त्रिकोणमिति SSC CGL में है परन्तु IBPS में नहीं- क्यों?

SSC द्वारा प्रदत्त कई पदों में उच्च स्तर के क्वांटिटेटिव और गणितीय कौशल की आवश्यकता होती हैं। इस प्रकार के पदों में SSC जूनियर इंजीनियर, SSC-वैज्ञानिक सहायक, SSC-सिलेक्शन पोस्ट्स, और SSC CGL की कुछ विशिष्ट पोस्ट्स सम्मिलित है जिन्हें SSC की इन परीक्षाओं द्वारा भरा जाता हैं। त्रिकोणमिति बाकी अन्य महत्वपूर्ण खंडो में से एक है जिसमें से कई प्रकार के सवाल, SSC CGL सहित अन्य कई प्रतियोगी परीक्षाओं से पूछे जाते है। बैंकिंग परीक्षा को छोड़कर लगभग सभी सरकारी परीक्षाओं में इन सवालों को पूछा जा सकता हैं। इसके अलावा, त्रिकोणमिति के पाठ्यक्रम में बेसिक त्रिकोणमितीय समीकरण, ऊंचाई, और दूरी, कोण की माप, और रेडियन इत्यादि चैप्टर्स से सवाल पूछे जाते है|

अब, यह सवाल उठता है, " त्रिकोणमिति से सवाल केवल SSC परीक्षा में पूछे जाते हैं, लेकिन बैंकिंग या IBPS की परीक्षा में नहीं है - ऐसा क्यों ". इसका उत्तर जानने के लिए, हमें दोनों क्षेत्रों में उपयोग की जाने वाली उन स्किल्स के बारें में जानना होगा जिनके लिए त्रिकोणमिति खंड की आवश्यकता पड़ती होगी. इस लेख में, हम SSC में त्रिकोणमिति के शामिल किए जाने और बैंकिंग परीक्षा में इसे छोड़े जाने के कारणों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। आइये-इसके बारें में जानते हैं-

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त्रिकोणमिति: क्यों यह SSC CGL है परन्तु IBPS में नहीं है?

त्रिकोणमिति सर्वांग रूप से कोणों की माप और उनसे सम्बंधित दूरी / अनुपातों की गणना करने के बारें में है। इसे अन्य कई स्ट्रीम्स के अंतर्गत इस्तेमाल किया जाता है जिनमें भू-भौतिकी, वास्तुकला, ध्वनिकी, खगोल विज्ञान, संख्या सिद्धांत, भौतिक विज्ञान, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि सम्मिलित है| त्रिकोणमिति और ज्यामिति का गहन ज्ञान SSC में चयन होने के बाद कई पदों के कार्य-क्षेत्रों में आगे उपयोग किया जाता है| आयोग त्रिकोणमिति के ज़रिये आपमें निम्नलिखित बातों का परीक्षण करके इस बात का आश्वासन प्राप्त करना चाहता है कि एक उम्मीदवार प्रदत्त पोस्ट के लिए कितना उपयोगी है?

समस्या का व्यावहारिक हल

बैंको में किसी समस्या का समाधान करने के लिए आपको संचार कौशल, वित्त व डाटा प्रोसेसिंग के लिए बैंकों द्वारा इस्तेमाल किये जाने वालें सॉफ्टवेयर की ज्यादा-से-ज्यादा जानकारी होना आवश्यक है। दूसरी ओर, SSC द्वारा प्रदत्त सरकारी नौकरियों में, आपको प्रतिदिन कामकाज के दौरान विभिन्न तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा और उस स्थिति में, यह केवल वित्तीय मुद्दों के लिए नहीं बल्कि वैज्ञानिक समस्याओं और कार्य प्रोफाइल के अंतर्गत सुरक्षा से संबंधित मुद्दों से सम्बंधित होता है| अत: आपको सभी छोटी और बड़ी माप का व्यावहारिक ज्ञान होना चाहिए। त्रिकोणमितीय सवाल के माध्यम से आपके मस्तिस्क की वातावरण में उपस्तिथि और  सामने आई समस्याओं की समझ की जांच की जाती है।

