की सहायता से पेन और पेपर मोड में ऑफ़लाइन तैयारी शुरू करना अच्छा है। हालांकि, SSC परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए इतना पर्याप्त नहीं है। ऑफ़लाइन तैयारी आपको सटीकता, गति और आत्मविश्वास विकसित करने में मदद करती है।

इसके अलावा, आपको ऑनलाइन परीक्षा का अनुभव भी होना चाहिए क्योंकि ऑफलाइन परीक्षा में बैठना ऑनलाइन परीक्षा से बिल्कुल अलग होता है। हमने कई उम्मीदवारों को देखा है, जो पेन और पेपर मोड परीक्षा में बहुत अच्छे होते हैं, लेकिन ऑनलाइन SSC परीक्षा में वे सफल नहीं हो पाते हैं। कारण सरल है- यदि आप पैदल चलकर साइक्लिंग दौड़ जीतना चाहते हैं, तो ऐसा करना लगभग असंभव हैं.

इसलिए,  जब भी आप सभी टॉपिक्स को पूरा पढ़ लेते हैं तब ऑनलाइन मोड में पूर्ण-समयावधि के प्रश्न पत्र का अभ्यास करना बहुत आवश्यक हो जाता है। कई पेपर का प्रयास करने से आपको वास्तविक परीक्षा के लिए अपनी रणनीति विकसित करने में भी मदद मिलेगी। इसके विपरीत, ऑनलाइन मॉक टेस्ट्स के प्रयास में विफल होने से वास्तविक परीक्षा में आपमें घबराहट बढ़ सकती है।

नोट्स बनाएँ

नोट्स अध्ययन करने का एक ज़बरदस्त तरीका है और आप नोट्स को पेन और पेपर मोड में अध्ययन के दौरान तैयार कर सकते हैं। यह आपको जल्दी से दोहराने में भी मदद करता है क्योंकि आपके पास अपनी नोटबुक पर सभी महत्वपूर्ण तिथियां, सूत्र, सूचनाएँ इत्यादि पहले से ही मौजूद होती हैं. इससे आप परीक्षा से पहले सभी तथ्यों को देख सकते हैं।

यह सलाह दी जाती है कि नोट्स बुधिमत्ता से बनाएँ। यदि आप पूरी किताब को नोट्स के रूप में लिख रहे हैं, तो आप नोट्स नहीं तैयार कर रहे हैं। नोट्स परीक्षा के समय तैयारी के अनुकूल होने चाहिए। इसलिए, नोट्स तैयार करने में सतर्क रहें।

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रिवीजन की योजना बनाएँ

आत्मविश्वास, एकाग्रता, और संदेहों को मिटाने के लिए रिविजन बहुत जरूरी है। आप जो कुछ भी पढ़ चुके हैं यदि उसे दोहराने में आप विफल रहते हैं, तो आप बहुत कुछ भूल सकते हैं और आपका अंतिम प्रदर्शन मात्र संतोषजनक ही होगा। रिविजन में अनभिज्ञता परीक्षा के दौरान आखिरी पलों में अनियोजित ट्रिक्स में समाप्त हो सकता है। आप देख सकते हैं कि रिविजन के बिना निरंतर अध्ययन आपकी तैयारी को ख़राब कर सकता है क्योंकि जैसे-जैसे आप अध्ययन में प्रगति करेंगे, आप पाएंगे कि आप पहले से पढ़ी गई चीजें भूलते जा रहे हैं। ऐसा आमतौर पर होता है और इससे आपके आत्मविश्वास के स्तर को बड़े पैमाने पर आघात पहुँचता है। शुरुआत से ही पूरी अध्ययन सामग्री को दोहराना भी बहुत मुश्किल है। इसलिए, अगले विषयों पर जाने से पहले, पहले से ही विज़िट किए गए विषयों को दोहराने की सलाह दी जाती है।

रिविजन के समय, आप पढ़े हुए टॉपिक्स को 3 बार दोहराने का नियम पालन करें। इसका मतलब है कि आप जो कुछ भी पढ़ते हैं; आपको विज़िट किए गए विषयों को कम से कम 3 बार दोहराने के लिए योजना बनानी चाहिए। आदर्श रूप से, आप अगले दिन से रिविजन शुरू कर सकते हैं या इसके लिए साप्ताहिक / मासिक आधार पर योजना बना सकते हैं। साप्ताहिक और मासिक रिविजन के लिए, आप एक दिन फिक्स कर सकते हैं जब आप केवल रिविजन करेंगे। हम यह कह सकते हैं कि -रिविजन काटने से  बिलकुल पहले ब्लेड को तेज करने की तरह है। अत: इसे गंभीरता से लें.

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यदि आपको “SSC ऑनलाइन परीक्षाओं में विफलता से आप क्या सीख सकते हैं?” के बारे में दी गयी जानकारी उपयोगी लगी हो तो SSC परीक्षा 2018 के बारे में इस तरह की अधिक जानकारी के  लिए  https://www.jagranjosh.com/staff-selection-commission-ssc  पर विजिट करें.

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