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तार्किक दृष्टिकोण

वित्तीय संस्थानों में, समस्याओं आम तौर पर वित्त से सम्बंधित होती हैं और आप उन्हें बैंकों द्वारा दिए गए मैनुअल को देखकर हल कर सकते हैं। जबकि, सरकारी कार्यालयों में, आपको हमेशा एक तार्किक मानसिकता के साथ कार्य करना होता है और इसके लिए आपमें तार्किक और व्यावहारिक दृष्टि से सोचने की क्षमता का होना आवश्यक है। त्रिकोणमिति ऐसा विषय है, जो इस तरह के परिदृश्यों में इस्तेमाल किया जाता है। यह न केवल वैज्ञानिक या इंजीनियरिंग क्षेत्रों में बल्कि विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों में भी प्रयोग किया जाता है।

विविध ज्ञान

IBPS परीक्षा में, आपके ज्ञान के अलावा आपकी गति का भी परिक्षण किया जाता हैं। IBPS, इसके माध्यम से यह जांचता है कि आप बेसिक गणित अर्थात् जोड़, घटाव, गुणा, लाभ और हानि, ब्याज की गणना इत्यादि में कितने अच्छे है| जबकि SSC CGL इस प्रकार की परीक्षा की तुलना में कुछ कठिन है, जिसमे आपको त्रिकोणमिति, ज्यामिति, क्षेत्रमिति, बीजगणित इत्यादि के सवालों से भी निपटना होता है| रोजमर्रा के काम में, आपको प्रदत्त विविध नौकरी प्रोफाइल में इनका उपयोग करना होगा जो कार्य आपको एक बार नौकरी में आने पर दिए जायेंगे|

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लॉजिक की अभिव्यक्ति

IBPS परीक्षा में, आपको ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सवाल भले ही लंबे क्यों न हों लेकिन मुश्किल नहीं होंगे । इसलिए, आपको इन सवालों को हल करने में अधिक समय देना पड़ता है। हालांकि, SSC में, आयोग आपके ज्ञान का परीक्षण इस बात से करना चाहता है कि आप अपने विचारों और धारणा को कैसे व्यक्त करते हैं। ऊंचाई और दूरी के सवालों में, आपको वर्णित समस्या के अनु रूप चित्र को निरुपित करना होता है और आप यह समस्या को ठीक से समझे बगैर कभी नहीं कर सकते हैं। त्रिकोणमिति, किसी समस्या को समझने की आपकी क्षमता और उन्हें हल करने के लिए आपके दृष्टिकोण का मूल्यांकन करने के लिए सबसे उपयुक्त अध्याय है। (दृष्टिकोण का तात्पर्य, समस्याओं को समझने, समाधान खोजने के लिए प्रश्न में निहित मान को पहचानने व इस मानों के उपयोग करके अन्य दूसरे ज़रूरी मानों को ज्ञात करने, और मेथड्स/ फार्मूले के माध्यम से प्रश्न में कैसे आगे बढें, से है।)

त्रिकोणमिति समस्याओं  को SSC CGL परीक्षा में ही पूछा जाता है क्योंकि वहाँ विभिन्न पदों में इसकी आवश्यकता होती है। हालांकि, IBPS में, इस तरह के गणितीय कौशल का कोई उपयोग नहीं है। बैंकिंग का काम करने के लिए  उपयोग में लाये जाने वाले सॉफ्टवेयर की समझ और उत्कृष्ट संचार कौशल की आवश्यकता होती है| स्पष्टत: जितने कौशल की आवश्यकता SSC की नौकरियों में होती है उतने कौशल की आवश्यकता बैंकिंग में नहीं होती है क्योंकि बैंकों में समस्याओं को हल करने के लिए मैनुअल / प्रक्रियाओं पहले से ही आपको प्रदान किये जाते है जिनके अनुसार आपको उन्हें हल करना होता हैं। इसके अलावा, समस्यायें अधिकतर एक ही प्रकार की होती हैं अत: आपको अन्य बातों का ज्ञान होने की जरूरत नहीं है, लेकिन  आपको बैंकिंग में इस प्रकार के कामों में अच्छा व तीव्र गति का होना चाहिए| इसी गुण का IBPS आप में परीक्षण करती है, जबकि SSC आपमें समस्या की ओर आपका दृष्टिकोण, लॉजिकल थिंकिंग, लॉजिकल एक्सप्रेशन आदि को सुलझाने का परीक्षण करती है इसलिए, अंतर सिर्फ आवश्यक स्किल्स सेट में है| इसी की वजह है कि पूछे जाने वालें सवाल IBPS और SSC CGL में भिन्न होते हैं।

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